कर्नाटक में कांग्रेस को ‘विजन से विजय’ के रोडमैप पर ला रहे हैं सुर्जेवाला, उपचुनाव के प्रचार में निरंतर जुटे रहे

punjabkesari.in Monday, May 04, 2026 - 08:32 PM (IST)

चंडीगढ़ (संजय अरोड़ा): सोमवार को 5 राज्यों के घोषित हुए चुनावी परिणामों के तहत बेशक भाजपा ने पांच में तीन राज्यों में शानदार जीत दर्ज की है मगर कर्नाटक में 2 सीटों पर हुए उपचुनाव के आए नतीजों ने कई मायनों को साफ कर दिया। चूंकि इन दोनों सीटों पर कांग्रेस के उम्मीदवारों ने ही अपने प्रतिद्वंद्वियों को मात देकर जीत हासिल की है। अहम बात ये है कि इस जीत से जहां ये बात पुख्ता हो गई कि कर्नाटक में कांग्रेस का जलवा बरकरार है तो वहीं इस चुनाव में मेहनत के पसीने और खास विजन व रणनीति को साधते हुए सुर्जेवाला एक ऐसा रोडमैप बनाने में कामयाब रहे जिसके तहत इस जीत ने ये साबित कर दिया कि 3 साल बाद भी कर्नाटक में कांग्रेस का कमाल जारी है। इसके अलावा सुर्जेवाला 3 साल पहले कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार बनाने से लेकर इन दोनों उपचुनावों में जीत से अपनी राजनीतिक कौशलता के साथ साथ चुनावी प्रबंधन नीति को साबित करने में भी कामयाब होते दिखाई दिए हैं। 

उल्लेखनीय है कि रणदीप सुर्जेवाला कर्नाटक में बागलकोट और दावणगेरे दक्षिण विधानसभा की सीटों पर हुए उपचुनाव को लेकर इस कदर संजीदा रहे कि उन्होंने चुनावी प्रचार की कमान न केवल संभाले रखे अपितु करीब 3 हफ्तों तक वे वहीं पड़ाव डाले हुए वॉर रूम से लेकर चुनावी प्रबंधन और प्रचार में जुटे रहे। इन चुनावी नतीजों ने कर्नाटक में कांग्रेस के प्रति अपने प्रभाव को तो दर्शाया ही है साथ ही पार्टी प्रभारी सुर्जेवाला के प्रति भी पार्टी हाईकमान का विश्वास और मजबूत हुआ है। चूंकि जैसे ही ये चुनाव घोषित हुए तो सुर्जेवाला ने खुद पार्टी हाईकमान से यहां प्रचार करने की बात कही और इसी कारण वे लगातार इन दोनों सीटों पर चुनावी सभाओं के साथ साथ बूथ स्तर तक होने वाली तैयारियों को खुद से सहेजे रखा।

परिणाम सामने आने पर सुर्जेवाला ने मतदाताओं के प्रति आभार जताते हुए कर्नाटक सरकार को भी बधाई दी है और इस जीत का श्रेय उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया व उप मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार को दिया है। एक खास पहलू ये भी है कि 20 मई को कांग्रेस की कर्नाटक सरकार के तीन साल पूरे हो जाएंगे, ऐसे में अब सुर्जेवाला ने सरकार के रिपोर्ट कार्ड व आगामी कार्यक्रमों पर खुद का फोकस कर लिया है।

कर्नाटक सरकार की गारंटियों को लेकर मैदान में उतरे थे रणदीप

गौरतलब है कि कर्नाटक की 2 सीटों पर उपचुनाव हुआ और पार्टी प्रभारी रणदीप सुर्जेवाला ने इस चुनाव को अपनी प्रतिष्ठा से जोड़ लिया क्योंकि पार्टी हाईकमान से उन्होंने खुद यहां प्रचार करने का जिम्मा लिया था। कई दिनों तक वे कर्नाटक में ही डटे रहे और चुनावी सभाओं में उन्होंने सरकार की उन तमाम गारटिंयों का रिपोर्ट कार्ड लेकर दस्तक दी जिनका सरोकार आम लोगों से था। कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने कई ऐसी महत्वपूर्ण गारटिंया दी हुई हंै जिससे हर वर्ग को लाभ भी मिल रहा है। सुर्जेवाला ने बतौर पार्टी प्रभारी यहां चुनावी सभाओं के साथ साथ अपने विशेष विजन को लेकर कार्य किया जिसका परिणाम सबके सामने हैं।

उल्लेखनीय है कि सितंबर 2020 में रणदीप सिंह सुर्जेवाला को कर्नाटक राज्य के प्रभारी का दायित्व दिया गया। 2023 में कर्नाटक में चुनाव हुए और इस बीच करीब अढ़ाई वर्षों के दौरान रणदीप सुर्जेवाला ने अधिकांश समय कर्नाटक में ही बिताया और वहां पर संगठन को मजबूती देने का काम किया।  जनता के खास मुद्दों को ध्यान में रखते हुए तैयार किए गए घोषणा-पत्र और एजैंडे के चलते वे कांग्रेस के प्रति जनता का आकर्षण भी पैदा करने में कामयाब हुए। रणदीप सुर्जेवाला ने कर्नाटक के तत्कालीन प्रदेशाध्यक्ष डी.के. शिवकुमार एवं सिद्धारमैया के साथ समन्वय कर टिकटों की सूची को अंतिम रूप दिया। इससे पहले भी कई राज्यों में चुनावी प्रबंधन का जिम्मा बखूबी संभाल चुके रणदीप सुर्जेवाला का कर्नाटक के चुनाव में प्रबंधन बेहद ही सटीक और गजब का रहा।

