पंजाब की AAP सरकार के मंत्री मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार, 7 दिन के रिमांड पर

punjabkesari.in Sunday, May 10, 2026 - 08:16 AM (IST)

गुड़गांव, (ब्यूरो): Enforcement Directorate (ईडी) ने पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के मंत्री संजीव अरोड़ा को चंडीगढ़ सेक्टर-2 स्थित उनके आवास से मनी लॉन्ड्रिंग के केस में गिरफ्तार किया है। उन्हें गिरफ्तार करने के बाद दिल्ली लाया गया जहां करीब 10 घंटे तक उनसे पूछताछ की गई। इसके बाद ईडी ने उनके दिल्ली और गुड़गांव के पांच ठिकानों पर रेड की। ईडी के अधिकारियों की मानें तो मंत्री संजीव अरोड़ा ने अपनी फर्मों के जरिए मोबाइल खरीद की करीब 157.12 करोड़ रुपए की फर्जी बिक्री और शेल कंपनियों के माध्यम से फर्जी एक्सपोर्ट किए। 

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गिरफ्तार किए जाने के बाद कल रेड के दौरान जब ईडी उन्हें गुड़गांव लाई तो यहां उनके ठिकाने पर छापेमारी करने के बाद ईडी ने कई दस्तावेज अपने कब्जे में लिए। इसके बाद देर रात को उन्हें गुड़गांव कोर्ट में ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया। यहां ईडी ने कोर्ट से मंत्री संजीव अरोड़ा का 10 दिन का रिमांड मांगा था, लेकिन कोर्ट ने 7 दिन का रिमांड मंजूर किया। संजीव अरोड़ा के वकील अर्जुन ने बताया कि करीब दो घंटे तक यहां कोर्ट में दोनों पक्षों की बहस हुई। 

 

एडवोकेट अर्जुन ने बताया कि हमने अपना इश्यू रेज किया है जिसमें 5 मई को ईडी ने केस दर्ज करने के साथ ही बिना जांच किए ही 9 मई को मंत्री संजीव अरोड़ा को गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने कहा कि यह पूरा राजनीतिक षड़यंत्र है जिसके तहत संजीव अरोड़ा को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि करीब दो घंटे तक कोर्ट में बहस चली और उसके बाद ऑर्डर लिखने में दो घंटे का समय लग गया। रात करीब एक बजे कोर्ट ने उनका 7 दिन का रिमांड मंजूर किया है। उन्होंने कहा कि पहले भी ईडी ने रेड की थी और आज भी रेड की, लेकिन ईडी को कुछ नहीं मिला। उन्होंने  बताया कि कोर्ट ने ईडी से कहा है कि जब दस्तावेज हैं तो क्या ईडी ने कस्टम विभाग से भी जांच की है अथवा नहीं। इसकी जांच रिपोर्ट भी रिमांड पूरा होने के बाद ईडी को कोर्ट मेंं पेश करनी है। मामले में अब 16 मई को ईडी द्वारा मंत्री को गुड़गांव कोर्ट मेंं पेश किया जाएगा।

 

वहीं, ईडी के अधिकारियों की मानें तो दुबई से भारत में अवैध रकम की राउंड ट्रिपिंग के लिए इन सामानों के एक्सपोर्ट का इस्तेमाल किया गया। फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट और एक्सपोर्ट पर जीएसटी रिफंड तथा ड्यूटी ड्राबैक लेने क लिए दिलली की गैर मौजूद फर्मों से कई फर्जी जीएसटी खरीद बिल हासिल किए गए। इससे सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचा।  ईडी अधिकारियों के मुताबिक नी लॉन्ड्रिंग केस में हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड और मंत्री संजीव अरोड़ा से जुड़ी संस्थाओं के बैंक खातों, डीमेट होल्डिंग्स और अचल संपत्तियों को अस्थाई तौर पर अटैच किया गया है। यह अटैचमेंट आदेश विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम 1999 की धारा 37(3) और आयकर अधिनियम की धारा 132(9B) के तहत जारी किए गए जिसके तहत जांच को सही ढंग से सिरे चढ़ाने के लिए 180 दिन के लिए यह अटैचमेंट की गई है।

 

ईडी ने गुड़गांव के उद्योग विहार स्थित हैम्पटन स्काई रियलिटी के परिसर, उसके प्रमुख शेयरधारक मैसर्स फाइंडोक फिनवेस्ट प्राइवेट लिमिटेड के कायार्लयों और संजीव अरोड़ा, काव्या अरोड़ा हेमंत सूद और चंद्र शेखर से जुड़े स्थानों पर की गई तलाशी और जब्ती की कार्रवाई के बाद की है। इस संबंध मेंं सामने आए अंतरिम कुर्की आदेश के अनुसार कंपनी ने अपने निदेशकों, कर्मचारियों और संबंधित व्यक्तियों के साथ मिलकर फर्जी बिक्री और निर्यात को दर्शाने के लिए कथित तौर पर शेल संस्थाओं के एक नेटवर्क के माध्यम से फर्जी खरीद चालान तैया किए।

 

ईडी ने आरोप लगाया कि 157.12 करोड़ रुपए के कुल घोषित एक्सपोर्ट के मुकाबले 102.50 करोड़ रुपए के लेनदेन केवल यूएई स्थित दो संस्थआओं मैसर्स फोर्टबेल टेलीकॉम और मैसर्स ड्रेगन ग्लोबन के माध्यम से किए थे। ईडी ने दवा किया कि फोर्टबेल टेलीकॉम, मैसर्स फोर्टबेल गैजेट्स प्राइवेट लिमिटेड आपस मेु जुड़ी हुई हैं जिसके मालिक हेमंत सूद और चंद्र शेखर हैं। एजेंसी को जांच में संबंधित विदेशी संस्थाओं के माध्यम से धन की राउंड ट्रिपिंग का संदेह पैदा हुआ है। जब्त की गई संपत्तियों में उपरोक्त के अलावा लुधियाना, मोहाली की अचल संपत्तियां भी शामिल हैं। 


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Content Editor

Pawan Kumar Sethi

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