विधायक व सांसद सिफारिश करना छोड़ दें तो भ्रष्ट अधिकारियों पर कार्रवाई करेगी सरकार : खट्टर

2/14/2021 1:02:00 PM

फरीदाबाद/चंडीगढ़ : मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने भ्रष्टाचार पर अपनी ही पार्टी केे सांसदों व विधायकों को नसीहत देते हुए कहा कि यदि सांसद और विधायक भ्रष्ट अधिकारियों की सिफारिश करना बंद कर दें तो भ्रष्ट अधिकारियों पर कार्रवाई करने में सरकार एक मिनट भी नहीं लगाएगी। दरअसल, जब एक सांसद ने एक भ्रष्ट अधिकारी के तबादले को लेकर सिफारिश की तो मुख्यमंत्री उखड़ गए और उन्होंने तत्काल भ्रष्टाचार पर सांसदों व विधायकों को नसीहत दे डाली। इस मौके पर राव इंद्रजीत को छोड़ प्रदेश के सभी सांसद मौजूद थे। 

शुक्रवार को दिल्ली में केंद्रीय राज्य मंत्री रतनलाल कटारिया के निवास पर आयोजित रात्रि भोज पर मुख्यमंत्री प्रदेश के सांसदों के साथ बजट को लेकर चर्चा कर रहे थे। इस दौरान बजट पर सांसदों ने अपने सुझाव भी मुख्यमंत्री को सौंपे और अनेक मुद्दों पर बजट को लेकर चर्चा भी की।  विधायकों के स्वैच्छिक फंड को लेकर प्रश्र चिन्ह लग गया है। कुछ समय पूर्व विधायकों ने दिल्ली के आधार पर विधायकों को स्वैच्छिक कोष देने का प्रस्ताव रखा था लेकिन बीती रात मुख्यमंत्री ने बजट पर सांसदों से चर्चा के दौरान यह स्पष्ट किया कि सांसदों को मिलने वाले स्वैच्छिक कोष पर भी रिपोर्ट अच्छी नहीं है जिसे लेकर केंद्रीय नेतृत्व काफी निराश है। 

बजट में सांसदों की राय को मिलेगी प्राथमिकता
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि पिछली बार की तरह इस बार भी हरियाणा के सांसदों की उनके क्षेत्रों में विकास से संबंधित अपेक्षाओं व उपयोगी सुझावों को प्रदेश के 2021-22 के बजट में निश्चित रूप से समाहित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि तीनों कृषि सुधार अधिनियम किसानों के हित व कृषि क्षेत्र की आॢथक समृद्धि के लिए हैं। कुछ लोग मात्र विरोध के लिए विरोध कर रहे हैं और उसमें राजनीतिक मंशा भी दिखती है। फिर भी यदि बातचीत के माध्यम से कोई संशोधन का विषय आता है तो प्रधानमंत्री ने पहले ही स्पष्ट कर रखा है कि केंद्र सरकार सदैव तैयार है, तैयार रहेगी और इसमें कोई बाधा नहीं है। आशा है कि कोई न कोई रास्ता अवश्य निकलेगा।

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Content Writer

Manisha rana

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