पुलिस कमिश्नर ने अपराधों की समीक्षा बैठक में दिए अधिकारियों को दिशा-निर्देश
punjabkesari.in Saturday, Jan 10, 2026 - 10:39 PM (IST)
गुड़गांव, (ब्यूरो): गुरुग्राम के पुलिस कमिश्नर विकास कुमार अरोड़ा ने अपराधों की समीक्षा बैठक में पुलिस अधिकारियों से कहा कि सभी थाना प्रबंधक अपने थाना क्षेत्रों के अपराधियों पर नजर रखेंगें। साथ ही अपराधियों पर अपराध से कमाई संपत्तियों और कब्जा की गई सरकारी जमीनों पर बुलडोजर चलाने का अभियान तेज किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी केस की जांच के दौरान भारी नकदी मिलने पर इनकम टैक्स और ईडी के साथ भी साझा की जाएगी।
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अपराध समीक्षा बैठक में गुरुग्राम पुलिस की सभी पुलिस जोन्स (पूर्व, पश्चिम, दक्षिण व मानेसर) के डीसीपी, एसीपी, सभी एसएचओ व कार्यालयों के इंचार्ज मौजूद रहे। इस दौरान दुर्घटना में गम्भीर रूप से घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने के लिए सरकार द्वारा चलाई गई राहवीर स्कीम के बारे में दी गई विस्तृत जानकारी दी गई। पुलिस कमिश्रर ने कहा कि गैर पंजीकृत ट्रैवल एजेंटों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। आदतन अपराधियों के खिलाफ भी सख्ती से कार्रवाई करें।
बैठक में पुलिस कमिश्रर ने जिला में घटित अपराधों की समीक्षा करते हुए विशेष रूप से संगीन अपराध, संपत्ति संबंधी अपराध, साइबर अपराध, महिला अपराध, नशा तस्करी, सड़क अपराध एवं लंबित मामलों की स्थिति पर गहन चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अपराध नियंत्रण के लिए प्रभावी रणनीति, त्वरित कार्यवाही एवं सतत निगरानी सुनिश्चित की जाए।
सीपी ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया कि अपराधियों की पहचान करके उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्यवाही की जाए। वांछित व उद्घोषित अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए। लंबित मामलों के त्वरित निपटारे और विवेचना की गुणवत्ता में सुधार पर विशेष बल दिया गया। महिला सुरक्षा के विषय में सीपी विकास कुमार अरोड़ा ने निर्देश दिए कि महिला अपराधों में शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई जाए। पीड़ितों को संवेदनशील एवं त्वरित न्यायिक सहायता प्रदान की जाए। साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों को देखते हुए तकनीकी दक्षता बढ़ाने, जन-जागरूकता अभियान चलाने और त्वरित शिकायत निस्तारण पर जोर दिया गया। बैठक में नशा तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियानों की समीक्षा की गई तथा इस सामाजिक बुराई को जड़ से समाप्त करने के लिए इंटेलिजेंस आधारित कार्रवाई और अंतर-जिला समन्वय को मजबूत करने के निर्देश दिए गए। यातायात व्यवस्था एवं सडक़ सुरक्षा को लेकर भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
वहीं सरकार की राहवीर योजना के अंतर्गत सडक़ दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को समय पर अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचाने वाले व्यक्ति को 25 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। योजना को प्रभावी रूप से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रत्येक एसएचओ को कम से कम एक राहवीर चिन्हित/तैयार करना अनिवार्य होगा। हर वर्ष सभी जिलों द्वारा तीन राहवीरों के नाम सरकार को भेजे जाएंगे, जिनमें से 10 चयनित राहवीरों को एक लाख रुपये देकर सम्मानित किया जाएगा। राहवीरों को किसी भी प्रकार की कानूनी कार्यवाही में शामिल नहीं किया जाएगा।