वेश्यावृत्ति कराने के मामले में मुख्य आरोपी हिमाचल से गिरफ्तार, 3 दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा

punjabkesari.in Friday, Jun 24, 2022 - 09:42 AM (IST)

यमुनानगर : दि टिम्स होटल व कैफे संतपुरा रोड में बाहर से लड़कियों को लाकर वेश्यावृत्ति कराने के मामले में शहर पुलिस ने मुख्य आरोपी माडल कालोनी निवासी इशू उर्फ अंजिल चोपड़ा को काला आम्ब (हिमाचल) से गिरफ्तार किया है। उसे कोर्ट में पेश कर 3 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।  पहले गिरफ्तार किए गए पवन कुमार करहेड़ा खुर्द से पूछताछ के बाद अंजिल को पकड़ा गया है।

पवन को दोबारा से 3 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। थाना प्रभारी कमलजीत सिंह का कहना है कि आरोपी इशू एक-एक सप्ताह के लिए यहां पर लड़कियों को होटल में भिजवाता था जिनसे अनैतिक कार्य कराए जाते थे। पूछताछ में पता लगेगा कि उसका नैटवर्क कहां तक फैला है। किन राज्यों से वह लड़कियों को लेकर आता था। 
3 दिन पहले संतपुरा रोड पर द टिम्स होटल, कैफे व फूडिस्म कैफे में छापेमारी की गई थी। यहां पर एक दर्जन युवक-युवतियां आपत्तिजनक स्थिति में मिले। होटल के अंदर छोटे-छोटे कैबिन बना रखे थे। यहां से 3 लड़कियों को भी पकड़ा गया था। इन तीनों लड़कियों को कई दिन से यहां पर रखा हुआ था और वेश्यावृत्ति कराई जा रही थी। 

इन लड़कियों को उत्तर प्रदेश व पंजाब से यहां लाया गया था। पुलिस ने होटल संचालक कमालपुर निवासी सागर, पुराना हमीदा निवासी इरशाद व करेहड़ा खुर्द (बीच का माजरा) निवासी पवन कुमार को पकड़ा। पूछताछ में पता लगा था कि पवन कुमार ही दलाल है। वह बाहर से लड़कियों को यहां लेकर आता था। उसे 2 दिन के रिमांड पर लिया गया था। अब वह फिर से रिमांड पर है। आरोपी से पूछताछ के बाद अंजिल उर्फ ईशू का पता लगा।


गहनता से जांच होनी चाहिए
धीरे-धीरे साफ हो रहा है कि आखिर शहर में कैफे का चलन क्यों बढ़ रहा था। लोग भी ङ्क्षचतित थे। शहर के रणजीत घई, एडवोकेट विकास, एडवोकेट दिनेश सिंह चौहान, राकेश कुमार, अंकुर, साहिल व भावना जैन ने इस पर ङ्क्षचता जाहिर की है। उनका कहना है कि सभी कैफे की गहनता से जांच होनी चाहिए। यहां पर निश्चित ही गलत कार्य होता है। उन्होंने अक्सर देखा है कि कैफे पर ताला लगा दिया जाता है। कैफे के अंदर कम उम्र के मेल व फीमेल स्टूडैंट्स होते हैं। यदि यहां सब कुछ ठीक-ठाक है सही है तो ताला लगाने की जरूरत क्या है। वहीं होटल्स और सैलून की भी बाढ़ आ रही है।  


स्पैशल टीमें करें जांच
मई माह में भी पुलिस जांच कर रही थी तो अचानक एक कैफे पर जा पहुंची। छोटी लाइन स्थित रॉयल कैफे में पुलिस को संदिग्ध परिस्थितियां लगी। इस पर जब जांच की तो वहां कुछ स्टूडैंट्स मिले। इन्हें हिदायत देकर छोड़ दिया गया। आसपास के लोगों का कहना है कि अब तो सबके पास स्मार्टफोन हैं तो इन कैफों की क्या जरूरत है। कहीं न कहीं इनकी आड़ में गलत काम न हो रहा हो। लोगों का तो यहां तक कहना है कि इसके लिए फीमेल स्टाफ को शामिल कर स्पैशल टीमें बनाकर औचक रेड करवाई जाए।


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Content Writer

Isha

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