हरियाणा को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की कवायद!, एक्शन मोड में आए मुख्यमंत्री खट्टर

1/19/2021 2:19:10 PM

चंडीगढ़ (संजय अरोड़ा): पहले कोविड-19 और अब पिछले करीब साढ़े तीन माह से चल रहे किसान आंदोलन के बीच मनोहर सरकार तमाम तरह की चुनौतियों से पार पाते हुए अब हरियाणा के आम बजट की तैयारियों में जुट गई है। हरियाणा में रेलवे और विकास की महत्वपूर्ण परियोजनाओं को पूरा कराने और बजट को लेकर स्वयं मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर एकशन मोड में आ गए हैं। इसी कड़ी में उन्होंने सोमवार को दिल्ली में केंद्रीय वित मंत्री निर्मला सीतारमण और केंद्रीय रेलवे मंत्री पीयुष गोयल के संग गहन मंथन किया। इस वित वर्ष में मनोहर सरकार प्रदेश को आर्थिक संकट से उभारकर विकास की पटरी पर लाने के प्रयास में जुटी हुई है।

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उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर इसी साल जनवरी के शुरूआत में दो बार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर चुके हैं, हालांकि शाह से हुई मुलाकात किसान आंदोलन व प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर की गई बताते हैं और अब प्रदेश के बजट को लेकर उन्होंने वित मंत्री निर्मला सीतारमण और केंद्रीय रेल मंत्री पीयुष गोयल से मीटिंग की। मुख्यमंत्री खट्टर ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से वर्चुअल मीटिंग की जबकि रेल मंत्री पीयूष गोयल से उनके कार्यालय में मिले।  

उन्होंने वित्त मंत्री से कोविड-19 के लिए 2000 करोड़ रुपए के अलावा सूक्ष्म सिंचाई परियोजना, शहरी व ग्रामीण विकास को लेकर खास तौर पर चर्चा की और करीब 5000 हज़ार करोड़ के  विशेष पैकेज की भी डिमांड की, जबकि पीयूष गोयल से हरियाणा से संबंधित रेल परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की । उल्लेखनीय है कि पिछली बार हरियाणा का आम बजट 142343.78 करोड़ रुपए था। कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण व शहरी विकास और सामाजिक अधिकारिता पर बजट में अधिक ध्यान दिया जाता है। इस बार भी बजट में करीब 7 प्रतिशत की वृद्धि की संभावना जताई जा रही है और इस बार भी विकास और शिक्षा, कृषि व स्वास्थ्य पर खास फोकस रहने की उम्मीद है।

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चढूनी पर बोला बड़ा हमला
दिल्ली में केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने भारतीय किसान यूनियन के नेता गुरनाम सिंह चढूनी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि इस तरह के लोगों के मंसूबे कभी कामयाब नहीं होंगे और ये लोग अब धीरे-धीरे जनता के सामने एकसपोज हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग काली करतूतें करने में लगे हैं। ये सरकार और समाज को अस्थिर करने की साजिश रचते हैं, लेकिन ऐसे लोगों को कोई कामयाबी नहीं मिलने वाली है और हम 5 साल का कार्यकाल मज़बूती के साथ पूरा करेंगे। उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन के नाम पर चढूनी जैसे लोग ओछी हरकत कर रहे हैं जो निंदनीय हैं ।

कोरोना में चुनौतियों से पार पाया
अक्तूबर 2019 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को 40 सीटों पर जीत मिली और 10 सीटों पर जजपा को। भाजपा ने जजपा और कुछ आजाद विधायकों संग मिलकर सरकार बनाई। सरकार बनने के कुछ माह बाद ही मार्च माह के दूसरे पखवाड़े में कोरोना ने दस्तक दे दी। 17 मार्च को गुरुग्राम में कोरोना का पहला केस सामने आया। इसके बाद कोविड-19 के चलते राज्य में चार चरण का लॉकडाउन रहा। इससे आर्थिक असर पड़ने के अलावा बाजार पर भी असर दिखा। 

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कोरोना में चुनौतियों के बीच प्रदेश सरकार ने अस्थायी मंडियां स्थापित कर अप्रैल और मई माह में गेहूं, सरसों की खरीद की और पैसा सीधा किसानों के खाते में डाला। इसके बाद रबी सीजन में धान का रकबा कम करने के लिए सरकार मेरा पानी मेरी विरासत योजना लेकर आई। कोरोना संक्रमण कम होने के बाद मनोहर सरकार ने प्रदेश को आर्थिक पटरी पर लाने के लिए काम तेज कर दिया है और इसी कड़ी में मुख्यमंत्री खुद कमान संभाल लगातार दिल्ली दरबार में दस्तक दे रहे हैं।


vinod kumar

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