इंसानियत शर्मसार- सड़क पर बेसुध मिली थी महिला, बुजुर्ग ने कराया इलाज, ठीक हुई तो बुजुर्ग को प्रताड़ित कर रंगदारी मांगने लगी महिला, केस दर्ज

punjabkesari.in Wednesday, Jul 15, 2026 - 08:55 PM (IST)

गुड़गांव, (ब्यूरो): सड़क पर बेसुध और गंभीर हालत में पड़ी एक महिला की इंसानियत के नाते मदद करना एक बुजुर्ग के लिए जी का जंजाल बन गया। महिला ने अपने पति और एक अन्य साथी के साथ मिलकर न केवल बुजुर्ग का जीना दूभर कर दिया, बल्कि उनसे पांच लाख की रंगदारी की मांग भी शुरू कर दी। आरोपियों द्वारा लगातार दी जा रही मानसिक प्रताड़ना, जातिसूचक शब्द और आत्महत्या के लिए मजबूर करने की धमकियों के बाद आखिरकार गुरुग्राम पुलिस हरकत में आई। एसीपी मानेसर की जांच रिपोर्ट के बाद थाना सेक्टर-37 पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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पुलिस के मुताबिक, गांव खांडसा निवासी पीड़ित ने पुलिस आयुक्त को दी शिकायत में बताया कि वर्ष 2024 में आरोपी महिला सड़क पर बेहद दयनीय और बीमारी की हालत में पड़ी हुई थी। पीड़ित ने इंसानियत के नाते अपने घर से कपड़े लाकर महिला को दिए और उसे अस्पताल ले जाकर उसका इलाज करवाया। इसी सेवाभाव के बाद से महिला उन्हें जानने लगी। आरोप है कि ठीक होने के बाद महिला अपने घर चली गई और उसने अपने पति व एक अन्य साथी के साथ मिलकर पीड़ित को प्रताड़ित करने शुरू कर दिया। आरोपी व अन्य लोग पीड़ित के मोबाइल पर व्हाट्सएप कॉल कर अभद्र गालियां देते हैं और अश्लील मैसेज भेज कर परेशान करना शुरू कर दिया। पीड़ित ने जब परेशान होकर महिला के पति को इसकी जानकारी देनी चाही, तो उसने भी फोन पर पीड़ित को भयानक गालियां दी और धमकाया। 

 

शिकायत के मुताबिक, आरोपी पीड़ित को फोन पर लगातार धमकाया और जातिसूचक शब्द भी कहे। पीड़ित का आरोप है कि आरोपियों की प्रताड़ना यहीं नहीं रुकी। वे लगातार फोन कर पहले ढ़ाई लाख रुपये और अब सीधे पांच लाख रुपये की रंगदारी की मांग करने लगे। पैसे न देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। पीड़ित ने बताया कि इस समय उनका फोन उनकी पत्नी प्रयोग कर रही हैं, जिससे अब उनका पूरा परिवार गहरे मानसिक तनाव और डर के साये में जीने को मजबूर हुआ।

 

पीड़ित ने बताया कि उन्होंने स्थानीय पुलिस के अलावा हरियाणा के मुख्यमंत्री को भी शिकायत भेजी थी। हालांकि, पूर्व में जांच अधिकारी ने उन्हें सांत्वना दी कि आगे से कोई परेशान नहीं करेगा, लेकिन आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई। कार्रवाई न होने से परेशान पीड़ित ने चेतावनी दी थी कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो उनके पास सपरिवार आत्महत्या करने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचेगा। मामले की गंभीरता और उच्च अधिकारियों के निर्देशों के बाद, सहायक पुलिस आयुक्त मानेसर द्वारा विस्तृत जांच की गई। एसीपी कार्यालय से प्राप्त जांच रिपोर्ट के आधार पर थाना सेक्टर-37 पुलिस ने 13 जुलाई को आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।


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Content Editor

Pawan Kumar Sethi

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