वाहवाही लूटने के लिए Cars24 ने जलभराव में चलाई नाव, पुलिस पर जुर्माना लगाने का फैलाया भ्रम, पोल खुली तो बैकफुट पर आई कंपनी
punjabkesari.in Tuesday, Aug 11, 2026 - 10:52 PM (IST)
गुड़गांव, (ब्यूरो): गुड़गांव में हुई बारिश के दौरान जलभराव में वाहवाही लूटने और अपनी कंपनी का प्रचार करने के लिए पुरानी गाड़ियों की खरीद-बिक्री करने वाली कंपनी Cars24 ने नाव चला दी। एमजी रोड पर चलाई इस नाव के जरिए कंपनी ने न केवल जिला प्रशासन पर तंज कसा बल्कि लोगों की मदद करने की भी बात कही। इसको लेकर सोशल मीडिया पर वीडियाे वायरल करने के साथ ही एक पोस्ट भी अपडेट की गई। पोस्ट में पुलिस और प्रशासन पर बोट सीज करने और 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाए जाने का दावा भी किया गया, लेकिन जब मामले की जानकारी गुड़गांव पुलिस तक पहुंची तो कंपनी के अधिकारी बैकफुट पर आ गए और पूरी हकीकत सोशल मीडिया पर बयां कर दी। इसके साथ ही कंपनी की तरफ से गुड़गांव प्रशासन और पुलिस से गलत जानकारी सोशल मीडिया पर सांझा कर छवि खराब करने के लिए माफी भी मांगी।
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दरअसल, पिछले दिनों गुड़गांव में हुई मूसलाधार बारिश के बाद चारों ओर जलभराव हो गया था। इस जलभराव से हर कोई त्रस्त नजर आ रहा था। जलभराव के दौरान Cars24 कंपनी की तरफ से गुड़गांव प्रशासन और पुलिस पर तंज कसते हुए नीले रंग की एक नाव को इस जलभराव में उतारा गया और जलभराव को प्रशासनिक नाकामी बताते हुए वीडियो बनाया गया और सोशल मीडिया पर वायरल किया गया। Cars24 की वरिष्ठ अधिकारी प्राची शर्मा ने जलभराव की समस्या पर कटाक्ष करते हुए सड़क पर बाकायदा एक नाव उतार दी। इस नाव में जलभराव में फंसे लोगों को बैठाकर सुरक्षित स्थानों और उनके घरों तक छोड़ा गया। प्राची शर्मा ने इस पूरी घटना का वीडियो और फोटो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर करते हुए लिखा कि जब कमर तक पानी भरने से गाड़ियां बंद हो जाएं, तो राहगीरों के पास नाव ही एकमात्र सहारा बचती है।

सोमवार को शेयर की गई पोस्ट में शुरुआत में दावा किया गया था कि जलभराव वाली सड़क पर नाव चलाने के जुर्म में कंपनी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना (चालान) लगाया है। प्राची शर्मा की यह पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल होने लगी। प्राची शर्मा के इस पोस्ट पर 1,939 से अधिक लोगों ने लाइक किया, 161 लोगों ने कमेंट कर प्रतिक्रिया दी और 26 लोगों ने इसे री-पोस्ट किया। इसके साथ ही गुड़गांव निवासियों ने गुड़गांव प्रशासन और पुलिस के खिलाफ अपना गुस्सा सोशल मीडिया पर जाहिर करना शुरू कर दिया। लोगों ने गुड़गांव प्रशासन पर करोड़ों रुपए खर्च करने के बाद भी सुविधाओं के नाम पर डूबता गुड़गांव दिए जाने के आरोप लगाए।

जब मामला गुड़गांव प्रशासन और गुड़गांव पुलिस के सामने पहुंचा तो प्रशासन ने साफ किया कि कंपनी की तरफ से जलभराव वाली स्थिति में दूसरों के लिए खतरा उत्पन्न किया गया, लेकिन कंपनी पर किसी भी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की गई। कंपनी की तरफ से जुर्माना लगाए जाने को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है। इसके बाद मंगलवार को पोस्ट को संपादित करते हुए प्राची शर्मा ने स्पष्ट किया कि चालान नहीं कटा, बल्कि उस नाव को तैयार करने में 50 हजार रुपये का खर्च आया था। इसके साथ ही उन्होंने गुड़गांव प्रशासन और गुड़गांव पुलिस से इस तरह के भ्रम फैलाने के लिए माफी भी मांगी।

आपको बता दें कि जलभराव में नाव चलाने की यह पहली घटना नहीं है। बीते साल भी मानसून के दौरान मेदांता अस्पताल के पास पानी भरने पर लोगों ने विरोध स्वरूप नाव चलाई थी। उससे पहले भी लोगों द्वारा जलभराव के दौरान गुड़गांव की सड़कों पर नाव चलाई जा चुकी हैं।