स्कूल में बम विस्फोट की धमकी का मामला- Google को नोटिस, अमेरिकन IP एड्रेस मिला

punjabkesari.in Thursday, Jan 29, 2026 - 11:30 PM (IST)

गुड़गांव, (ब्यूरो): प्रधानमंत्री मोदी को 1 फरवरी को टारगेट करने सहित स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी देने के मामले में गुड़गांव पुलिस ने साइबर ईस्ट थाने में केस दर्ज कर लिया है। मामले में पुलिस प्रारंभिक तौर की जांच में धमकी भरा ईमेल अमेरिका से भेजे जाने की बात का खुलासा किया है। वहीं, आईपी एड्रेस का पता लगाने के साथ ही गूगल को भी नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। पुलिस की प्रारंभिक तौर की जांच में सामने आया कि जिस ईमेल से धमकी दी गई है, वह ईमेल तीन दिन पहले ही बनाई गई थी। पुलिस की मानें तो यह खुलासा गूगल के प्रारंभिक तौर के जवाब में सामने आया है। हालांकि पुलिस ने कुछ और जानकारी देने के लिए भी गूगल के अधिकारियों को कहा है। 

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वहीं, मामले में पुलिस ने इंटरपोल के जरिए आरोपी पर शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है। पूरी जानकारी इंटरपोल के जरिए विभिन्न देशों की सुरक्षा एजेंसियों के साथ सांझा की गई है। पुलिस की मानें तो जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि जिस ईमेल के जरिए गुड़गांव के स्कूलों को धमकी भरा ईमेल भेजा गया था उस ईमेल से ही करनाल के सात और चंडीगढ़ के स्कूलों को भी ईमेल भेजा गया है। गुड़गांव के स्कूलों में ई-मेल बुधवार सुबह छह बजकर 39 मिनट पर प्राप्त हुआ। मेल में भाषा बेहद डरावनी और भड़काऊ थी। मेल में स्पष्ट रूप से लिखा था कि दोपहर 1 बजकर 11 मिनट पर स्कूलों में सिलसिलेवार बम धमाके होंगे। 

 

पुलिस के मुताबिक, ईमेल में खालिस्तानी एजेंडे का जिक्र करते हुए हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से राजनीतिक समर्थन की मांग की गई थी।  उन्हें साफ तौर पर एसवाईएल के मुद्दे को जल्द ही सुलझाने के लिए भी कहा गया था। इस ईमेल में न केवल धमाके की बात कही गई थी, बल्कि इसमें एक गहरा राजनीतिक संदेश भी भेजा गया था। मेल भेजने वाले ने खुद को खालिस्तानी समर्थकों से जुड़ा बताया। मेल में आगे मांग की गई कि यदि हरियाणा को पंजाब से पानी (एसवाईएल मुद्दा) चाहिए, तो प्रदेश के मुख्यमंत्री को खालिस्तान जनमत संग्रह का खुला समर्थन करना होगा।  वहीं, ईमेल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 1 फरवरी को टारगेट करने की धमकी दी गई है।

 

साइबर पुलिस की अब तक की जांच में सामने आया कि मेल भेजने में आंतकवादी संगठनों ने इस बार सिर्फ आईपी पते का इस्तेमाल किया गया था। ई-मेल भेजने के लिए जी-मेल का ब्राउजर का इस्तेमाल किया था। जबकि इससे पहले भेजे गए धमकी भरे ई-मेल में वीपीएन का इस्तेमाल होता था,जबकि इस बार ऐसा नहीं हुआ। साइबर पुलिस ने गूगल को दोबारा से नोटिस देकर ईमेल के बारे में और भी विस्तार से सटीक जानकारी मांगी गई है। गूगल से जानकारी मिलने के बाद इंटरपोल के जरिए आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए आगामी कार्रवाई करेगी। इस मामले में पुलिस की कई टीमें अलग-अलग पहलुओं पर जांच में जुटी हुई है। 

 

आपको बता दें कि बुधवार सुबह गुड़गांव के एक के बाद एक 15 निजी स्कूलों में बम विस्फोट करने की धमकी भरा ईमेल प्राप्त हुआ था। इस ईमेल ने पुलिस प्रशासन के हाथ-पांव फुला दिए थे। आनन फानन में स्कूल प्रबंधन ने छात्रों की छुट्टी कर दी थी। जो छात्र स्कूल आ गए थे उन्हें वापस घर भेजा गया। किसी भी वाहन को स्कूल में बिना जांच के प्रवेश की अनुमति नहीं थी। स्कूलों को पुलिस ने डॉग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ते के साथ मिलकर सेनिटाइज किया और जब कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली तो पुलिस ने राहत की सांस ली थी। 


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Content Editor

Pawan Kumar Sethi

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