पंचकूला फंड घोटाले में फंसे IAS राम कुमार सिंह कौन हैं? जानिए HCS अधिकारी से CBI गिरफ्तारी तक की पूरी कहानी
punjabkesari.in Saturday, Jun 20, 2026 - 11:15 AM (IST)
पंचकूला (चन्द्र शेखर धरणी) : पंचकूला नगर निगम में 79.46 करोड़ रुपए के फंड घोटाले में हरियाणा के आईएएस अधिकारी रामकुमार सिंह को गिरफतार किया गया है। घोटाले के आरोपी राम कुमार सिंह का सेलेक्शन पहले हरियाणा सिविल सर्विसेज में हुआ था। 2012 में एचसीएस से आईएएस के प्रमोशन के लिए जारी की गई लिस्ट में इनका नाम था। मगर 2019 तक चली कानूनी लड़ाई के बाद बतौर आईएएस ऑफिसर प्रमोट हुए।
राजनीति विज्ञान में मास्टर ऑफ आर्ट्स की डिग्री धारी आरके सिंह ने 10 जुलाई, 2025 से 28 जनवरी, 2026 तक पंचकूला नगर निगम आयुक्त का पद संभाला था। इसी दौरान शहरी स्थानीय निकाय में धन का गबन हुआ। जब यह मामला उछला तो हरियाणा सरकार ने उन्हें 8 अप्रैल 2026 को निलंबित कर दिया था।
निलंबित होने से पहले आरके सिंह राजस्व और आपदा प्रबंधन के विशेष सचिव और पंचकूला मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी के अतिरिक्त सीईओ के पद पर तैनात थे। उनके पास 27 जुलाई 2025 से 28 जनवरी 2026 तक डीएमएफ का भी चार्ज रहा। इनकी रिटायरमेंट 30 नवंबर 2027 को होनी है। इससे पहले ही सीबीआई ने आर के सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
जांच के दौरान पता चला है कि सिंह ने दुबई में कथित तौर पर बेटे के खाते में 2.5 करोड़ रुपये की रकम ट्रांसफर की थी। इसके अलावा करनाल में करीब 15 एकड़ कृषि भूमि और कथित बेनामी संपत्तियां शामिल हैं। सीबीआई ने इसी आधार पर आर के सिंह को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा जून के पहले सप्ताह में गिरफ्तार किए गए सीनियर अकाउंटेंट सुरेंद्र जैन का वह बयान भी आरके सिंह की गिरफ्तारी में अहम रहा, जिसमें उसने कबूला था कि मैंने चेक पर साइन कमिश्नर के कहने पर किए।
हरियाणा सरकार के 8 विभागों के करीब 504 करोड़ रुपए फर्जी एफडी, डेबिट नोट और जाली दस्तावेजों के जरिए निकालकर शेल कंपनियों में ट्रांसफर किए गए। इसी घोटाले में पंचकूला नगर निगम के खाते से भी 79.46 करोड़ रुपए निकालने का आरोप है।