राष्ट्रव्यापी हड़ताल को लेकर सर्व कर्मचारी संघ ने कसी कमर, सभी विभागों के कर्मचारी होंगे शामिल

11/25/2020 7:42:51 PM

गोहाना (सुनील जिदंल): तीन कृषि कानूनों के खिलाफ जहां एक तरफ देश व प्रदेश भर का किसान सड़कों पर उतर चुका है। वहीं अब कल 26 नवंबर को होने वाली राष्ट्रव्यापी हड़ताल को सफल बनाने के लिए मीटिंगे कर सरकार की परेशानी और बढ़ाने का काम किया है। गोहाना में सर्व कर्मचारी संघ के बैनर तले जिला स्तरीय मीटिंग करते हुए कर्मचारी नेताओं ने कहा कि कल की हड़ताल को लेकर सभी विभागों के कर्मचारियों ने अपनी पूरी तैयारी कर ली है, कल इस हड़ताल में सभी विभागों के कर्मचारी बढ़-चढ़कर शामिल होंगे।

कर्मचारी नेताओं ने सरकार पर वायदा खिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार लगातार कर्मचारी विरोधी नीति अपना कर कर्मचारियों को आंदोलन करने पर मजबूर कर रही है, जिसके चलते कर्मचारियों ने कल एक दिन की सांकेतिक हड़ताल का फैसला लिया है। इस हड़ताल में सभी विभागों के कर्मचारी शामिल होंगे। हड़ताल के बाद से सरकार की उल्टी गिनती शुरु हो जाएगी।

कर्मचारी नेताओं का कहना है कि निजीकरण व विभागों को तहस-नहस करने तथा कर्मचारियों के महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर राष्ट्रव्यापी हड़ताल की जा रही है। केन्द्र व राज्य सरकार की निजीकरण नीतियों के खिलाफ कर्मचारियों में भारी गुस्सा है। उन्होंने कहा प्रदेश की भाजपा-जजपा सरकार ने बार-बार कर्मचारियों की लंबित मांगों को नाजायज मानते हुए रद्दी की टोकरी में डाल दिया है।

उन्होंने कहा सरकार द्वारा मानी गई मांगों को लागू करने की बजाए कर्मचारियों को पहले से मिल रही सुविधाएं छीन कर जले पर नमक छिड़कने का काम किया है। प्रदेश महासचिव रमेश अत्री ने 26 नवम्बर की हड़ताल की प्रमुख मांगों का जिक्र करते हुए कहा कि लिपिक वर्गीय कर्मचारियों को पे लेवल-6 में 35400 वेतनमान सहित सभी विभागों में पुरानी पेंशन स्कीम लागू करने, सभी कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, योग्यता के आधार पर जेई के पद पर प्रमोट करना, अनुकंपा अधिनियम 1964 को पहले की भांति लागू किया जाए।

मृतक कर्मचारियों के आश्रितों को नौकरी देने की नीति में लगाई गई शर्तें हटाने, कोरोना महामारी से मृतक कर्मचारियों के परिवारों को एक्सग्रेसिया बीमा पॉलिसी के तहत 50 लाख रूपये मुआवजा देने, वेतनमान अपग्रेड करने, लिपिकों सहित अन्य कर्मचारियों को पंजाब के समान वेतनमान देने, सभी कर्मचारियों को 5000 रूपये जोखिम भत्ता देने,  कच्चे कर्मचारियों को नियुक्ति तिथि से पक्का करने, रोके गए डीए व अन्य भत्तों का भुगतान करने, कर्मचारी नेताओं ने सरकार की कर्मचारी व जन विरोधी नीतियों की जमकर आलोचना करते हुए जन स्वास्थ्य विभाग कर्मचारियों से हड़ताल में बढ़-चढ़ कर भाग लेने की बात को कहा।

भिवानी (अशोक भारद्वाज): सर्व कर्मचारी संघ के राज्य प्रवक्ता संदीप सांगवान ने कहा कि किसानों अपना धरना प्रदर्शन शांति पूर्ण करेंगे, लेकिन सरकार किसानों को गिरफ्तार करने में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल जोरों से होगी।


Shivam

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