लिंगानुपात सुधार में गुरुग्राम रहा टॉप पर, दशक में पहली बार छुआ सबसे बड़ा मुकाम

Monday, January 8, 2018 7:30 PM
लिंगानुपात सुधार में गुरुग्राम रहा टॉप पर, दशक में पहली बार छुआ सबसे बड़ा मुकाम

गुरुग्राम (ब्यूरो ): गुरुग्राम में सालाना प्रति 1000 लड़कों पर लड़कियों के जन्मदर का आंकड़ा दशक में पहली बार 900 से ऊपर पहुंच चुका है। 2017 में गुरुग्राम का लिंगानुपात 901 रहा, जो पिछले साल से 2 प्रतिशत ज्यादा है। 2016 में गुरुग्राम का लिंगानुपात 883 और 2015 में 875 रहा। जिले में सबसे ज्यादा लिंगानुपात भंगरोला का है। वहीं गुरुग्राम सिटी जोन में सबसे ज्यादा बच्चों ने जन्म लिया। आंकड़ों के अनुसार इनकी संख्या 14,909 बताई जा रही है।

जिले में 2017 में कुल 27,665 बच्चों ने जन्म लिया, जिनमें 14,551 लड़के और 13,114 लड़कियां शामिल थीं। 2017 में सबसे ज्यादा लिंगानुपात भंगरोला गांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का रहा जिसमें लड़कियों का जन्मदर 1,089 रहा। वहीं सबसे कम लिंगानुपात 850 नमौल गांव का रहा। 

लिंगानुपात में हरियाणा पिछड़े पायदान पर
जिला प्रशासन का कहना है कि कन्या भ्रूण हत्या पर सख्ती के साथ लिंगानुपात को बेहतर बनाने के कई कदम उठाए गए हैं। बता दें कि 2011 की जनगणना के आंकड़ों के मुताबिक हरियाणा लिंगानुपात के मामले में सबसे पिछड़े राज्यों में शामिल हैं। यही वजह है कि 2015 में प्रधानमंत्री ने हरियाणा से ही बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान शुरू किया था। 

अधिकारियों ने कहा कि सभी नंबरों को सुधारा गया है। मुख्यमंत्री ने मार्च 2017 में 1,000 लड़कों के लिए 950 लड़कियां जन्म देने की रिपोर्ट के लिए बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ टीम के प्रदर्शन की सराहना की थी। हालांकि,गुरुग्राम के लिए यह आश्चर्यजनक नहीं है क्योंकि 2010 के बाद लिंग अनुपात में लगातार सुधार हुआ है, 2010 में लिंगानुपात 841 के करीब था।



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