नशा तस्करों को सीधा संदेश ,तस्करी छोड़ें अथवा वे तस्करों को नहीं छोड़ेंगे: श्रीकांत जाधव

punjabkesari.in Friday, Apr 22, 2022 - 09:37 PM (IST)

चण्डीगढ़(चन्द्र शेखर धरणी): हरियाणा प्रदेश में अपराध एवं अपराधियों पर नकेल कसने के लिए प्रसिद्ध एडीजीपी श्रीकांत जाधव ने नशा तस्करों के लिए संदेश दिया है...संदेश साफ है कि तस्करी छोड़ें अथवा वे तस्करों को नहीं छोड़ेंगे। प्रदेश मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर  व गृह मंत्री अनिल विज द्वारा नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो यानि नशे पर लगाम लगाने के लिए विशेष रुप से तैयार की गई टीम की कमान संभाल रहे श्रीकांत जाधव नशा तस्करों में किस प्रकार का खौफ पैदा कर रहे हैं इसका पुख्ता उदाहरण अंबाला में देखने को मिला है।

अंबाला में एडीजीपी ने नशे की तस्करी से कमाए धन के बूते खड़ी की गई एक तस्कर की प्रापर्टी पर बुलडोजर चलवा कर उसे धवस्त करवा दिया है। अधिकारी का कहना है कि यूपी में जहां बदमाशों की संपत्ति पर बुलडोजर चलाया जाता है वहीं हरियाणा में पुलिस के रडार में आने वाले किसी भी नशा तस्कर की प्रापर्टी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि नशे पर लगाम लगाना केवल तस्कर को पकड़ कर जेल भेजना भर नहीं है, अब ऐसी नीति तैयार की गई है कि कोई भी व्यक्ति नशे की तस्करी करने से पहले दस बार सोचेगा और तस्करी न करने में ही अपनी भलाई समझेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने जिस विश्वास के साथ उन्हें प्रदेश से नशा समाप्त करने के लिए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो का प्रमुख बनाया है, जब तक वे उस शत प्रतिशत परिणाम देते हुए उस विश्वास पर खरा नहीं उतरेंगे तब तक वे चैन से नहीं बैठेंगे। इसके लिए अब केवल कुछ लोगों की गिरफ्तारी तक ही काम सीमित नहीं रहने वाला है बल्कि प्रदेश के लोग तस्करों के खिलाफ ऐसा काम होते देखेंगे जिसकी किसी ने परिकल्पना भी नहीं की होगी।

नहीं बनने देंगे उडता पंजाब
जाधव का कहना है कि सरकारें गरीबों की भलाई के लिए हर संभव प्रयास करती हैं, विभिन्न प्रकार की योजनाएं लागू करते हुए उनके लिए रोजगार व रोटी का प्रबंध करती हैं लेकिन नशे के सौदागर भोले भाले, गरीब, नौजवान युवकों को अपने चंगुल में फंसाते हैं, उनका भविष्य खराब करते हैं और नशे के कारण ही अनेक घरों के दीपक तक बुझ जाते हैं लेकिन तस्करों को केवल पैसा कमाने से मतलब होता है। पंजाब में ऐसे हजारों उदाहरण हैं जिसके कारण पंजाब को उडता पंजाब कहा जाता है लेकिन उनका दावा है कि वे हरियाणा को कभी भी किसी सूरत में उडता पंजाब नहीं बनने देंगे, नशा तस्करों को ऐसा सबक सिखाया जाएगा कि कोई तस्करी बारे सोचेगा तक नहीं।

क्या है योजना
ब्यूरो प्रमुख ने विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि पहले पुलिस द्वारा तस्करी के आरोप में कुछ लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया जाता था, वे जमानत करवाकर या सजा पूरी करके जेल से निकलते थे और फिर से वही काम शुरु करते थे। उसके जेल जाने के बाद उसके परिवार के लोग या तो नशा बेचने का काम जारी रखते थे या फिर तस्कर द्वारा कमाई गई राशि पर मौज करते थे लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। उन्होंने बताया कि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो बनने के उपरांत उन्होंने ऐसा सॉफ्टवेयर तैयार करवाया है जिसमें तस्कर के परिवार के बारे पूरी जानकारी एकत्रित होगी, उसकी संपत्ति, उसके बैंक बैलेंस, उसकी प्रापर्टी का पूरा ब्यौरा दर्ज होगा, उसने यह प्रापर्टी कैसे और किस माध्यम से जुटाई, यह भी अंकित होगा। तस्कर के पकडे जाने और सुनिश्चित होने पर कि प्रापर्टी नशे की कमाई से बनाई गई है, तुरंत उस पर बुलडोजर चलवाया जाएगा। साथ ही बैंक अकाऊंट भी सीज करवा दिए जाएंगे। इससे समाज में यह संदेश जाएगा कि नशे के कारोबार से दूर रहें तभी सुरक्षित रहेंगे।

