एक ही PAN पर 25 हजार रजिस्ट्रियां, आयकर विभाग की जांच में हुआ खुलासा

punjabkesari.in Sunday, Oct 11, 2026 - 09:55 AM (IST)

गुड़गांव, (ब्यूरो): बादशाहपुर तहसील में आयकर विभाग के सर्वे के दौरान 25 हजार रजिस्ट्रियों में एक ही पेन (Permanent account number)  ABCDEF1234 का प्रयोग होना पाया गया है। एक ही नंबर का पेन कार्ड पिछले दो साल में प्रयोग कर रजिस्ट्रियां की गई हैं। आयकर विभाग ने इससे एक बड़ा घोटाला होने का खुलासा किया है। आयकर अधिकारियों की मानें तो इस पेनकार्ड नंबर का उपयोग कर बेहद ही उच्च मूल्य की संपत्तियों की रजिस्ट्री की गई है। आयकर विभाग विभाग के निदेशक (I&CI) चंडीगढ़ ने जांच शुरू कर दी है। इस जांच के लिए 7 अधिकारियों की टीम गठित कर बादशाहपुर तहसील में जांच के लिए भेज दी है। यह जांच लगातार जारी है।

गुरुग्राम की ताजा खबरों के लिए लिंक  https://www.facebook.com/KesariGurugram  पर क्लिक करें।

 

जानकारी के मुताबिक, करीब 12 हजार संपत्तियों की 15 हजार करोड़ रुपये की ट्रांजेक्शन की गई है और इस संदर्भ में आयकर विभाग को सूचना तक नहीं दी गई है। इसके अलावा 35 हजार संपत्तियों की ट्रांजेक्शन की जांच में पाया गया है कि या तो इन संपत्तियों की ट्रांजेक्शन को आयकर विभाग में रिपोर्ट ही नहीं किया गया है या इनके साथ गलत पेन कार्ड नंबर जोड़े गए हैं। इन संपत्तियों की 55 हजार करोड़ रुपए की गड़बड़ी पाई गई है।

 

जांच के दौरान तहसीलदार और नायब तहसीलदार की भूमिका भी जांची जा रही है ताकि आयकर विभाग में रिपोर्ट न की गई हाई वेल्यु की संपत्तियों की जानकारी सामने आ सके। आयकर विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, हरियाणा मुख्य सचिव को इस गड़बड़ी के बारे में जानकारी दी गई है ताकि इन गड़बड़ियों को ठीक किया जा सके। आयकर विभाग को हरियाणा सरकार से स्टेटमेंट ऑफ फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन (SFT) ने मई 2026 तक की तो दी है, लेकिन इसमें पूर्ण रूप से पारदर्शिता नहीं है। अधिकारियों के मुताबिक, 140 तहसीलदारों ने अपनी एसएफटी गुरुवार तक विभाग को निर्धारित समय से पहले ही भेज दी है। वहीं, 120 तहसीलदार निर्धारित समय तक ही विभाग को भेजते हैं।  इस गड़बड़ी को ठीक करने के लिए तुरंत कदम उठाए जाएं और लंबित एसएफटी पारदर्शी तरीके से इस गड़बड़ी को दूर करते हुए फाइल की जाएं। आयकर विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जिन रजिस्ट्रियों में गड़बड़ी मिली है उनकी भी जांच की जाए ताकि आयकर विभाग को इसकी सही सूचना प्राप्त हो।




 

 


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Pawan Kumar Sethi

Related News

static