फसल अवशेष जलाने की सूचना देने के बावजूद भी नहीं हुई कार्रवाई

11/13/2019 2:11:34 PM

रेवाड़ी (गंगाबिशन) : वायु प्रदूषण व स्मॉग की रोकथाम को लेकर सरकार ने बेशक लाखों रुपए खर्च कर लोगों को बताया हो कि अवशेष जलाने पर शिकायत करे लेकिन रेवाड़ी में धरातल पर इस पर कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई। पराली जलाने की सूचना देने के बावजूद न तो कोई संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचा और न ही कोई कार्रवाई की गई। संबंधित अधिकारियों ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि आज छुट्टी है। लिखित शिकायत मिलने के बाद ही वर्किंग-डे में वे कार्रवाई अमल में लाएंगे। 

जानकारी अनुसार जिला के गांव बोहतवास अहीर में मंगलवार को एक किसान ने अपने खेत में पड़े धान की फसल के अवशेष को दिन-दिहाड़े आग के हवाले कर दिया। बड़े-बड़े 2 ढेरों में लगाई गई आग से निकला धुआं पर्यावरण को प्रदूषित कर रहा था। इसकी सूचना देने हेतु मीडिया पर्सन ने रेवाड़ी के एग्रीकल्चर कार्यालय में मोबाइल फोन द्वारा संपर्क किया तो कार्यालय के चौकीदार ने कहा कि गुरु पर्व की छुट्टी के चलते कोई अधिकारी यहां मौजूद नहीं है। 

यह कहना है ए.डी.ओ. भागिन्द्र सिंह का
संबंधित ए.डी.ओ. भागिन्द्र सिंह से जब बात की गई तो उन्होंने कहा कि लिखित शिकायत मिलने के बाद ऐसे मामलों पर कार्रवाई की जाती है। इन मामलों को लेकर एक टीम गठित की गई है और वही टीम इस पर कार्य करेगी। मिले जवाब के बाद पता चल गया कि पराली जलाने के मामलों को लेकर प्रशासन कितना चुस्त है। दिलचस्प बात यह है कि यह पहला मामला नहीं है जो यहां अवशेष जलाया गया है। इससे पूर्व भी लगभग 6-7 किसानों ने अवशेषों को आग के हवाले किया गया है लेकिन यह स्मॉग आने से थोड़े दिन पहले जलाया गया था।  

यह कहना है गांव के सरपंच का
इस मामले में जब बोहतवास अहीर के सरपंच महेश कुमार से बात की गई तो उन्होंने कहा कि अवशेष न जलाने को लेकर मुनादी करवाई हुई है। आज जलाया गया अवशेष मात्र थोड़ा-बहुत फफूंद है। फिर भी वे दोबारा से मुनादी करवा देते हैं। संबंधित किसान को समझाया जाएगा। उनके गांव में आज तक किसी ने पराली नहीं जलाई है।  
 


Isha

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