पूरी कर ली गई प्रदेश की मैपिंग
श्रीकांत जाधव बताते हैं कि ब्यूरो के आस्तित्व में आने के बाद उन्होंने अपने विशेष दस्ते को तुरंत काम पर लगा दिया था। बिना प्रदेश के किसी भी एस.पी को जानकारी दिए ही उनकी टीम ने प्रत्येक जिले में मैपिंग की है, इस मैपिंग के तहत तस्करों द्वारा अपनाए जाने वाले रास्तों, अपनाए जाने वाले तरीकों और उनकी उस सैटिंग को सुनिश्चित कर लिया गया है जिसके आधार पर तस्कर बेखौफ काम करते है। प्रत्येक जिले के तस्कर की सूची तैयार करके सभी एस.पी को सूची भेज दी गई है और उनके खिलाफ सख्त कार्यवाही के लिए बोला गया है। इसके साथ ही उनकी टीम विशेष नजर रखे हुए है। कुछ दिन पहले यमुनानगर के एक गांव में पकडी गई अफीम की खेती इस बात का पुख्ता प्रमाण है कि अब नशे को प्रदेश में पनपने नहीं दिया जाएगा।

एन.सी.बी में कतई संभव नहीं कंप्रोमाईज
कंप्रोमाईज एक ऐसा शब्द है जिसके बूते ही किसी गलत कार्य को अंजाम दिया जाता है, नशे की तस्करी में मुनाफा बेहद ज्यादा है औऱ संभावित रुप से यही कारण होता है नशे के कारोबार के फैलने का। ब्यूरो प्रमुख श्री जाधव भी इस बात से इंकार नहीं करते लेकिन कहते हैं कि एन.सी.बी में कंप्रोमाईज कतई संभव नहीं है, प्रदेश के चुनिंदा और ट्रेंड अधिकारी ही टीम में लिए गए हैं जिनका मकसद इस घृणित काम पर लगाम लगाना है, प्रदेशभर में सैंकड़ों स्थानों को चिन्हित किया जा चुका है और इससे पहले कि तस्कर किसी से कंप्रोमाईज करने का प्रयास करे, या तो उसे पकड़ा जा चुका होगा अथवा उसकी प्रापर्टी धराशाई कर दी जाएगी।

पब्लिक सहयोग बेहद जरुरी
श्रीकांत जाधव कहते हैं कि किसी भी काम पर रोक लगाने के लिए जनता का सहयोग बेहद जरुरी होता है, इस काम के लिए भी जनता का सहयोग लिया जा रहा है, लोगों को जागरुक किया जा रहा है, वे स्वंय लोगों के बीच पहुंच रहे हैं, नशा विरोधी अभियान में जागरुकता और सहभागिता बढ़ाने के लिए मैराथन दौड का आयोजन किया जा रहा है और निश्चित रुप से इसके सार्थक परिणाम सामने आएंगे। उनका कहना है कि युवा वर्ग नशा विरोधी अभियान में बेहतरीन भूमिका निभा सकते हैं। इसलिए स्कूल व कालेज में इसका अधिक प्रचार किया जा रहा है और छात्रों को साथ लेकर अभियान को आगे बढ़ाया जा रहा है।

58 हजार प्वाईंट से मिलेगी सूचना
श्रीकांत जाधव कहते हैं कि नशा तस्करों पर लगाम लगाने के लिए प्रदेश के सभी कैमिस्ट, सरकारी-निजी स्कूल, पंचायतों, पार्षदों, सभी ट्रेड व बाजार प्रधानों को साथ जोड़ा गया है, नशा विरोधी अभियान से संबंधित जानकारी उन तक पहुंचाई गई है, तस्करों के बारे में कोई भी सूचना एनसीबी के टोल फ्री नंबर पर देने का आग्रह किया गया है। यह सभी प्वाईंट 58 हजार से अधिक हैं जिनमें केवल कैमिस्ट 28 हजार हैं। ऐसे में पूरे प्रदेश में तस्कर कहीं नहीं छिप सकते हैं और उन पर एनसीबी का शिकंजा जरुर कसेगा।

बच नहीं पाएंगे तस्कर, अब चलेगा बुलडोजर- अनिल विज
प्रदेश के गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज सख्त लहजे में कहते हैं कि प्रदेश में नशे के कारोबार को पनपने नहीं दिया जाएगा। जो भी फंसेगा उसके विरुद्ध ऐसी कार्यवाही की जाएगी जो खुद में मिसाल कायम करेगी। उनका कहना है कि नशा तस्करों पर लगाम लगाने के लिए एनसीबी बनाई गई है और इसके परिणाम भी सामने आने लगे हैं। अनिल विज ने चेतावनी दी है कि तस्कर प्रदेश छोड़ दें या फिर सख्त कार्यवाई के लिए तैयार रहें। उन्होंने कहा कि नशा तस्कर के साथ किसी प्रकार की रियायत नहीं बरती जाएगी, अब सीधा बुलडोजर चलेगा और बैंक खाते भी सीज किए जाएंगे। इस प्रकार की सख्त कार्यवाही से ही नशे पर लगाम लगाई जा सकती है।

 

 


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Content Writer

Isha

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