हरियाणा में अग्निवीरों की ''बल्ले-बल्ले'', सरकार का बड़ा फैसला...अब य़हां मिलेगा दोगुना कोटा
punjabkesari.in Friday, Apr 10, 2026 - 12:46 PM (IST)
डेस्क: देश की सेनाओं को सबसे अधिक जवान देने वाले राज्य हरियाणा ने अपने 'अग्निवीरों' के लिए बड़ा पिटारा खोल दिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की अहम बैठक में 'अग्निवीर नीति 2024' में संशोधन के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से हरी झंडी दे दी गई। सरकार के इस फैसले के बाद अब हरियाणा के मूल निवासी पूर्व अग्निवीरों को राज्य की विशिष्ट सरकारी सेवाओं में 10 प्रतिशत के बजाय सीधा 20 प्रतिशत होरिजेंटल आरक्षण (Horizontal Reservation) का लाभ मिलेगा। सरकार का मानना है कि सेना के कड़े अनुशासन और ट्रेनिंग से निकले इन युवाओं के कौशल का नागरिक प्रशासन और सुरक्षा सेवाओं में उपयोग करना प्रदेश के हित में होगा।
इस संशोधित नीति का सीधा फायदा उन विभागों में देखने को मिलेगा जहाँ शारीरिक दक्षता और अनुशासन की सबसे अधिक आवश्यकता होती है। नई व्यवस्था के तहत पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव विभाग में 'फॉरेस्ट गार्ड', कारागार विभाग में 'वार्डर' और खान एवं भूविज्ञान विभाग में 'माइनिंग गार्ड' जैसे पदों पर अब 20 फीसदी सीटें अग्निवीरों के लिए आरक्षित रहेंगी। इससे पहले सरकार ने इन पदों के लिए 10 प्रतिशत कोटा तय किया था, जिसे अब दोगुना कर दिया गया है। यह फैसला उन युवाओं के लिए संजीवनी साबित होगा जो चार साल की सैन्य सेवा के बाद घर लौटेंगे और सम्मानजनक रोजगार की तलाश में होंगे।
दरअसल, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्यों को सलाह दी थी कि जिन पदों पर विशेष सैन्य प्रशिक्षण, शारीरिक क्षमता और फील्ड एक्सपीरियंस की जरूरत होती है, वहां पूर्व अग्निवीरों का कोटा बढ़ाया जाए। केंद्र के इसी विजन को जमीन पर उतारते हुए हरियाणा सरकार ने नीतिगत बदलाव की प्रक्रिया तेज कर दी है। मंत्रिमंडल की बैठक में यह बात उभरकर आई कि संशोधित नीति के लागू होने से न केवल अग्निवीरों का पुनर्वास (Rehabilitation) आसान होगा, बल्कि सुरक्षा से संबंधित सरकारी पदों की कार्यक्षमता में भी सुधार होगा क्योंकि वहां पहले से ही प्रशिक्षित और अनुशासित युवा तैनात होंगे।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा हमेशा से वीरों की भूमि रही है और यहां के युवा सेना में जाना अपनी शान समझते हैं। अग्निवीरों के भविष्य को लेकर जो आशंकाएं जताई जा रही थीं, यह फैसला उन पर पूर्णविराम लगाने जैसा है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि वर्दीधारी सेवाओं के अलावा भी अन्य ग्रुप-सी पदों पर अग्निवीरों को प्राथमिकता देने के लिए नियमों में आवश्यक संशोधन के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इस कदम से हरियाणा देश का ऐसा राज्य बन गया है जो अपने पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों के प्रति सबसे अधिक संवेदनशील और सहायक रुख अपना रहा है।