डेरा सच्चा सौदा में अवैध रूप से रखी गई थी बच्ची, हाईकोर्ट पहुंचा मामला... पिता ने दी याचिका
punjabkesari.in Friday, Aug 29, 2025 - 11:55 AM (IST)

चंडीगढ़: डेरा सच्चा सौदा में नाबालिग बच्ची की कथित अवैध हिरासत को लेकर पिता ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट की शरण ली। पिता ने याचिका में बच्ची को जबरन रखने का आरोप लगाया। याची ने आरोप लगाया कि बेटी को उसकी मां ने डेरे में अवैध रूप से रोका हुआ है। याचिका लंबित रहने के दौरान बच्ची को आश्रम में न रखा जाए क्योंकि यह कई विवादों और आपराधिक मामलों के लिए बदनाम रहा है।
पिता ने अपील की कि बच्ची को योग्य चाइल्ड साइकोलॉजिस्ट से काउंसलिंग दिलाई जाए और उसकी भलाई, भावनात्मक स्थिति और सर्वोत्तम हितों पर विशेषज्ञ रिपोर्ट ली जाए। डेरे के कारण बच्ची को स्वतंत्र इच्छा से निर्णय लेने का अवसर नहीं मिला। डेरे की ओर से तर्क दिया गया कि याचिका में संस्था के खिलाफ कोई विशेष आरोप या राहत नहीं मांगी गई है, इसलिए इसे खारिज किया जाना चाहिए।
याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने कहा बच्ची की काउंसलिंग पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़ द्वारा तत्काल करवाई जाए। जस्टिस सुभाष मेहला ने कहा कि बच्ची की कस्टडी से जुड़े मुद्दे पर उसकी काउंसलिंग करवाई जाए। इस संबंध में काउंसलिंग का शेड्यूल तैयार कर दोनों पक्षों के वकीलों को सूचित किया जाए। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि काउंसलिंग का पूरा खर्च पिता (याचिकाकर्ता) वहन करेंगे। इस मामले की अगली सुनवाई 9 सितंबर को होगी।
यह मामला गोवा निवासी पिता साइप्रियानो ब्रिट्टो की ओर से दायर हैबियस कार्पस याचिका से जुड़ा है। आरोप लगाया कि उसकी बेटी को उसकी मां ने डेरा सच्चा सौदा आश्रम, सिरसा में अवैध रूप से रोका हुआ है।
गोवा के रहने वाले याचिकाकर्ता पिता का कहना है कि अदालत से कई बार उन्हें बेटी की कस्टडी के आदेश मिले, लेकिन वह कभी अपनी बेटी से खुलकर बात तक नहीं कर पाए। डेरा सच्चा सौदा के हस्तक्षेप के कारण बच्ची को स्वतंत्र इच्छा से निर्णय लेने का अवसर नहीं मिला। डेरा सच्चा सौदा की ओर से तर्क दिया गया कि याचिका में संस्था के खिलाफ कोई विशेष आरोप या राहत नहीं मांगी गई है, इसलिए इसे खारिज किया जाना चाहिए।