कुछ ही सेकंड में खत्म हो गई जिंदगी…सीवर टैंक में उतरे 2 मजदूरों की मौत, लापरवाही पर उठे सवाल
punjabkesari.in Wednesday, Apr 15, 2026 - 05:22 PM (IST)
नूंह (अनिल मोहनिया) नूंह के फिरोजपुर झिरका के सिविल लाइन क्षेत्र में मंगलवार देर रात एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। सीवर की सफाई के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य मजदूर गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है और उसका इलाज जारी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, तीन सफाई कर्मचारी सीवर लाइन की सफाई के लिए अंदर उतरे थे। लेकिन सीवर में मौजूद जहरीली गैस के कारण कुछ ही मिनटों में हालात बिगड़ गए। दम घुटने के कारण दो मजदूर बाहर नहीं निकल सके और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। तीसरे मजदूर को भी बचाने के लिए नीचे उतारा गया, लेकिन उसकी तबीयत भी बिगड़ने लगी। बाद में उसे बाहर निकालकर अल आफिया अस्पताल मांडीखेड़ा में भर्ती कराया गया। मृतकों में एक मजदूर पलवल जिले का निवासी बताया जा रहा है, जबकि दूसरा उत्तर प्रदेश का रहने वाला था। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है।
इस हादसे के बाद सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मजदूरों को बिना किसी सुरक्षा उपकरण (जैसे गैस मास्क, सेफ्टी किट या ऑक्सीजन सपोर्ट) के सीधे सीवर में उतार दिया गया। यही लापरवाही उनकी मौत का कारण बनी।
घटना के बाद काम देख रहा ठेकेदार मौके से फरार हो गया, जिससे लोगों में भारी आक्रोश है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
मामले पर डीएसपी अजाब सिंह ने बताया कि यह घटना फिरोजपुर झिरका शहर की है, जहां जन स्वास्थ्य विभाग के दो सफाई कर्मचारियों की सीवर में दम घुटने से मौत हुई है। मृतक अब्दुल के पिता की शिकायत पर ठेकेदार और जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। वहीं, मृतकों के परिजनों का आरोप है कि उन्हें इस काम की कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने यह भी कहा कि हादसे के बाद जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी फोन बंद कर चुके हैं और कोई भी उनकी बात सुनने को तैयार नहीं है। परिजनों ने इस पूरे मामले में ठेकेदार और विभागीय अधिकारियों की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि आखिर कब तक मजदूरों की जान इस तरह लापरवाही की भेंट चढ़ती रहेगी। सीवर सफाई जैसे खतरनाक कामों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी न केवल गैर-जिम्मेदाराना है, बल्कि यह सीधे-सीधे मानव जीवन के साथ खिलवाड़ भी है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी गंभीरता से कार्रवाई करता है और दोषियों को कब तक सजा मिलती है।
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