कांग्रेस लोगों द्वारा रिजेक्ट की हुई पार्टी है, वह चंद गुंडों के दम पर बटोर रही हाईलाइट : दयाल

4/18/2021 3:46:40 PM

चंडीगढ़ (धरणी) : पहले दौर में कोरोना का दंश झेल चुके मुख्यमंत्री के ओएसडी भूपेश्वर दयाल ने शनिवार को कोरोना की वैक्सीन लगवाई। जिसका एक्सपीरियंस उन्होंने पंजाब केसरी के साथ साझा किया। उन्होंने कहा कि इसकी थोड़ी सी चुभन आपको और आपके परिवार को सुरक्षित रखने वाली साबित होगी। क्योंकि अगर आप इस बीमारी से पीड़ित होंगे तो आपका परिवार आप से अधिक आपके लिए चिंतित होगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि सभी लोग शंकाओं को दूर करके इस वैक्सीन को लगवाएं। यह एक सुनहरा मौका है। साथ ही इस मौके पर उन्होंने सीएम विंडो पर आ रही शिकायतों और उनके समाधान के बारे में विस्तृत चर्चा की। दयाल ने हाल ही में हो रहे भाजपा के सांसदों और विधायकों पर हमलों पर कड़ा संदेश विपक्ष के लोगों को दिया। बातचीत के कुछ अंश आपके सामने प्रस्तुत हैं:-

प्रश्न : आपने कोरोना वैक्सीन लगवाई है। कैसा महसूस कर रहे हैं ?
उत्तर :
प्रभु कृपा से, नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में सभी को वैक्सीन लगवाने का मौका मिल रहा है। जब मेरी उम्र का नंबर आया तो मैंने भी वैक्सीन लगवा ली है।वैक्सीन लगवाने के बाद मुझे एक आत्मविश्वास महसूस हो रहा है। मैंने कोरोना का दंश बहुत लंबे समय तक झेला है। इसलिए इस कष्ट से मैं परिचित हूं। मेरे परिवार और मेरे साथियों ने मेरे साथ इस दुख को सहा है। मुझे काफी अच्छा महसूस हो रहा है।

प्रश्न : आपका कार्य सीएमओ में पब्लिक डीलिंग का रहता है। पहले और दूसरे दौर में काफी परेशानी झेली। उसके बारे में कुछ बताएं ?
उत्तर : 
पहले दौर में माननीय मुख्यमंत्री जी, मैं और मेरे कई साथियों को कोरोना हुआ और अगस्त से नवंबर तक हमारे दफ्तर की वर्किंग भी काफी दिक्कत में रही। मुख्यमंत्री जी को 27 दिन तक एडमिट रहना पड़ा और मैं भी 22 दिन तक अस्पताल में रहा। हमने तो भुगता ही हमारे परिवारों ने भी इसके दंश को भुगता। हम जनता के काम भी इस दौरान नहीं कर सके। एक तरह से सभी को मिलाजुला नुकसान रहा।अब दूसरे दौर में विधानसभा सत्र में एक बार फिर से मेरे 10-12 साथी और 30-40 कर्मचारी कोरोना की महामारी से पीड़ित हो गए। यह बहुत खराब एक्सपीरियंस रहा।

प्रश्न : जो लोग वैक्सीन लगवाने से डरते हैं। उनके लिए क्या कहेंगे ?
उत्तर :
टीके की चुभन एक प्रसव वेदना की तरह है। इस छोटी सी चुभन को लेकर आप बहुत बड़े कष्ट से बच सकते हैं। जिन लोगों को कोरोना हुआ था उनसे बात करें। तब आपको पता चलेगा कि यह कितना बड़ा कष्ट है। बहुत से लोग कोरोना को बड़ी सीरियस बीमारी नहीं मानते हैं। जिन लोगों ने इसे सरवाइव किया है। उनसे पूछे तो शायद लोग उनसे बेहतर मोटिवेट हो पाएंगे। लोगों में बहुत बड़ी भ्रांतियां हैं।आपकी जान को बचाने के लिए यह एक बहुत बड़ा मौका है। न केवल आप बल्कि जो आपके आसपास आपके अपने हैं उन्हें सुरक्षित रखने के लिए यह अति आवश्यक है।

प्रश्न : सीएम विंडो की महत्वपूर्ण और विश्वसनीय जिम्मेदारी आपके पास है। कल सीएम विंडो की मीटिंग हुई। क्या फैसले लिए गए ?
उत्तर : 
कल की मीटिंग में कई महत्वपूर्ण मामले मुख्यमंत्री जी के सामने रखे गए और उन्होंने बड़ी कड़ाई से एक संदेश दिया कि न केवल भ्रष्टाचार के ऊपर हमारी चोट रहेगी, बल्कि काम में दिलाई करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह सख्त संदेश मुख्यमंत्री महोदय ने दिया है।

