रोहतक से लापता 17 वर्षीय किशोर का सोनीपत में मिला शव, आरोपी ने इंस्टाग्राम पर मांगी थी 25 लाख की फिरौती
punjabkesari.in Sunday, Aug 27, 2023 - 01:30 PM (IST)
रोहतक (दीपक भारद्वाज): जिले के लाखनमाजरा से बीते 3 अगस्त को एक 17 वार्षीय किशोर लापता हो गया था। जिसका नाम हिमांशु बताया जा रहा है। अब उसका शव सोनीपत जिले के धनाना गांव में नहर के किनारे मिला है। वहीं इस लड़के को सही सलामत वापिस भेजने के लिए इंस्टाग्राम पर 25 लख रुपये की फिरौती भी मांगी गई थी। परिजनों का आरोप है कि सूचना देने के बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसे लेकर परिजनों में पुलिस के प्रति काफी गुस्सा है। उसी के चलते एसएचओ को सस्पेंड करने की मांग को लेकर परिजनों ने रोहतक-जींद रोड को लाखन माजरा में जाम कर दिया है।

जाम की सूचना के बाद भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंची। मामले में एएसपी मेधा भूषण ने एसआईटी गठित कर मामले की जांच करवाने का आश्वासन दिया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जो भी पुलिसकर्मी दोषी पाया जाएगा उसके भी खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद ग्रामीणों ने जाम खोल दिया। इस हत्या के मामले में मृतक हिमांशु के नाबालिग दोस्त को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। जिस पर अपहरण के बाद हत्या का आरोप है। फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है।
लाखन माजरा का रहने वाला 17 वर्षीय हिमांशु 3 अगस्त को घर से बाहर गया था, लेकिन वापस नहीं लौटा। जिसकी शिकायत लेकर परिजन लाखनमाजरा थाने में पहुंचे और पुलिस को गुमशुदगी की शिकायत दी। यही नहीं हिमांशु के एक दोस्त पर अपहरण करने का आरोप भी लगाया। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। आखिर उनसे इंस्टाग्राम के माध्यम से 25 लाख रुपए फिरौती की मांग की गई। वहीं परिजनों और आरोपियों के बीच 15 लाख रुपए में मामला तय हुआ। इसके बाद 15 लाख रुपए देने की तय जगह की सूचना परिजनों ने पुलिस को दे दी। प्लान के तहत जैसे ही उसे 15 लाख रुपए लेने के लिए युवक पहुंचा उसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। यह वही युवक था जिस पर परिजनों ने अपहरण करने का आरोप लगाया था।

आज उस युवक से पूछताछ के दौरान खुलासा हुआ कि हिमांशु की हत्या कर शव को सोनीपत जिले में धनाना गांव स्थित नहर के पास फेंका है। परिजन मौके पर पहुंचे और उन्होंने कपड़ों और हाथ में पहने कड़े से हिमांशु की पहचान की। लेकिन पुलिस की कार्य प्रणाली से नाराज परिजनों का लाखन माजरा एसएचओ के खिलाफ गुस्सा सातवें आसमान पर था। उन्होंने एसएचओ पर कार्रवाई करने की मांग को लेकर रोहतक जींद रोड को जाम कर दिया। परिजनों का आरोप था कि अगर समय रहते पुलिस कार्रवाई करती तो हिमांशु बच सकता था, लेकिन एसएचओ मिली भगत कर आरोपियों को बचाता रहा, इसलिए उस पर कार्रवाई होनी चाहिए।
आखिर मामले को देखते हुए एएसपी मेधा भूषण लाखन माजरा पहुंची और ग्रामीणों तथा परिजनों से बात की। इसके बाद उन्होंने एक एसआईटी का गठन करते हुए आश्वासन दिया कि जांच में जो भी पुलिसकर्मी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई कीजाएगी। एएसपी के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने जाम तो खोल दिया, लेकिन वह कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।
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