यात्रा निकालकर की गोहत्या पर रोक और राष्ट्र-माता के दर्जे की मांग
punjabkesari.in Monday, Jul 27, 2026 - 09:07 PM (IST)
गुड़गांव, (ब्यूरो): गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने और देशभर में पूर्ण गौहत्या बंदी की मांग को लेकर रविवार को गुरुग्राम में विशाल गौ सम्मान आह्वान यात्रा निकाली गई। बजरंग दल से जुड़े गौरक्षक मोनू मानेसर की अगुवाई में आयोजित इस यात्रा में सैकड़ों की संख्या में गौरक्षक, हिंदू संगठनों के पदाधिकारी, साधु-संत और गौ-समर्थक शामिल हुए। हाल ही में नियमित जमानत पर जेल से बाहर आने के बाद यह मोनू मानेसर का पहला बड़ा सार्वजनिक कार्यक्रम रहा।
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यात्रा की शुरुआत कमान सराय ग्राउंड से हुई, जहां आयोजित सभा में गौ-संरक्षण से जुड़े मुद्दों पर वक्ताओं ने अपने विचार रखे। इसके बाद यात्रा अग्रसेन चौक, डाकखाना चौक, सदर बाजार, सोहना चौक और राजीव चौक से होते हुए लघु सचिवालय पहुंची। यात्रा के दौरान "गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दो" और "देश में पूर्ण गौहत्या बंदी लागू करो" जैसे नारों के साथ गौ-संरक्षण के प्रति जनजागरूकता का संदेश दिया गया।
लघु सचिवालय पहुंचकर प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासनिक अधिकारियों के माध्यम से केंद्र सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने, पूरे देश में गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने, गोवंश संरक्षण के लिए अलग केंद्रीय 'गोसेवा मंत्रालय' के गठन तथा गौ-सुरक्षा के लिए एक समान और सख्त केंद्रीय कानून बनाए जाने की मांग की गई। यात्रा में शामिल साधु-संतों और महंतों ने गौ-संरक्षण को भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा से जुड़ा विषय बताते हुए समाज से इसके लिए एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गोवंश के संरक्षण के लिए राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी नीतियां बनाए जाने की आवश्यकता है।
उल्लेखनीय है कि मोनू मानेसर वर्ष 2023 के चर्चित भिवानी दोहरे हत्याकांड मामले में आरोपित रहे हैं। इस मामले में राजस्थान के दो युवकों नासिर और जुनैद की हत्या का आरोप लगाया गया था। करीब ढाई वर्ष तक न्यायिक हिरासत में रहने के बाद उन्हें हाल ही में राजस्थान हाईकोर्ट से नियमित जमानत मिली है। जेल से बाहर आने के बाद गुरुग्राम में आयोजित यह यात्रा उनका पहला बड़ा सार्वजनिक कार्यक्रम माना जा रहा है। यात्रा के मद्देनजर गुरुग्राम पुलिस और जिला प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। पूरे यात्रा मार्ग पर पुलिस बल और ट्रैफिक कर्मियों की तैनाती रही तथा कई प्रमुख चौराहों पर यातायात को अस्थायी रूप से डायवर्ट किया गया, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सका।