हंसी-मजाक के बीच थमीं हेडवार्डर की सांसे ; पिता के भोग पर आए थे घर, परिवार में पसरा मातम
punjabkesari.in Saturday, May 09, 2026 - 09:13 PM (IST)
कुरुक्षेत्र (कपिल शर्मा): हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के गांव ठोल में उस समय मातम पसर गया, जब पिता के भोग में शामिल होने के लिए छुट्टी लेकर घर आए जेल हेडवार्डर की अचानक मौत हो गई। खेत में पशुओं के बाड़े में काम करवाते समय वे मजदूरों और मिस्त्री के साथ हंसी-मजाक कर रहे थे। इसी दौरान अचानक उनका मुंह टेढ़ा हो गया और वे जमीन पर गिर पड़े। परिवार के लोग तुरंत उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों ने मौत का कारण हार्ट फेल बताया है।
मृतक की पहचान 53 वर्षीय कुलदीप सिंह निवासी गांव ठोल के रूप में हुई है, जो जिला जेल कैथल में हेडवार्डर के पद पर तैनात थे। उनके बेटे साहिल सांगवान, जो पेशे से वेटरनरी डॉक्टर हैं, ने बताया कि उनके दादा करनैल सिंह का 19 अप्रैल को निधन हो गया था। चार मई को उनका भोग कार्यक्रम रखा गया था। इसी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कुलदीप सिंह 3 मई को छह दिन की छुट्टी लेकर गांव आए थे।
कुलदीप ने 8 मई को दोबारा ड्यूटी जॉइन करनी थी
परिवार के अनुसार कुलदीप सिंह को 8 मई को दोबारा ड्यूटी जॉइन करनी थी। ड्यूटी पर लौटने से पहले वे घर और खेत के कुछ जरूरी काम निपटाना चाहते थे। इसी के चलते 7 मई को उन्होंने खेत में बने पशुओं के बाड़े में मिट्टी भराव और मरम्मत का काम लगवाया हुआ था। साहिल ने बताया कि उन्होंने पिता को आराम करने के लिए भी कहा था, लेकिन उन्होंने यह कहते हुए मना कर दिया कि अगले दिन ड्यूटी पर जाना है, इसलिए काम पूरा करवाना जरूरी है।

बताया गया है कि दोपहर करीब 12 बजे कुलदीप सिंह बाड़े में मौजूद मजदूरों और मिस्त्री के साथ बातचीत और हंसी-मजाक कर रहे थे। तभी अचानक उनका मुंह टेढ़ा हो गया और वे बेसुध होकर जमीन पर गिर पड़े। बेटे साहिल ने तुरंत उन्हें संभाला और सीपीआर देने की कोशिश की। इसके बाद उन्हें तुरंत अंबाला के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
कुलदीप पूरी तरह से स्वस्थ थे
परिजनों के अनुसार कुलदीप सिंह पूरी तरह स्वस्थ थे और उन्हें किसी प्रकार की गंभीर बीमारी नहीं थी। उनकी अचानक मौत से परिवार और गांव के लोग सदमे में हैं। साहिल ने बताया कि उनके पिता साल 2002 में हरियाणा पुलिस में कांस्टेबल के पद पर भर्ती हुए थे। करीब चार वर्ष पहले उन्हें प्रमोशन मिली थी, जिसके बाद वे जेल विभाग में हेडवार्डर बने थे।
पत्नी सुनीता और इकलौते बेटे को छोड़ गए
कुलदीप सिंह अपने पीछे पत्नी सुनीता और इकलौते बेटे साहिल सांगवान को छोड़ गए हैं। परिवार ने गांव में ही उनका अंतिम संस्कार कर दिया। दादा के भोग में शामिल होकर लौटे रिश्तेदारों और परिचितों को जब इस घटना की जानकारी मिली तो हर कोई स्तब्ध रह गया।
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