हरियाणा में कांग्रेस कहीं स्टैंड नहीं करती, असल में कांग्रेस खत्म हो चुकी है: सुशील गुप्ता

punjabkesari.in Tuesday, May 10, 2022 - 06:20 PM (IST)

चंडीगढ़(धरणी): पंजाब में सत्ता पर काबिज होने के बाद से लगातार आम आदमी पार्टी की सक्रियता प्रदेश में बढ़ती जा रही है। आमतौर पर अपने-अपने दलों से नाराज नेताओं को अपने पाले में लाकर मजबूत संगठन बनाने की दिशा में पार्टी लगातार बढ़ रही है। प्रदेश में "आप" की सक्रियता कांग्रेस के लिए एक बड़े खतरे की घंटी है। क्योंकि सत्ताधारी दल भाजपा के नेताओं में सेंधमारी इतनी आसान नजर नहीं आ रही। वहीं दूसरी तरफ 2024 विधानसभा चुनावों में सत्ता पर काबिज होने के सपने में डूबी कांग्रेस आपसी फूट की शिकार है। कांग्रेस आलाकमान द्वारा पंजाब की तर्ज पर किए गए प्रयोग के चलते प्रदेशाध्यक्ष बदलने और 4 कार्यकारी प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति ने आपसी फूट की आग को और हवा दे दी है। अब दबी जुबान में बोलने वाले नेता "आप" में अपने राजनीतिक भविष्य की तलाश के चलते कभी भी कांग्रेस को झटका दे सकते हैं। पंजाब केसरी ने आम आदमी पार्टी के हरियाणा प्रभारी राज्यसभा सांसद डॉ सुशील गुप्ता से कई महत्वपूर्ण विषयों पर बातचीत की। "आप" सरकार के बाद लगातार खालिस्तानी मूवमेंट में बढ़ोतरी जैसे ज्वलनशील मुद्दों पर भी बातचीत की गई। कुछ अंश आपके सामने प्रस्तुत हैं :-

प्रशन:- कांग्रेस हाईकमान द्वारा शैलजा को रुखसत करके नए प्रदेशाध्यक्ष, कार्यकारी अध्यक्षों की नियुक्ति से राजनीति में क्या अंतर मानते हैं ?

उत्तर:- कांग्रेस के नेता स्वयं उन्हें एक खडेउ की संज्ञा दे रहे हैं। कांग्रेस की आंतरिक गुटबाजी खत्म नहीं हो रही। स्वयं टॉप लेवल के नेता इस फैसले का विरोध कर रहे हैं। कुछ जगह पर प्रदेश अध्यक्ष को बुलाया तक नहीं गया। कहीं इनकी फोटो दिखाई नहीं दी। इनकी आपसी लड़ाई सार्वजनिक है। हम जिस प्रकार से दिल्ली में काम कर रहे हैं, पंजाब में काम करके अपने वायदों पर मोहर लगा रहे हैं, हरियाणा की जनता भी वैसा ही काम चाहती है। केजरीवाल की सरकार हरियाणा में बने जनता की आंतरिक सोच है।29 मई को कुरुक्षेत्र की रैली में स्वयं आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचेंगे, उसके बाद प्रदेश की स्थितियां साफ हो जाएंगी।

प्रशन:- कांग्रेस से नाराज लोगों की लिस्ट में कुलदीप बिश्नोई भी क्या आपके संपर्क में हैं ?

उत्तर:- अभी तो इधर उधर से बातें आ रही हैं। लेकिन आम आदमी पार्टी में किसी कंडीशन के साथ किसी व्यक्ति को नहीं लिया जाता। वह एक स्वस्थ छवि के नेता हैं। भ्रष्टाचार का कोई दाग नहीं है। ऐसा कोई भी व्यक्ति आम आदमी पार्टी में आए स्वागत है।

प्रशन:- क्या कुलदीप बिश्नोई "आप" से नाता जोड़ने के लिए कोशिश कर रहे हैं ?

उत्तर:- कुलदीप बिश्नोई प्रदेश में एक अलग स्थान रखते हैं। उनके पिता प्रदेश के एक वरिष्ठ नेता रहे हैं। उनका भी एक अलग स्थान था।

प्रशन:- क्या कुलदीप बिश्नोई के हाथ बढ़ाने पर आम आदमी पार्टी उन्हें स्वीकार करेगी ?

उत्तर:- वह अगर आएंगे तो उन पर जरूर विचार किया जाएगा।

प्रशन:- शैलजा की विदाई और नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति से साफ हुआ कि कांग्रेस हुड्डा के इर्द-गिर्द है। इससे आपको क्या फर्क मानते हैं ?

