फर्जी RC घोटाला: मिलिट्री के वाहन दिखाकर लगाते थे लाखों का चूना, आरोपी ने बनाई 1000 फर्जी फाइलें

2/23/2021 11:44:37 AM

यमुनानगर (सुरेंद्र मेहता): वाहनों के फर्जी रजिस्ट्रेशन घोटाले में दिन प्रतिदिन नई बातें सामने आ रही हैं। यमुनानगर पुलिस अधीक्षक कमल दीप गोयल ने अब नया खुलासा करते हुए बताया कि रजिस्ट्रेशन के समय वाहनों को मिलिट्री वाहन दिखाया जाता था जिसमें एनओसी की जरूरत नहीं पड़ती थी। और वाहन का चेसी नंबर भी बदल दिया जाता था। जिसके चलते वाहन का रजिस्ट्रेशन हो जाता था। उन्होंने बताया कि इससे ना सिर्फ हरियाणा सरकार को राजस्व का नुकसान हुआ बल्कि जिस  राज्य से गाड़ियां ली जाती थी वहां भी राजस्व का नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा गाड़ी की कीमत भी कम दिखाई जाती थी।

ऐसे वाहन भी एजेंटों के पास थे जिन्होंने दूसरे राज्यों में सरकार को पैसा देना था। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि अभी तक 3 लोगों की गिरफ्तारी हुई है। गिरफ्तारी के दौरान पूछताछ में एक आरोपी ने एक हजार के करीब फाइल बताई है जिनमें फर्जी रजिस्ट्रेशन हुआ है। लेकिन सही संख्या डाटा इकट्ठा किए जाने के बाद सामने आएगी। उन्होंने बताया कि इस मामले में गठित एसआईटी बहुत तेजी से जांच कर रही है। यह लोग फाइनेंस कंपनियों के द्वारा नीलाम की गई गाड़ियों को खरीदते थे। और उनके फर्जी बिल बनाए जाते थे। रजिस्ट्रेशन के समय मिलिट्री की गाड़ियां दिखाई जाती थी। जिसमें एनओसी की जरूरत नहीं पड़ती थी। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि इस मामले में कोई भी बड़े से बड़ा व्यक्ति चाहे अधिकारी शामिल होगा उसे बख्शा नहीं जाएगा।

गाड़ियों के फर्जी रजिस्ट्रेशन का खेल उस समय सामने आया जब सिरसा पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया जो यमुनानगर रजिस्ट्रेशन कार्यालय से गाड़ियां रजिस्टर्ड करवा कर बेचता था। धीरे-धीरे परतें खुलने लगी और पता चला कि यमुनानगर के बिलासपुर का वाहन रजिस्ट्रेशन कार्यालय भी इसमें शामिल है। अभी तक तीन गिरफ्तारियां हुई हैं और लोगों कई लोगों की गिरफ्तारियां बाकी है।

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Content Writer

Isha

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