प्रश्न : क्या आप संतुष्ट हैं कि सीएम विंडो जनता की कसौटी पर खरा उतर रहा है ?
उत्तर :
अपने काम को हर व्यक्ति संतुष्ट और संतोषजनक बताएगा। लेकिन हमारे काम और दूसरों के काम में फर्क है। हम अपनी संतुष्ट की औसत 40 से 42 फ़ीसदी ही बताते हैं। हम उसकी सौ फ़ीसदी का ढिंढोरा नहीं पीटते। लेकिन हमारी कोशिशें हैं कि इसे 42 फ़ीसदी से और आगे ले जाया जाए। हर मीटिंग में मुख्यमंत्री जी के निर्देश संतुष्टि को बढ़ाने के हैं। हम इस मामले में बड़े ईमानदार हैं कि हमारे 58 फ़ीसदी के करीब संतुष्टि नहीं है तो उसे बढ़ाने के लिए हमारी कोशिशें जारी हैं। हमारा आंकड़ा बड़ा पारदर्शी है। हम खुद व्यक्ति से पूछते हैं कि आप संतुष्ट हैं या नहीं। इसमें हमारी तरफ से कोई दावा नहीं है।

प्रश्न : सीएम विंडो पर ज्यादातर शिकायतें किस तरह की आ रही हैं ?
उत्तर :
 ज्यादातर शिकायतें सर्विसेज को लेकर आ रही हैं जो रोजमर्रा की दिक्कते हैं जैसे बिजली के बिल में दिक्कत है, कहीं सीवरेज की, कहीं पानी में दिक्कत है। इस प्रकार की शिकायतें ज्यादातर रहती हैं। अच्छा शेयर भ्रष्टाचार की शिकायतों को लेकर भी है। जो पिछले 6 साल में  सर्विसेज का ट्रेंड बड़ी फुर्ती से  एक्टिवेट हुआ है। हमें इसमें इंटरफेयर की जरूरत नहीं पड़ती। लेकिन भ्रष्टाचार के मामलों में दखल करने की जरूरत रहती है। यह ऐसा दानव है जिसके विरूद्ध लड़ाई बहुत दिनों से जारी है और आगे भी जारी रहेगी।

प्रश्न : क्या भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं ?
उत्तर :
बिल्कुल, कल भी तीन लोगों को नौकरी से निकाला गया है और कई जगह पर प्राथमिकी दर्ज की गई है और आज भी करीब 7 से 8000 भ्रष्टाचार के मामले अंडर इन्वेस्टिगेशन हैं।

प्रश्न : जिस तरह से भाजपा विधायकों और सांसदों के घेराव और पथराव के मामले सामने आ रहे हैं। इस पर आपकी टिप्पणी क्या है ?
उत्तर :
जो मत द्वारा अपनी लड़ाई को नहीं लड़ पा रहे, जो लोगों द्वारा बार-बार रिजेक्ट किए जा रहे हैं। वह सड़कों पर गुंडागर्दी द्वारा चुने हुए प्रतिनिधियों से लड़ने का काम कर रहे हैं। कल हमारे सिरसा के जिलाध्यक्ष ने बहुत अच्छी बात कही मैं उनका अनुमोदन करता हूं कि जो किसान नेता बने हुए हैं आगामी समय में 2 चुनाव आ रहे हैं उन्हें चुनौती देता हूं कि दोनों जगह अपने प्रत्याशी खड़ा करें और अपनी हैसियत देख लें।

प्रश्न : कांग्रेस कृषि कानूनों को लेकर इतनी मुखर क्यों हैं ?
उत्तर :
 क्योंकि कांग्रेस लोगों द्वारा कि रिजेक्ट की हुई पार्टी है। चंद गुंडों के दम पर हाईलाइट बटोर रहे हैं। आप वोट से तो जीत नहीं सकते। पत्थर फेंककर, लोगों के शीशे तोड़कर आप अगर हाईलाइट होना चाहते हैं तो यह आपका अपना मत है। आने वाले चुनावों में जनता बता देगी। हम तो कहते हैं कि किसान मोर्चा भी अपना उम्मीदवार खड़ा करें। किसान मोर्चा कुछ नहीं है। कांग्रेस के ही कार्यकर्ता किसान मोर्चा बनकर घूम रहे हैं।

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Content Writer

Manisha rana

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