अंबाला में भयंकर तनाव, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर चलाए आंसू गैस के गोले...मंड के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग
punjabkesari.in Thursday, Aug 13, 2026 - 08:54 PM (IST)
अंबाला (अमन कपूर) : अंबाला के पंजोखरा साहिब में गुरसिमरन सिंह मंड के साथ हुए विवाद का मामला अब लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। मंड के साथ मारपीट के मामले में सिख युवाओं की गिरफ्तारी के विरोध में पंजोखरा साहिब में सिख समाज की अहम बैठक हुई।

बैठक के बाद सिखों ने दिल्ली-अमृतसर नेशनल हाईवे-44 को जाम करने का फैसला लिया। जब सिख समुदाय के लोग हाईवे की तरफ बढ़े तो पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया।

अंबाला के पंजोखरा को जाने वाले रास्ते में पड़ते एनसीसी स्कूल के बाहर ही पुलिस ने सिख प्रदर्शनकारियों को रोक लिया , जहां तनाव बढ़ते ही पुलिस ने आंसु गैस के गोले दागने शुरू कर दिए। स्कूल की छुट्टी के समय हुई इस कार्रवाई के कारण बच्चे स्कूल के अंदर फंस गए। परिजनों में अफरा-तफरी मच गई।
रात तो जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा तो एक DSP भी इस दौरान घायल हो गए हैं। DSP के हाथ में गंभीर चोट लगी है। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की बेरिकेडिंग भी तोड़ दी। जिस करके पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे।


गुरसिमरन सिंह मंड के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग
हाईवे पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने से लंबा जाम लग गया। प्रदर्शन कर रहे सिख समाज की मांग है कि गुरसिमरन सिंह मंड के साथ मारपीट के मामले में गिरफ्तार किए गए युवाओं को रिहा किया जाए और गुरसिमरन सिंह मंड के खिलाफ FIR दर्ज की जाए।

सिख समाज का कहना है कि जब तक उनकी दोनों मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक हाईवे जाम नहीं खोला जाएगा। फिलहाल मौके पर पुलिस बल तैनात है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

माहौल तनावपूर्ण
सिख समाज के प्रतिनिधि गिरफ्तार युवाओं की रिहाई और गुरसिमरन सिंह मंड के खिलाफ FIR की मांग कर रहा है। फिलहाल पंजोखरा साहिब से लेकर NH-44 तक तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। पुलिस प्रशासन की ओर से स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास जारी हैं।

जानें क्या है मामला
हरियाणा के अंबाला स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा पंजोखरा साहिब में श्री गुरु हरकिशन साहिब के प्रकाश पर्व के अवसर पर 7 अगस्त को माथा टेकने पहुंचे IAKTF (ऑल इंडिया कीर्तन फैडरेशन) के नेशनल प्रेसिडेंट गुरसिमरन सिंह मंड की गाड़ी पर हमला किया था। जानकारी के अनुसार, विवाद तब शुरू हुआ जब गुरसिमरन सिंह मंड की गाड़ी की चपेट में आने से एक पाठी का पैर घायल हो गया। गाड़ी पाठी के पैर पर चढ़ने की घटना से मौके पर मौजूद लोग भड़क गए और उन्होंने इसका कड़ा विरोध जताया।