यही वजह रही कि कांग्रेस कर्नाटक में चुनाव जीत पाई। प्रदेश के सभी दिग्गजों को चुनाव मैदान में उतारने के साथ-साथ प्रचार की कमान सौंपी गई, जिससे न तो भीतरघात का खतरा रहा और कांग्रेस की एकजुटता का सकारात्मक प्रभाव मतदाताओं पर भी पड़ा। इस तरह से कांग्रेस बहुमत का आंकड़ा भी पार कर गई। वैसे भी रणदीप सुर्जेवाला गांधी परिवार की गुड बुक्स में शामिल हैं। खास बात यह है कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव एवं कर्नाटक के प्रभारी रणदीप सिंह सुर्जेवाला की ओर से 2023 में विधानसभा चुनाव से कुछ समय पहले ही 11 जनवरी 2023 को कर्नाटक में जनहित के मुद्दे उठाने के साथ-साथ तत्कालीन सरकार पर भ्रष्टाचार व अन्य मुद्दों को लेकर प्रहार करते हुए प्रजाध्वनि यात्रा की शुरूआत की थी। कर्नाटक के जिला चिकौड़ी से से शुरू हुई इस यात्रा के बाद माहौल कांग्रेस के पक्ष में होने लगा। इस यात्रा के दौरान सुर्जेवाला द्वारा अलग-अलग मुद्दों पर विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में जनसभाओं का आयोजन करके भी कांग्रेस के पक्ष में माहौल बनाने का प्रयास किया गया। गौरतलब है कि एक विशेष रणनीति के तहत कर्नाटक में कांग्रेस ने बेहतर चुनाव प्रबंधन के चलते 224 में से 135 सीटों पर  जीत दर्ज की थी। 

कर्नाटक में असर दिखा रही है कांग्रेस की गारंटी

विशेष बात यह है कि कर्नाटक के प्रभारी के रूप में रणदीप सिंह सुर्जेवाला ने 2023 में हुए विधानसभा चुनाव में घोषणा पत्र पर गंभीरता से काम किया और जनता को ऐसी गारंटियां दी, जिससे उनका जीवन स्तर सुधर सके। खास बात यह है कि पिछले 3 वर्षों में पांच ऐसी गारंटियों को पूरा किया गया है, जिसके बाद कर्नाटक के लोगों के जीवन स्तर में व्यवहारिक रूप में सुधार हुआ है। गृहलक्ष्मी योजना के तहत कर्नाटक की 1 करोड़ महिलाओं को 2 हजार रुपए प्रति माह दिए जा रहे हैं। दूसरी गारंटी में गृह ज्योति योजना के अंतर्गत करोड़ों परिवारों को 200 यूनिट बिजली फ्री दी जा रही है।

तीसरी गारंटी अन्न भाग्य योजना के तहत 4 करोड़ लोगों को 10 किलो अनाज प्रतिमाह दिया जा रहा है। चौथी गारंटी शक्ति योजना के तहत महिलाओं को बस में फ्री यात्रा सुविधा दी जा रही है। पांचवीं गारंटी युवा निधि योजना के तहत कांग्रेस सरकार राज्य के 3 लाख युवाओं को हर माह 3 हजार रुपए देती है। खास बात यह है कि कांग्रेस सरकार एवं कर्नाटक के प्रभारी रणदीप सिंह सुर्जेवाला के समन्वय एवं प्रयासों के बाद अब छठी गारंटी के तहत 1 लाख अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग के परिवारों को घर का मालिकाना हक दिया गया है, जो काफी समय से गांव के बाहर आबादी में रहते थे। इन्हें टांडा, हाड़ी, हट्टी, बड्डर कैंप, नायकर हट्टी, गोलर हट्टी आदि की संज्ञा दी गई है। 2 हजार ऐसी आबादियों को राजस्व गांव बनाया गया है, जिनकी पहचान पहले ढाणियों के रूप में होती थी। कर्नाटक सरकार का लक्ष्य है कि अगले 6 माह में बचे हुए 50 हजार परिवारों को मिशन मोड में जमीन का हक दिया जाए।
 

कांग्रेस की गारटिंयों और कन्नड़ स्वाभिमान की हुई जीत: सुर्जेवाला
पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं कर्नाटक प्रभारी रणदीप सुर्जेवाला कर्नाटक में 2 विधानसभा क्षेत्रों में हुए उपचुनाव के आए नतीजों को लेकर काफी गदगद हैं। उन्होंने सोशल मीडिया में एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि ‘धन्यवाद, कर्नाटक के हमारे भाइयों और बहनों। कांग्रेस ने बागलकोट और दावणगेरे दक्षिण दोनों विधानसभा उपचुनावों में भाजपा को हराकर निर्णायक जीत हासिल की। यह कन्नड़ स्वाभिमान की जीत है। यह हर कन्नड़वासी की जीत है। यह कांग्रेस की गारंटियों की जीत है। यह कांग्रेस कार्यकर्ताओं की जीत है। यह मल्लिकार्जुन खडग़े और राहुल गांधी के नेतृत्व की जीत है।

यह मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और पी.सी.सी अध्यक्ष डी.के. शिवकुमार तथा हर उस कांग्रेस नेता, पी.सी.सी वर्किंग प्रैसिडेंट, मंत्री, विधायक, सांसद, एम.एल.सी, पूर्व विधायक व पदाधिकारी की जीत है, जिन्होंने जमीनी स्तर पर काम किया। यह हमारे कांग्रेस उम्मीदवारों उमेश मेटी (बागलकोट) और समर्थ शमनूर (दावणगेरे दक्षिण) की जीत है।

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Content Editor

Krishan Rana

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