राकेश टिकैत का बड़ा हमला, कहा- ऑपरेशन गंगा का नाम रखना वोट की राजनीति

punjabkesari.in Saturday, Mar 05, 2022 - 07:50 PM (IST)

करनाल(ब्यूरो): यूक्रेन में फंसे लोगों को भारत बुलाने के लिए कोशिशें जारी हैं। ऐसे में बीजेपी ने भारत में लाने वाले लोगों के लिए ऑपरेशन गंगा शुरू किया है। जिसके तहत यूक्रेन में फंसे लोगों को वापस लाया जा रहा है। लेकिन अब बीजेपी द्वारा रखे गए ऑपरेशन गंगा नाम को लेकर राजनीति शुरू हो गई है। जिसको लेकर किसान नेता राकेश टिकैत का बड़ा बयान सामने आया है औऱ राकेश टिकैत कहा कि ऑपरेशन गंगा का नाम रखना वोट की राजनीति है, जो कि बीजेपी की गंदी चाल है। आगे राकेश टिकैत ने कहा कि जहाज से यूक्रेन से वापस लाए गए युवकों से मोदी मोदी के नारे लगवाना राजनीति नहीं तो और क्या है।

दरअसल, राकेश टिकैच करनाल के डबकौली गांव में किसान नेता ओमपाल मदान के भतीजे एवं भतीजी की पत्नी के दर्दनाक मौत पर शोक जताने के लिए पहुंचे थे। इस दौरान कईं मुद्दों को लेकर सरकार पर निशाना साधा।

राकेश टिकैत ने कहा किसानों को 8 मार्च से 2 दिन की छुट्टी कर ट्रैक्टर ट्राली औऱ खाना लेकर मतदान केंद्रों पर पहुंचना होगा ताकि सरकार धक्के से चुनाव परिणाम घोषित कर गलत सर्टिफिकेट ना दे सके। उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन के दौरान किसानों को जिस तरह से सत्तासीन लोगों ने लांछित किया है। उसका असर चुनाव में हुआ है किसानों और सरकार के साथ किसान आंदोलन के दौरान हुए समझौते के लागू होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह समझौता लागू नहीं हुआ यह समझौता डिजिटिल समझौता था। इस समझौते के तहत ना तो किसानों को मुआवजा ही मिला है और न ही सभी किसानों के केस वापस हुए हैं और ना ही एमएसपी पर कानून बनाने की बात पूरी नहीं हुई।  सरकार इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठा रही है उन्होंने कहा कि अब सरकार से आर-पार की लड़ाई होगी।

आगामी चुनाव में क्या रणनीति रहेगी इस बारे में हुए सवाल पर उन्होंने कहा कि हम राजनीति से दूर हैं। हमारा संगठन तो गैर राजनीतिक है लखीमपुर खेरी मामले में उन्होंने कहा कि जो समझौता हुआ था उसमें से कुछ सरकार ने लागू किया। बाकी तो ऐसे ही है किसानों को कुचलने वाले अभी तक गिरफ्तार नहीं हुए और मंत्री अजय टेनी को तो पकड़ा ही नहीं जबकि उसके पुत्र जो कि मुख्य दोषी था उसे जमानत दे दी गई। उन्होंने कहा कि कोर्ट कचहरी और सिस्टम पर भी कब्जा हो चुका है। व्यवस्था को कब्जा मुक्त करने की जरूरत है। पंजाब में चुनाव लड़ रहे किसान संगठनों के नेताओं के बारे में पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि वह 4 महीने की छुट्टी पर गए हुए हैं वापस लौट कर आएंगे तो बात करेंगे चुनाव लड़ने वाले किसान संगठनों को एसकेएम से बाहर करने के निर्णय पर पूछे गए सवाल के बारे में उन्होंने कहा कि जब वह वापस आएंगे तो सोचेंगे घर आए हुए को भगाया तो नहीं जा सकता ।

 


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Content Writer

Vivek Rai

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