धरती पुत्रों पर पड़ी मौसम की मार, 80 से 90 फीसदी नरमा कपास की फसल खराब

punjabkesari.in Saturday, Sep 05, 2020 - 09:28 PM (IST)

फतेहाबाद (रमेश): कोरोना काल में आर्थिक मंदी से जूझ रहे किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। बड़े इलाके में नरमा-कपास उत्पादक किसानों की फसल करीब करीब नष्ट हो चुकी है। किसानों की मानें तो भट्टू बेल्ट में नरमे की फसल बहुत ही बुरी तरह से प्रभावित हुई है। करीब 80 से 90 फीसदी तक नरमा कपास की फसल खराब हो चुकी है। 

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किसानों के अनुसार एक एकड़ में सामान्य तौर 10 क्विंटल का उत्पादन उन्हें मिल जाता था, मगर अब हालत ऐसे हैं कि एक एकड़ में उन्हें 2 क्विंटल भी उत्पादन मिल जाए तो गनीमत है। उन्होंने बताया कि उखाड़ा रोग और सफेद मक्खी के प्रकोप के कारण उनकी खड़ी फसल तबाह हो गई, वहीं रही सही कसर बरसात ने पूरी कर दी। 

पिछले दिनों हुई तेज बरसात के बाद खेतों में जलभराव हो गया, जिससे उनकी फसलें खराब हो गई। पहले सफेद मक्खी, फिर उखेड़ा रोग और अब जलभराव ने किसानों की कमर तोड़ कर रख दी है। किसान अब सरकार की ओर आशा भरी दृष्टि से देख रहे हैं। किसानों का कहना है कि एक एकड़ फसल तैयार करने में उनका करीब 20 हजार रुपए खर्चा हुआ है, इसलिए सरकार उन्हें कम से कम 20 हजार रुपए प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा दे ताकि उनके नुकसान की भर पाई हो सके। 

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वहीं इस पूरे मामले में विभाग से जुड़े अधिकारी भी मानते हैं इलाके में अनेक जगहों पर नरमा कपास की फसल बिमारियों, सफेद मक्खी और फिर तेज बरसात से काफी हद तक प्रभावित हुई है। विभाग की टीमें इन इलाकों में सर्वे कर नुकसान का आकलन करने में जुटी हुई है। कितनी प्रतिशत फसल खराब हुई इसकी एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर सरकार को भेजी जाएगी। जिसके बाद सरकार कोई फैसला लेगी।


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vinod kumar

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