हरियाणा: कैग की रिपोर्ट में खुलासा, दुनियां से गए 91 हजार लोगों के नाम जा रही 98 करोड़ की पेंशन!

punjabkesari.in Saturday, Aug 13, 2022 - 09:03 AM (IST)

डेस्क:  हरियाणा के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग में पेंशन में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। कैग द्वारा विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान टेबल की गई रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ। स्थिति यह है कि 91 हजार से अधिक मृतकों के नाम पर बरसों पेंशन गई और 98 करोड़ से अधिक का गोलमाल हुआ। इनमें 1092 लोग तो ऐसे हैं, जिनकी डेथ के बाद विभाग ने उनकी पेंशन शुरू कर दी। यही नहीं, एक ही आधार नंबर पर 25 हजार लोगों को पेंशन देने का भी खुलासा हुआ है।  


लाभार्थी दुनिया में हैं ही नहीं तो पेंशन मिली किसे

कैग ने चालीस माह तक की अवधि के लिए चयनित योजनाओं को अपने ऑडिट में शामिल किया। इस दौरान पता चला कि 91 हजार 436 मृतकों के नाम पेंशन जारी कर दी गयी। खुलासा हुआ कि 74 हजार 983 वृद्धावस्था पेंशन योजना के मृतक लाभार्थी थे और उन्हें 81 करोड़ 29 लाख रुपये का भुगतान हुआ। इसी तरह से 12 हजार 900 विधवा और निराश्रित महिलाओं को पेंशन दी गयी। अब यह विभाग ही बता पाएगा कि लाभार्थी दुनिया में हैं ही नहीं तो पेंशन मिली किसे।



मौत के बाद पेंशन लेते रहे दिव्यांग व्यक्ति 

रिपोर्ट में सामने आया कि 3 हजार 553 दिव्यांग व्यक्ति भी अपनी मौत के बाद पेंशन लेते रहे। कैग आडिट रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि प्रदेश के छह जिलों– अंबाला, कैथल, करनाल, कुरुक्षेत्र, पंचकूला और यमुनानगर में 25 हजार 861 लोगों के खातों में उनकी मृत्यु के बाद पेंशन राशि डाली गई।

अब ब्याज सहित रिकवरी के आदेश

कैग ने 237 करोड़ 31 लाख रुपये के फर्जीवाड़े का खुलासा किया है। इतना ही नहीं, किसी की पेंशन किसी और के खाते में डाल दी गई। जैसे पेंशन बनी ‘राधेश्याम’ की और खाते में डाल दी गई ‘हरीराम’ के। दूसरों के नाम पर पेंशन डालने में ही 54 करोड़ 53 लाख रुपये से अधिक की गड़बड़ हो गई। मामला पकड़ में आने के बाद ब्याज सहित रिकवरी के आदेश दिए गए। कैथल में ही पांच मामलों में 6 लाख 11 हजार रुपये की वसूली हो पाई।


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Isha

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