किसान नेताओं ने मुख्य मंच से फिर किया ऐलान : पीछे नहीं हटेंगे, अपना हक लेकर ही जाएंगे

3/1/2021 9:25:38 AM

सोनीपत : 3 माह से दिल्ली की सीमाओं पर डटे किसानों का जोश बरकरार है। किसान नेताओं ने मंच से फिर एक बार ऐलान किया है कि वे पीछे नहीं हटने वाले। सरकार बातचीत करने में कितना भी समय लगाए लेकिन वे अपना हक लेकर ही वापस लौटेंगे। इसके लिए वे किसी भी हद तक संघर्ष करने को तैयार हैं। किसान नेताओं ने कहा कि अब यह लड़ाई केवल किसानों की नहीं है बल्कि गरीब, मजदूर, कर्मचारी, वकील व कलाकार भी अब किसानों के साथ हैं। उधर देशभर से कलाकार व वकील मुख्य मंच पर पहुंचकर किसानों का समर्थन कर रहे हैं और उनकी लड़ाई में साथ देने का प्रण ले रहे हैं।

रविवार को किसानों के समर्थन में मुम्बई से टी.वी. कलाकार काजल निशाद पहुंचे। उन्होंने मंच से सरकार को चेतावनी दी कि किसानों के धैर्य की परीक्षा न ले। जितनी सरकार देरी कर रही है उतना ही कारवां बढ़ता जा रहा है। निशाद ने कई टी.वी. चैनलों पर भी निशाना साधा और कहा कि कुछ चैनल किसानों के आंदोलन को कमजोर करने की साजिश में लगे हैं लेकिन किसानों का आंदोलन कमजोर नहीं पडऩे वाला, यह कई बार सिद्ध हो चुका है और किसान इसे आगे भी सिद्ध करेंगे। उन्होंने कहा कि किसान ही तानाशाह सरकार से आजादी दिलाएंगे। किसानों को कभी आतंकवादी तो कभी खालिस्तानी बताया जा रहा है और कहा जा रहा है कि किसानों को बरगलाया जा रहा है, लेकिन सरकार आज तक किसानों को यह नहीं बता पाई कि आखिर इन कानूनों में ऐसा क्या है जिसे लागू करना इतना जरूरी हो गया है।  

सन्नी देओल, अजय देवगन, अक्षय कुमार पर साधा निशाना
मुख्य मंच पर पहुंचे निशाद व अन्य कलाकारों ने सन्नी देओल पर खूब चुटकी ली। उन्होंने कहा कि कुछ लोग केवल फिल्मों में ही पाकिस्तान में नलकूप उखाड़कर वाहवाही लूटते हैं और वास्तव में नकली हीरो साबित होते हैं। सन्नी देओल ने अपने संसदीय क्षेत्र में भाजपा का सूपड़ा साफ करवा दिया। अजय देवगन, अक्षय कुमार व अमिताभ बच्चन नकली हीरो साबित हुए। ये लोग पिछली सरकारों में महंगाई को डायन बताते थे लेकिन अब इनके लिए महंगाई डार्लिंग हो गई है। उन्होंने कहा कि इन कलाकारों को युवाओं की बेरोजगारी दिखाई नहीं दे रही। वहीं कलाकारों ने सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि खूब कहा गया कि चीन को माकूल जवाब दे रहे हैं, लेकिन चीन देश के भीतर तक घुस आया।

भाजपाई वोट मांगने आएं तो वापस भगा देना
टी.वी. कलाकारों ने मुख्य मंच से साफ तौर पर ऐलान किया कि अब किसानों को सख्त रवैया अपनाना होगा। किसानों को अब जिस तरह से तंग किया जा रहा है वैसे ही सरकार व भाजपा के नेताओं के साथ किया जाए। जब ये लोग वोट मांगने आएं तो उन्हें वापस भगा दें। कलाकारों ने कहा कि भाजपा के लोगों को गली या घरों में घुसने भी न दें। किसानों से ज्यादती हो रही है और भाजपा के नेता अपने ए.सी. कमरों में ऐश कर रहे हैं। ऐसे लोगों को सबक सिखाने के लिए किसान तैयार रहें।

2-2 कानून एक साथ कैसे चल सकते हैं
चंडीगढ़ से पहुंचे एडवोकेट प्रीतकवल गिल ने कहा कि कृषि कानून 1960 में बना था जो आज तक भी लागू है। सरकार ने पहले ऐसे कानून बनाए हैं जिनका पूरी दुनिया में विरोध हो रहा है। एक साथ 2 कानून कैसे चल सकते हैं। यदि ऐसा है तो सभी कानून को 2-2 बनाया जाए। सिविल प्रोसीजर एक्ट, क्रिमिनल प्रोसीजर एक्ट को भी 2-2 एक्ट बना दो, जिसे जो एक्ट अच्छा लगेगा उसी को चुन लेगा। होना यह चाहिए था कि पहले एक एक्ट को खत्म करते, फिर दूसरे एक्ट को चलाते। इन्होंने वह काम नहीं किया। जिसके लिए यह कानून बन रहा है उनको ही शामिल नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि जो नेता किसान हितैषी होने का दंभ भर रहे हैं उन्हें चाहिए कि उन परिवारों को अपनी आधी सैलरी दें, जिनके सदस्य यहां धरने पर शहीद हो रहे हैं। नेता केवल घडिय़ाली आंसू बहा रहे हैं, किसानों के सच्चे हितैषी नहीं हैं।

हरियाणा से लगातार पहुंच रहे हैं किसान
कुंडली बार्डर पर किसानों का पहुंचना लगातार जारी है। विशेषकर महिलाएं व बच्चे भी धरनास्थल पर पहुंच रहे हैं। खास बात यह है कि यहां पहुंचने वाले किसानों को प्रवेश करते ही पानी उपलब्ध करवाया जा रहा है। वहीं लंगर में भी किसानों की खूब सेवा की जा रही है। बता दें कि हरियाणा के किसानों ने सप्ताहभर पहले ही नई रणनीति के तहत धरने पर पहुंचना शुरू किया है। फसलों की देख-रेख व कटाई के लिए रोटेशन प्रणाली का इस्तेमाल किया जा रहा है। हर गांव से हर सप्ताह अलग-अलग किसानों की ड्यूटी लग रही है। जो किसान पिछले सप्ताह यहां आए थे वे इस सप्ताह वापस जा रहे हैं जबकि उनकी जगह दूसरे किसान ले रहे हैं।

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Content Writer

Manisha rana

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