फरीदाबाद: खोरीवासियों का पुनर्वास न होने पर सुप्रीम कोर्ट नाराज

9/15/2021 8:29:54 AM

फरीदाबाद (दीपक पांडेय): खोरी कॉलोनी मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जाहिर करते हुए एक सप्ताह में उनको पुनर्वास करने के आदेश दिए है। कोर्ट के आदेश के बाद ही सुप्रीम कोर्ट में तोडफ़ोड़ की गई थी। कोर्ट ने कहा कि जिन लोगों केा आवेदन आ चुके हैं उनकी जांच कर एक सप्ताह में पुनर्वास की व्यवस्था की जाए। आवेदन करने वालों को आवेदन मिलने से एक सप्ताह में प्रोविजनल अलॉटमेंट किया जाए।वहीं दूसरी ओर अरावली वन क्षेत्र में बने अवैध निर्माण को तोड़े जाने के मामले में कोर्ट ने कुछ नहीं सुना। अब केस की सुनवाई 20 सितंबर को होगी। 

मजदूर आवास संघर्ष समिति ने की थी पुनर्वास की मांग 
मजदूर आवास संघर्ष समिति ने खोरी कॉलोनी के प्रभावित लोगों को लिए पुनर्वास करने की कोर्ट से मांग की है। निगम सूत्रों की मानें तो मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई में सरकार ने कहा कि प्रभावित लोगों को 2022 तक मकान आवंटित किए जाएंगे। क्योंकि जिन मकानों में प्रभावित लोगों केा शिफ्ट किया जाना है पहले उसका मेंटीनेंस कराया जाएगा। इस पर कोर्ट ने पूछा इतना समय क्यों लगेगा। सरकार ने कोर्ट को ये भी बताया कि छह सितंबर तक 2391 आवेदन आ चुके हैं। अभी भी लोगो के आवेदन जमा किए जा रहे हैं।

एक सप्ताह में आवदेन की जांच करने की मांग 
कोर्ट ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि लोगों को जल्द मकान दिए जाएं। आवेदन आने के एक हफ्ते में उनकी जांच की जाए। लोगों को प्रोविजनल आवंटन दिया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि निगम योग्य लोगों से आवेदन मिलने के बाद एक हफ्ते के भीतर कागजात की जांच कर प्रोविजनल आवंटन पत्र जारी करे। यह आवंटन अस्थायी होगा। साथ ही प्रभावित लोगों को यह वचन देना होगा कि यदि वे जांच प्रक्रिया के दौरान मानदंड स्थापित करने में असमर्थ रहते हैं तो वह आवास खाली कर देंगे। खाली करने का आदेश मिलने पर दो सप्ताह के भीतर आवास खाली करना होगा। यदि वे अंतिम जांच के बाद पात्र पाए जाते हैं तो आवंटन पत्र जारी किया जाएगा। 
 

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Content Writer

vinod kumar

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