सरकारी अस्पताल में ऑपरेशन के लिए मांगी गई रिश्वत, पीड़ित ने वीडियो बनाकर किया खुलासा

punjabkesari.in Saturday, Jun 11, 2022 - 08:33 PM (IST)

ऐलनाबाद(सुरेन्द्र सरदाना): ऐलनाबाद के सरकारी अस्पताल में ऑपरेशन करने के नाम पर आठ हजार रुपए रिश्वत लेने का मामला सामने आया है। रिश्वत  प्रकरण की वीडियो शिकायतकर्ता ने अपने मोबाइल में कैद कर ली है।  इस रिश्वतखोरी का पर्दाफाश आम आदमी पार्टी हरियाणा के जोन प्रवक्ता एवं विधानसभा के प्रत्याशी कृष्ण वर्मा ने पीड़ित को साथ ले जाकर अस्पताल के ही अंदर  आकर किया। 

जल्दी ऑपरेशन करवाने के लिए मांगी गई थी रिश्वत

गांव धोलपालिया के रहने वाले  सुभाष कुमार  ने बताया कि 24 मई 2022 को उसकी विधवा चाची कौशल्या का बच्चादानी का ऑपरेशन हुआ था। इसकी एवज में उस  से आठ हजार रूपए लिए गए। पीड़ित व्यक्ति सुभाष ने बताया कि बीमारी  के कारण उसकी चाची काफी तंग हो रही थी, लेकिन आर्थिक तंगी के चलते उनका इलाज नहीं हो पा रहा था। वह  ऐलनाबाद के सरकारी  अस्पताल में उनका ईजाल करवाने के लिए आए थे। पहले तो जांच के नाम  पर उसके कई चक्कर कटवाए गए लेकिन सही इलाज नही किया गया। एक दिन वहां मौजूद एक व्यक्ति ने उन्हें  बताया कि जल्द ऑपरेशन करवाना है तो आप मुंशी राम से मिल लो। जब वह  मुंशीराम नामक व्यक्ति से मिला तो उसने कल ही ऑपरेशन करवाने की हां भरते हुए उसके बदले  में आठ हजार रुपए की मांग की। सुभाष ने बताया कि  उसके पास पैसे नहीं थे, लेकिन बीमारी के चलते  उसकी चाची काफी परेशान थी। इसलिए  उसने कुछ लोगों  से रुपए इकट्ठे किए व  अगले ही दिन सुबह आठ बजे अस्पताल पहुंच गया। सुभाष ने बताया कि रिश्वतखोरी से परेशान होकर उसने रुपए लेने वाले को सबक सिखाने का मन बना लिया और  वीडियो  बनाने के लिए अपना मोबाइल ऑन करके जेब में  रख लिया। मुंशी राम  उसको अस्पताल की चारदीवारी के अंदर की गाडी में मिला और बोला कि वह ऑपरेशन का सामान लेने जा रहा है।  जब शिकायतकर्ता ने आठ हजार रुपए से कुछ रुपए  कम करवाने की भी कोशिश की तो मुंशीराम ने साफ मना कर दिया और कहा कि अगर बाहर से ऑपरेशन करवाओगे  तो 30 हजार रूपए लगेंगे।

एसएमओ का दावा, रिश्वत लेने वाला अस्पताल का स्टाफ सदस्य नहीं

इस मामले को लेकर एसएमओ हरप्रीत कौर ने कहा कि आज से पहले उनके संज्ञान में ऐसा कोई मामला नहीं आया था और यह आज ही उनके संज्ञान में आया है । लेकिन इतना जरूर है कि जो व्यक्ति  वीडियो में आठ हजार रुपए की मांग कर रहा है, वह उनके  सरकारी अस्पताल का स्टाफ सदस्य नहीं है। उस व्यक्ति की पहचान और मामले की जांच के लिए वे उच्च अधिकारियों को भेज देंगे। जैसा ही निर्देश उन्हें मिलेगा उसके अनुरूप आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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Content Writer

Vivek Rai

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