नहीं मिला इंसाफ तो पैदल शुरू किया 300 किलोमीटर का सफर, मंत्री के दरबार में लगाएंगे गुहार

10/24/2021 12:06:12 AM

पानीपत (सचिन शर्मा): जब किसी मजबूत इंसान के साथ नाइंसाफी होती है तो वह मजबूरी में अपना हक पाने के लिए दुनिया की कोई भी लड़ाई लडऩे पर उतारू हो जाता है। फिर चाहे उसे जंगल में सर्द रातें काटनी पड़े या फिर रेगिस्तान की तपती रेत पर तपती दोपहर बितानी पड़े, वह अपने हक के लिए हरसंभव प्रयास करता है जो उसे सूझता है। ऐसा ही एक मजबूत और मजबूर शख्स से हमारी मुलाकात हरियाणा के जिला पानीपत में हुई जो हरियाणा के नूंह जिले के कस्बा फिरोजपुर झिरका से चलकर अंबाला जिले में स्थित गृह मंत्री अनिल विज के दरबार में अपनी गुहार लगाने की ठानी है।

न्याय की लड़ाई की शुरूआत करने वाला यह शख्स डालचंद निहालिया है जो फिरोजपुर झिरका से अंबाला के लिए 21 अक्टूबर को सुबह घर से हाथ में पानी की बोतल लेकर निकला था। डालचंद निहालिया जब पानीपत पहुंचा तो यहां मीडियाकर्मियों ने उनसे मुलाकात की। इस दौरान डालचंद ने अपनी आपबीती बताई। डालचंद ने बताया कि उसने अपनी समस्या की शिकायत अपने अधिकारियों व सीएम विंडो में भी की थी, उसके बावजूद भी उसे न्याय नहीं मिला।

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डालचंद ने बताया कि बताया कि 2017 में नूंह मेडिकल कॉलेज में उसने वार्ड ब्वॉय के पद पर कार्य करना शुरू किया था। नवंबर 2020 में कंपनी ने हटा दिया। कंपनी पर आरोप लगाते उसने बताया कि कंपनी वाले पूरा महीना काम लेने के बाद केवल 15 दिन का ही पैसा देते हैं। नवंबर 2020 से लेकर मार्च 2021 तक कंपनी ने वेतन नहीं दिया है। कंपनी वाले काम पर बुलाकर वापस घर भेज देते हैं। उसने कंपनी के खिलाफ मेडिकल कॉलेज के मुख्य अधिकारियों को शिकायत दी लेकिन आज तक किसी भी प्रशासन अधिकारी ने कोई कार्रवाई नहीं की और ना ही कोई वेतनमान दिया गया है।

डालचंद नाहलिया ने बताया कि मुख्यमंत्री विंडो से इंसाफ नहीं मिला तब परेशान होकर उसने मन में ठानी कि वह अब स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज से मिलकर न्याय की गुहार लगाएगा। उसने कहा कि उसे विश्वास है कि स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज न्याय दिलाने में जरूर मदद करेंगे। डालचंद ने बताया कि उसकी पत्नी भी वार्ड ब्वॉय के पद पर कार्यरत है, जिसके वेतन से घर का खर्चा चल रहा है, लेकिन कंपनी वाले उसे भी तंग कर रहे हैं। 

डालचंद नाहलिया ने कहा कि पैदल यात्रा इसलिए शुरू की क्योंकि अन्याय के खिलाफ लडऩा है। उन्होंने कहा कि रात को कहीं पेट्रोल पंप पर बैठकर गुजार लेते हैं। उसके बाद फिर पैदल यात्रा आरंभ कर देते हैं। बता दें कि फिरोजपुर झिरका से अंबाला की दूरी 300 किलोमीटर से अधिक है, अब देखना होगा कि डालचंद कब तक अंबाला पहुंचते हैं और उनकी गु हार पर विज क्या कार्रवाई करते हैं।
 

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Content Writer

Shivam

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