CM नायब सैनी का बड़ा फैसला: अब ट्यूबवेल नहीं, नहरी पानी से होगी हर घर में सप्लाई
punjabkesari.in Wednesday, Aug 26, 2026 - 10:40 AM (IST)
चंडीगढ़( चंद्र शेखर धरणी): हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेशवासियों को शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध करवाने को सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल बताया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर परिवार तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना सरकार की जिम्मेदारी है और इसके लिए जलापूर्ति व्यवस्था को लगातार मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को पेयजल से जुड़ी परियोजनाओं में गुणवत्ता और दीर्घकालिक उपयोगिता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आज चंडीगढ़ में जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों के साथ प्रदेश में जलघरों और पेयजल आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में विभिन्न जिलों में पेयजल व्यवस्था, जलघरों की मौजूदा स्थिति और पानी की गुणवत्ता से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जहां पुराने वाटर वर्क्स ईंटों से बने हुए हैं, उन्हें चरणबद्ध तरीके से आरसीसी यानी सीमेंट-कंक्रीट आधारित बनाया जाए।
466 पुराने वाटर वर्क्स होंगे आरसीसी आधारित
सरकार की योजना के तहत प्रदेश में ईंटों से बने 466 वाटर वर्क्स को आरसीसी आधारित किया जाएगा। इस कार्य पर करीब 1,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि आधुनिक और मजबूत संरचना वाले जलघरों से पेयजल भंडारण तथा आपूर्ति व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भूमिगत जल के कारण कई क्षेत्रों में पानी की गुणवत्ता प्रभावित होने की स्थिति सामने आती है। ऐसे में जलापूर्ति के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ वैकल्पिक जल स्रोतों को बढ़ावा देना भी आवश्यक है। इसी दिशा में सरकार नहरी पानी आधारित जलापूर्ति व्यवस्था को प्राथमिकता दे रही है।
ट्यूबवेल की जगह नहरी पानी पर जोर
बैठक में मुख्यमंत्री ने ट्यूबवेल आधारित वाटर वर्क्स को नहरी पानी आधारित बनाने के निर्देश भी दिए। इसका उद्देश्य भूमिगत जल पर निर्भरता कम करना और लोगों को बेहतर गुणवत्ता वाला पेयजल उपलब्ध करवाना है। सरकार का जोर ऐसी व्यवस्था विकसित करने पर है, जिससे भविष्य में भी प्रदेश के लोगों को पर्याप्त और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।
जलापूर्ति व्यवस्था की लगातार होगी समीक्षा
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि पेयजल आपूर्ति से संबंधित कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। गर्मी के मौसम सहित पूरे वर्ष लोगों को पर्याप्त पानी उपलब्ध करवाने के लिए विभागीय स्तर पर प्रभावी निगरानी जरूरी है। जलघरों की स्थिति, पाइपलाइन व्यवस्था और पानी की गुणवत्ता की नियमित समीक्षा करने पर भी जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देशों से स्पष्ट है कि सरकार केवल पेयजल उपलब्ध करवाने तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि जलापूर्ति के पुराने ढांचे को आधुनिक बनाकर दीर्घकालिक समाधान तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। 466 वाटर वर्क्स को आरसीसी आधारित बनाने और ट्यूबवेल आधारित व्यवस्था को नहरी पानी से जोड़ने की पहल इसी व्यापक योजना का हिस्सा है।
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