हरियाणा में सौर क्रांति: कुरुक्षेत्र बना नंबर-1, मार्च 2026 तक 4,677 घरों को सोलर से जोड़ने का लक्ष्य
punjabkesari.in Saturday, May 09, 2026 - 01:58 PM (IST)
कुरुक्षेत्र (कपिल शर्मा ): हरियाणा में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। निगम के एस.सी. कुरुक्षेत्र मदन गोपाल जिंदल ने बताया कि 31 मार्च 2026 तक सोलर पैनल लगाने का लक्ष्य 4677 निर्धारित किया गया था, जबकि इसके मुकाबले 5117 सोलर पैनल स्थापित कर 110 प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया गया। इस उपलब्धि के साथ उत्तर हरियाणा क्षेत्र प्रदेशभर में शीर्ष स्थान पर रहा।
उन्होंने बताया कि अप्रैल माह में भी लगभग 700 नए सोलर पैनल लगाए गए हैं और वित्तीय वर्ष में तीन हजार आठ सौ सोलर पैनल लगाने का लक्ष्य रखा गया है जिसे हमने डबल यानी 7000 सोलर पैनल से ज्यादा लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार की विभिन्न योजनाओं और सब्सिडी का लाभ लोगों तक पहुंचाने के लिए निगम लगातार प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि दो किलोवाट तक के सोलर सिस्टम पर केंद्र सरकार की ओर से 60 हजार रुपये तक की सब्सिडी दी जा रही है, जबकि तीन किलोवाट तक से 10 किलोवाट तक के सिस्टम पर 78 हजार रुपये तक की सब्सिडी उपलब्ध है।
एस.ई. मदन गोपाल जिंदल ने बताया कि जिन बी.पी.एल परिवारों की वार्षिक आय 1 लाख 80 हजार रुपये से कम है, उन्हें केंद्र और राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त सहायता दी जाती है। इससे कई परिवारों का सोलर पैनल लगाने का पूरा खर्च लगभग निकल जाता है। उन्होंने कहा कि निगम लोगों को बैंक लोन की सुविधा के बारे में भी जागरूक कर रहा है ताकि आर्थिक रूप से कमजोर परिवार भी योजना का लाभ उठा सकें। उन्होंने बताया कि निगम अपने स्तर पर भी लोन की सुविधा बी.पी.एल परिवारों के लिए प्रदान करता है। जिसमें दो अन्य कैटेगिरी भी मुख्य रूप से रखी गई है जो उपभोक्ता लगातार बिना किसी विलंब के लगातार 3 साल से बिल भर रहे हैं उन्हें भी निगम की तरफ से सोलर पैनल लगवाने के लिए लोन उपलब्ध करवाया जा रहा है। इसके अतिरिक्त सरकारी कर्मचारियों के लिए भी निगम की तरफ से सोलर पैनल लगवाने के लिए लोन की सुविधा उपलब्ध है।
उन्होंने बताया कि मई माह को “सोलर मंथ” के रूप में मनाया जा रहा है। इसके तहत 8 से 10 बड़े जागरूकता अभियान गांवों में चलाए जाएंगे। लोगों को पंपलेट, डिजिटल बोर्ड और जनसंपर्क अभियानों के माध्यम से सोलर ऊर्जा के फायदे और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। इस अभियान में जिला प्रशासन और डी.सी कार्यालय का भी सहयोग लिया जा रहा है।
एस.ई. ने बिजली दरों और फिक्स्ड चार्ज की जानकारी देते हुए बताया कि यदि उपभोक्ता के पास 5 किलोवाट तक का सोलर सिस्टम है तो 300 यूनिट तक फिक्स्ड चार्ज नहीं लिया जाता। उन्होंने सोलर पैनलों के विभिन्न प्रकारों और उनकी उपयोगिता के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी।
नेट मीटरिंग प्रणाली पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि इस व्यवस्था के तहत उपभोक्ता अपने घर में उत्पन्न अतिरिक्त बिजली को बिजली निगम के ग्रिड में भेज सकता है, जिससे बिजली बिल में राहत मिलती है। यह योजना उपभोक्ताओं के लिए आर्थिक रूप से काफी लाभकारी साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार सोलर पैनल से यूनिट निकाल कर निगम को दिए जाते हैं उसी प्रकार निगम द्वारा दिए गए यूनिट्स को उपभोक्ता से मिलान करके बाकी का बिल जेनरेट होता है। एस.ई. मदन लाल जिंदल ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि वे सरकार की सोलर योजनाओं और सब्सिडी का अधिक से अधिक लाभ उठाएं तथा स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा अपनाकर बिजली बचत में योगदान दें