इसराना विधानसभा के मतलौडा में 3 दिसंबर को कांग्रेस करेगी विशाल रैली: अशोक अरोड़ा

punjabkesari.in Monday, Nov 27, 2023 - 12:31 PM (IST)

चंडीगढ़ (धरणी) : कांग्रेस के वरिष्ठ नेता -पूर्व मंत्री -पूर्व विधानसभा स्पीकर अशोक अरोड़ा ने कहा कि इसराना विधानसभा के मतलौडा में 3 दिसंबर को कांग्रेस विशाल रैली करेगी।उन्होंने दावा किया कि पांचो राज्यों में कांग्रेस का बेहतर प्रदर्शन ही नहीं बल्कि सभी में सरकार का बनना तय है। आज प्रदेश में बेरोजगारी एक बड़ा मुद्दा है। भ्रष्टाचार चरम पर है और लगातार अपराध बढ़ रहे हैं। जिसे कांग्रेस पार्टी लगातार उठा रही है।

कांग्रेस पार्टी ने प्रदेश के बुजुर्गों को 6000 रुपए पेंशन, 500 में सिलेंडर, 300 यूनिट हर परिवार को मुफ्त तथा गरीबों को दो-दो कमरे बनाकर मकान देने का जो वायदा किया है, सरकार आने पर इसे प्राथमिकता पर पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आज इनके द्वारा शुरू किए गए पोर्टल जैसे फैमिली आईडी इत्यादि में लाखों गलतियां हैं। लोगों को बड़ी परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। मेरी फसल मेरा बुरा जैसी शुरुआत पर भले ही सरकार पीठ थपथपा रही हो, लेकिन फसल पकती नहीं कि उन्हें अपनी फसल लाने की तिथि सुनिश्चित कर दी जाती है। यह जनता के लिए बड़ी परेशानी का सबब बना हुआ है। सरकार आने पर इन सभी समस्याओं को जड़ से समाप्त कर दिया जाएगा।

अशोक अरोड़ा ने कहा कि लगातार भर्ती घोटालों को अंजाम देकर और बेरोजगारी बढ़ाकर बीजेपी-जेजेपी हरियाणा के वर्तमान ही नहीं, भविष्य के साथ भी खिलवाड़ कर रही है। बाकायदा कोर्ट में बार-बार सरकार के भर्ती घोटालों और नीतियों की पोल खुल रही है। वेटनरी सर्जन भर्ती और 75 प्रतिशत आरक्षण का रद्द होना इसका ताजा उदाहरण है। वैसे भी बीजेपी-जेजेपी ने हरियाणा डोमिसाइल के नियमों में फेरबदल करके 75 प्रतिशत आरक्षण को शून्य कर दिया था। यह सिर्फ राजनीतिक माइलेज लेने के लिए जनता के बीच उछाला गया जुमला था,डोमिसाइल का 15 से 5 साल करने पर विधानसभा में भी मुद्दा उठाया था। 75%आरक्षण अब जो कोर्ट में भी नहीं ठहर पाया। जो सचमुच में हरियाणा वासियो को गुमराह करने की मंशा थी।  

वहीं 383 पदों वाली वेटरनरी सर्जन भर्ती रद्द होने से एक बार फिर स्पष्ट हो गया है कि इस सरकार में भर्ती के नाम पर सिर्फ घोटाले हो रहे हैं। दिसंबर 2022 में निकली इस भर्ती को रद्द करने में सरकार ने पूरा एक साल लगा दिया। जबकि यह वहीं भर्ती थी जिसमें बड़े पैमाने पर गड़बड़झाले हुए। इसमें पेपर लीक से लेकर महाराष्ट्र में साल 2017 की एक परीक्षा से 24 सवाल हूबहू कॉपी करने और 26 सवालों के गलत जवाब के आरोप लगे थे। बावजूद इसके अब तक पूरे मामले में किसी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। जबकि अभ्यर्थियों ने कोर्ट को 22 संदिग्ध लोगों के मोबाइल नंबर दिए थे, जो पेपर होने से दो दिन पहले ही बंद हो गए थे। इससे स्पष्ट होता है कि सरकार खुद भर्ती घोटाले करने वालों को संरक्षण दे रही है। इससे पहले भी एचसीएस और नायब तहसीलदार से लेकर कांस्टेबल और क्लर्क तक की भर्तियों में घपले देखने को मिले थे। पिछले 9 साल में इस सरकार के दौरान 30 से ज्यादा पेपर लीक हो चुके हैं। कैश फॉर जॉब घोटाले के अनगिनत मामले सामने आए हैं। एचपीएससी के कार्यालय में अधिकारी लाखों रुपए के साथ पकड़े गए और एचएसएससी के कार्यालय में नतीजों के साथ छेड़छाड़ करते कारिंदे पकड़े गए। लेकिन किसी भी मामले में जांच उच्च पदों पर विराजमान और सत्ताधारियों तक नहीं पहुंची। 

अशोक अरोड़ा ने कहा कि कोर्ट में बीजेपी-जेजेपी के 75% आरक्षण वाले ड्रामे की भी पोल खुल गई। सरकार द्वारा बिना किसी अध्ययन के लागू किए गए कानून को कोर्ट ने बर्खास्त कर दिया। हुड्डा ने कहा कि अगर यह सरकार हरियाणवी युवाओं को रोजगार देने के प्रति गंभीर होती तो सबसे पहले सरकारी भर्तियों में स्थानीय युवाओं को संरक्षण देने का काम करती। लेकिन इसके विपरीत अन्य राज्य के लोगों को ज्यादा से ज्यादा नौकरियां देने के मकसद से बीजेपी-जेजेपी ने बाकायदा हरियाणा डोमिसाइल के नियमों में ढिलाई दी। अरोड़ा ने मौजूदा भाजपा सरकार को पूरी तरह से विफल बताते हुए कहा कि आज भ्रष्टाचार-बेरोजगारी और क्राइम का बोलबाला है। विकल्प के तौर पर केवल कांग्रेस है और लोग बदलाव चाहते हैं। क्योंकि कांग्रेस पार्टी विधानसभा के बाहर और विधानसभा में लगातार जनता की लड़ाई लड़ रही है। 


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Content Writer

Manisha rana

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