GMDA का ड्रोन बताएगा कहां और कैसे हो रहा नहर से पानी चोरी

punjabkesari.in Thursday, Apr 03, 2025 - 10:02 PM (IST)

गुड़गांव, (पवन कुमार सेठी): गुड़गांव में अब तक आपने नकदी, गहने आदि चोरी होने की बात तो आमतौर पर सुनी होगी, लेकिन अब यहां पानी भी चोरी होने लगा है। यह बात हम नहीं बल्कि गुड़गांव के अधिकारी कह रहे हैं। अधिकारियों की मानें तो पिछले दिनों चीफ सेक्रेटरी के साथ हुई बैठक में सिंचाई विभाग ने यह तथ्य बैठक में रखे थे। सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वह गुड़गांव में पेयजल आपूर्ति के लिए पूरा पानी छोड़ते हैं, लेकिन इस नहर के आसपास लगते गांवों के किसानों द्वारा पानी को चोरी कर खेतों में डाला जा रहा है जिससे गुड़गांव में कम पहुंच रहा है। ऐसे में चीफ सेक्रेटरी ने गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह अपनी जीआईएस टेक्नोलॉजी का उपयोग करते हुए ड्रोन के माध्यम से नहर की निगरानी करें। यह पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया जाएगा और सफल रहने पर इसे पूरे प्रदेश में उपयोग किया जाएगा।

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जीएमडीए के इंफ्रा-2 के एसई सुधीर रंसीवाल ने बताया कि सिंचाई विभाग की तरफ से गुड़गांव को 267 क्यूसेक पानी दिया जा रहा है, लेकिन बसई और चंदू वाटर ट्रीटमेंट प्लांट तक यह 230 क्यूसेक पानी ही पहुंच रहा है। यह बात जब चीफ सेक्रेटरी के समक्ष उठी तो सिंचाई विभाग की तरफ से दलील दी गई कि नहर खेतों में से होकर गुजरती है। ऐसे में कुछ किसानों द्वारा नहर से पाइप लगाकर पानी को सिंचाई में उपयोग किया जा रहा है जबकि यह पानी केवल पीने के लिए ही प्रयोग किया जाना है। इस पर चीफ सेक्रेटरी ने जीएमडीए को अपनी जीआईएस टेक्नोलॉजी का उपयोग करने के लिए कहा और ड्रोन के माध्यम से पानी पर निगरानी करने में सिंचाई विभाग की मदद करने के लिए कहा है। अधिकारियों की मानें तो जल्द ही ड्रोन की सहायता से पूरी नहर पर नजर रखी जाएगी और जहां भी पानी की चोरी पाई जाती है अथवा नही लीक होना अथवा टूटने पर भी नजर रखी जाएगा ताकि गुड़गांव को पर्याप्त पानी मिल सके। जल्द ही नया प्लांट भी गांव चंदू में शुरू होने वाला है जिसके बाद गुड़गांव में पानी की मांग और बढ़ जाएगी। 


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Content Editor

Pawan Kumar Sethi

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