 उत्तर:- इससे हमें कोई फर्क नहीं पड़ता। मैं राहुल गांधी से निवेदन करता हूं कि उन्हें स्पष्टीकरण देना चाहिए कि जो बीजेपी में चले गए थे या बीजेपी के आदमी थे, वह वहां से वापस कब आए।

प्रशन:- चौ0 डूमरखा की मौजूदा मूवमेंट ऐसी है, जैसी कांग्रेस के छोड़ते वक्त थी। कहीं वह "आप" में तो नहीं ज्वाइन करने वाले ?

उत्तर:- चौ0 बिरेंद्र डूमरखा एक ईमानदार छवि के नेता हैं। उन्होंने बेहद अच्छा राजनीतिक जीवन जिया है। लगता है वह बीजेपी से खुश नहीं है। अगर वह आते हैं तो उनका व्यक्तिगत फैसला होगा।

प्रशन:- हरियाणा में विधिवत रूप से संगठन कब तक खड़ा कर देंगे ?

उत्तर:- हरियाणा में हमने 4 जोन बनाए हुए हैं। जोन लेवल- जिला लेवल- ब्लॉक लेवल- विधानसभा लेवल के संगठन हमारे बने हुए हैं। अब हम गांव स्तर के संगठन बना रहे हैं। फिर सर्कल लेवल के और फिर ब्लॉक लेवल के संगठन बनाकर हम लोकतांत्रिक तरीके से संगठन खड़ा करेंगे।

प्रशन:- भाजपा का मौजूदा गढ़ जीटी रोड बेल्ट पर कांग्रेस के फोकस के बाद अब पिपली में "आप" का कार्यक्रम कहीं घुसपैठ की कोशिश तो नहीं ?

उत्तर:- मैं जिस भी गांव- शहर में जाता हूं, पूरा क्षेत्र हाथ उठाकर "आप" को ज्वाइन करना चाहता है। आज प्रदेश में गठबंधन सरकार का कोई अस्तित्व नहीं है। कांग्रेस के नेता ही एक दूसरे को हराने की कोशिश में लगे हुए हैं। उनमें बहुत अधिक फूट है। देश से कांग्रेस लगभग खत्म होती जा रही है या तो कांग्रेस कहीं से जीतती नहीं, जीतती है तो बिक जाती है। मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी, लेकिन कुछ समय बाद ही सरकार गिरी और भाजपा की बन गई। गोवा में भी ऐसा ही देखने को मिला। राजस्थान में कांग्रेस को अपने विधायक छुपाकर रखने पड़े, यह तो साफ है कि कांग्रेस कमजोर हो चुकी है।

प्रशन:-  पंजाब में "आप" सरकार के बाद आतंकी मूवमेंट में बढ़ोतरी पर क्या कहेंगे ?

उत्तर:- यह कायरता पूर्ण घटनाएं घटी हैं। आम आदमी पार्टी की सरकार ने पंजाब में नशा- भ्रष्टाचार और अन्य अवैध कामों पर रोक लगाई है। जिन राजनीतिक दलों का इसमें हाथ था, उन्हें इससे बेहद परेशानी हुई है। पंजाब की जनता बेहद खुश है। लेकिन गलत कार्य करने वालों के मंसूबों को आम आदमी पार्टी कामयाब नहीं होने देगी। उन पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस पर पार्टी पैनी नजर बनाए हुए हैं। यह हरकतें फिर से ना हो इसका ध्यान रखा जाएगा।

प्रशन:- यह घटनाएं पंजाब इंटेलिजेंस का फेलियर नहीं है ?

उत्तर:- नहीं, करोड़ों-अरबों की कमाई का धंधा चाहे अवैध खनन, नशे का कारोबार, भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों की मिलीभगत से चल रहे अवैध कार्य बंद किए गए हैं। जिनके मुंह पैसा लग रहा था वह तड़प रहे हैं, फड़फड़ा रहे हैं। समय के साथ वह भी समझ जाएंगे।

प्रशन:- सिद्धू की पंजाब मुख्यमंत्री से मुलाकात के राजनीतिक मायने क्या है ?

उत्तर:- इस बारे में शायद मुझसे बेहतर स्वयं सिद्धू ही बता पाएंगे।

प्रशन:- हरियाणा में आम आदमी पार्टी का रोडमैप क्या है ?

