हुड्डा द्वारा उठाए गए सवालों पर शिक्षा मंत्री ने दी कड़ी प्रतिक्रिया, बोले-मांग से पहले ही बना दी थी कमेटी

5/12/2020 10:58:31 AM

यमुनानगर(सुरेंद्र मेहता)-  पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के प्रदेश को लेकर उठाए गए विभिन्न मुद्दों पर शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है । गुर्जर ने कहा कि बिजली का जुर्माना माफ कर दिया गया है जिन्होंने बिजली इस्तेमाल की है उन्हें खर्च तो देना पड़ेगा। केवल विपक्ष सस्ती लोकप्रियता के लिए ऐसे बयानबाजी कर रहा है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल और डीजल के दाम हमारे आसपास के लगते राज्यों से काफी कम है। सरकार चलाने के लिए यह दाम बढ़ाने बहुत जरूरी थे इसलिए बढ़ाए गए। उन्होंने कहा कि बसों के किराए में 10-11 वर्ष पहले बढ़ोतरी हुई थी लेकिन आज तक इस सरकार ने ऐसा कोई कदम नहीं उठाया, लेकिन वर्तमान स्थिति को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। 

उन्होंने कहा कि हरियाणा की मंडियों में गेहूं का एक-एक दाना खरीदा जाएगा। हरियाणा में जहां पहले 500 मंडिया हुआ करती थी वहीं इस समय 1850 मंडियां हैं। पहले जहां कांग्रेस के लोग बोलते थे कि यह सरसों नहीं खरीद सकेंगे हमने ना सिर्फ सरसों, बल्कि गेहूं का दाना दाना खरीदा। उन्होंने कहा कि वर्षा से गेहूं को बचाने के लिए पूर्ण इंतजाम किए गए थे लेकिन जहां कुछ गेहूं भीगा है उसे सुखाकर अमल में लाया जाएगा। पूर्व मुख्यमंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि जितना राशन मिलना चाहिए था प्रदेश की जनता को उससे ज्यादा दिया गया है जबकि ग्रीन कार्ड पर भी सर्वे करवाया गया है उन्हें भी जल्द राशन दिया जाएगा।

दादूपूर नदी नहर के मुद्दे पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि हुड्डा सरकार के शासनकाल में यह नहर बनी थी लेकिन जहां तक यह नहर गई नल्वी गाव उसके बाद इस नहर का क्या होगा, उसके लिए ना तो जमीन अधिग्रहण की गई ना ही कोई प्रोजेक्ट तैयार किया गया जिससे दादूपुर नदी नहर का कोई औचित्य ही नहीं रह जाता। उन्होंने कहा कि जितनी जमीन पर दादूपुर नदी नहर बनी है इससे उतनी जमीन की सिंचाई भी नहीं की जा सकती । हरियाणा के सोनीपत में हुए शराब कांड के बारे में प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि  सरकार ने मामला सामने आते ही इस संबंध में न सिर्फ मुकदमा दर्ज कराया बल्कि एसआईटी गठित की गई है। उन्होंने जानकारी कि विपक्ष तो अब जांच की मांग कर रहा है लेकिन सरकार यह सब कुछ पहले ही कर चुकी है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि हमने धान लगाने के लिए इसलिए मना किया क्योंकि प्रदेश में पानी की कमी है पानी हमारे जीवन के लिए बहुत जरूरी है पानी का जलस्तर काफी नीचे जा रहा है।


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Isha

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