Nuh: रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया मंडी सुपरवाइजर, गिरफ्तारी से बचने के लिए पहली मंजिल से कूदा... सचिव फरार
punjabkesari.in Friday, May 01, 2026 - 12:48 PM (IST)
नूंह (सालाहेड़ी): हरियाणा स्टेट विजिलेंस ब्यूरो (एंटी करप्शन ब्यूरो) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए मंडी सुपरवाइजर वेदपाल को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। वहीं, मामले का मुख्य आरोपी मंडी सचिव मनोज कुमार फिलहाल पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
लाइसेंस के बदले मांगी थी ₹20,000 की रिश्वत
यह पूरी कार्रवाई गांव सालाहेड़ी निवासी जैद की शिकायत पर की गई। जैद ने विजिलेंस को दी अपनी शिकायत में बताया कि उसे मंडी का लाइसेंस जारी करवाना था, जिसके एवज में उससे 20,000 रुपए की मांग की गई थी। सौदेबाजी के बाद, सचिव के निर्देश पर 15,600 रुपए की राशि मंडी सुपरवाइजर वेदपाल को देना तय हुआ।
फिल्मी अंदाज में भागने की कोशिश
जैसे ही जैद ने रिश्वत की रकम सुपरवाइजर वेदपाल को सौंपी, विजिलेंस की टीम ने उसे घेर लिया। खुद को फंसता देख वेदपाल ने भागने की नाकाम कोशिश की और दफ्तर की पहली मंजिल से छलांग लगा दी। हालांकि, मुस्तैद विजिलेंस टीम ने उसे जमीन पर गिरते ही दबोच लिया। टीम ने उसके पास से रिश्वत के पैसे बरामद कर लिए हैं।
पुराना अपराधी है सुपरवाइजर
चौंकाने वाली बात यह है कि सुपरवाइजर वेदपाल आदतन अपराधी है। वह पहले भी भ्रष्टाचार के मामले में जेल जा चुका है और अभी हाल ही में जमानत पर बाहर आया था। बाहर आते ही उसने फिर से रिश्वतखोरी का जाल बिछाना शुरू कर दिया। विजिलेंस अधिकारियों के मुताबिक, मंडी सचिव मनोज कुमार इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है, जो फिलहाल फरार है। पुलिस की टीमें सचिव की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी और दबिश दे रही हैं।