उत्तर:- आम आदमी पार्टी हरियाणा में सभी तरीके के चुनाव मजबूती से लड़ेगी। प्रदेश में अपनी सरकार बनाएगी। प्रदेश के लोगों को अच्छे स्कूल- अच्छे अस्पताल देगी। आज प्रदेश में हर तीसरा व्यक्ति बेरोजगार है। 34 फ़ीसदी बेरोजगारी की कगार पर हरियाणा है। सबसे पहले इस समस्या से निपटने का काम किया जाएगा। बच्चों के लिए रोजगार के प्रबंध किए जाएंगे। 18 से 28 वर्ष के 80 फ़ीसदी युवा बेरोजगार हैं। जिस कारण या तो बच्चा नशे और अपराध की तरफ जा रहा है या फिर डिप्रेशन में आकर आत्महत्या करने को मजबूर है। प्रदेश में 25 बार पेपर लीक हुए। पूरी उम्र मेहनत करके डिग्री हासिल करने के बाद पेपर लीक होने से बच्चा ओवरेज हो जाता है। इस घटना से उस पर या उसके परिवार पर क्या बीत रही है यह केवल वही बता सकते हैं। हमने दिल्ली में बच्चों के लिए रोजगार के साधन उपलब्ध करवाएं। फ्री 24 घंटे बिजली दी। फ्री पानी दिया। इसी प्रकार के जतन हम हरियाणा में भी करेंगे।

प्रशन:- सोशियो इकोनामिक से प्रदेश का युवा पीड़ित है, क्या सरकार बनने के बाद इसे वीड्रा करेंगे ?

उत्तर:- अगर आम आदमी पार्टी सत्ता में आई तो दिल्ली की तरह यहां रोजगार के साधन उपलब्ध करवाए जाएंगे। हमने दिल्ली में अंतर्राष्ट्रीय कंपनियां बुलाई। पढ़ाई में ऐसे कार्यक्रम रखें कि बच्चे खुद रोजगार देने वाले बने। 20 लाख बच्चों को रोजगार देने के लिए देश में पहली बार दिल्ली सरकार ने रोजगार बजट बनाया। अनेकों नए उद्योग धंधे लगाए गए। हरियाणा में पिछले 8 साल से कोई नया उद्योग धंधा नहीं लगा। प्रदेश में व्यापार फ्रेंडली पॉलिसी बने। नए उद्योग धंधे लगे। बच्चों को रोजगार मिले। खाली पड़े सरकारी पद भरे जाएं। खर्ची पर्ची को दिल्ली की तरह बंद किया जाए और पूरा सिस्टम पारदर्शी बनाया जाए, यह आम आदमी पार्टी की प्राथमिकताएं रहेंगी।

प्रशन:- ओवरएज हुए बच्चों के लिए क्या आम आदमी पार्टी कुछ रिलैक्सेशन पॉलिसी बनाएगी ?

उत्तर:- प्रदेश में 2 दर्जन से अधिक पेपर लीक हुए। बहुत से बच्चों का वेस्ट हुआ। 2 साल कोविड मे निकल गए। 3 साल से फौज की भर्तियां नहीं निकाली गई। इन सभी को छूट देने संबंधी सोचना अति आवश्यक है। अगर हमें मौका मिला तो इन्हें किस प्रकार से रोजगार दे सकें, ऐसी हमारी प्राथमिकता रहेगी।

प्रशन:- आम आदमी पार्टी के हुए निर्मल सिंह और उनकी बेटी को वापिस ले जाने की कोशिशें हो रही है, इस सेंधमारी पर क्या कहेंगे ?

उत्तर:- आम आदमी पार्टी का कार्यकर्ता किसी लालच में नहीं आता। हम हरियाणा बदलने के लिए आए हैं। निर्मल सिंह 3 पेंशन छोड़ने वाले पहले व्यक्ति हैं। वह बेशक हुड्डा के पुराने मित्र हैं, लेकिन उन्होंने आम आदमी पार्टी की पॉलिसी को बड़ी नजदीक से देखा है। आम आदमी की हमारे प्रति क्या सोच है, कैसा रिस्पॉन्स मिल रहा है, वह भी देखा है। हरियाणा में कांग्रेस कहीं भी स्टैंड नहीं कर रही। कांग्रेस असल में खत्म हो चुकी है।

प्रशन:- क्या आगामी चुनावों को आम आदमी पार्टी सिंबल पर लड़ेगी ?

उत्तर:- नगर निकाय, पंचायती राज इत्यादि सभी तरह के चुनाव अपने दम पर आम आदमी पार्टी बड़ी मजबूती से सिंबल पर ही लड़ेगी।

प्रशन:- आम आदमी पार्टी द्वारा सोशल मीडिया को लेकर भी काफी सक्रियता देखी जा रही है ?

उत्तर:- हम पूरी तरह से सक्रिय हैं और हरियाणा में आम आदमी पार्टी मुख्य विपक्षी दल का कार्य कर रही है। हमने बहुत से भ्रष्टाचार उजागर किए हैं। अस्पतालों- स्कूलों की दुर्दशा को उजागर किया है। बेरोजगारी के कारण आम युवा कितना परेशान है, इस मुद्दे को हम उठा रहे हैं।

 


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Content Writer

Vivek Rai

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