लाखों रेल यात्रियों की मौज! अंबाला-चंडीगढ़ मार्ग पर बिछेंगी दो नई लाइनें, ट्रेनों की लेटलतीफी से मिलेगी मुक्ति
punjabkesari.in Thursday, Mar 05, 2026 - 06:06 PM (IST)
अंबाला: अंबाला से चंडीगढ़ के बीच यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों को राहत मिलेगी। हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज के प्रयास से इस रेलमार्ग पर तीसरी और चौथी रेल लाइन का निर्माण होगा। रेलवे ने इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए फाइनल लोकेशन सर्वे (एफएलएस) को हरी झंडी दे दी है। इससे अब जल्द ही धरातल पर काम शुरू होने की उम्मीद जग गई है।
कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने बताया कि उन्होंने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर इस मार्ग की व्यस्तता और यात्रियों की जरूरत का मुद्दा उठाया था। रेल मंत्री ने इस पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए सर्वे की स्वीकृति प्रदान कर दी है। विज ने इसके लिए केंद्र सरकार और रेल मंत्रालय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह परियोजना उत्तर भारत की कनेक्टिविटी के लिए मील का पत्थर साबित होगा। अंबाला छावनी से चंडीगढ़ मार्ग पर रोजाना हजारों की संख्या में कर्मचारी, व्यापारी, छात्र और श्रमिक आवागमन करते हैं। वर्तमान में दो लाइनें होने के कारण ट्रेनों का दबाव अधिक रहता है और इससे अक्सर देरी होती है। वर्तमान में लोग बसों और निजी वाहनों पर निर्भर हैं, जिससे समय और पैसा दोनों अधिक खर्च होते हैं। नई लाइनें बनने से न केवल यात्रा सुरक्षित और किफायती होगी, बल्कि नेशनल हाईवे पर ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा।
रेलवे अब जल्द ही मौके पर जाकर फाइनल लोकेशन सर्वे शुरू करेगा। इस सर्वे के माध्यम से ट्रैक का अलाइनमेंट, जमीन की जरूरत और तकनीकी पहलुओं को तय किया जाएगा, इसके बाद निर्माण कार्य के लिए टेंडर प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी। इस नई रेल लाइन के बिछने से पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के यात्रियों को भी सीधा लाभ मिलेगा।
अंबाला से चंडीगढ़ के बीच दो नई रेल लाइन बिछने से नई ट्रेनों के संचालन की रुपरेखा तैयार होगी, वहीं मौजूदा समय में संचालित ट्रेनों के समय में भी कटौती होगी। इसका सीधा फायदा यात्रियों को होगा जो अक्सर ट्रेन के देरी से चलने के कारण परेशानी का सामना करते हैं। इससे पहले रेलवे ने दिल्ली से अंबाला के बीच भी दो नई रेल लाइनों को बिछाने की स्वीकृति प्रदान की थी।
कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने कहा कि अंबाला से चंडीमंदिर, कालका-शिमला का सफर अब पहले से आसान होगा। डेराबस्सी से जीरकपुर बाईपास की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए 10 किलोमीटर लंबा एलिवेटिड (जमीन से ऊंचा) रोड बनाया जाएगा ताकि अंबाला से आने वाले वाहनों को सीधा बिना रुके जीरकपुर बाईपास पर जोड़ा सके और जीरकपुर बाईपास से वह सीधे चंडीमंदिर, कालका व शिमला के लिए जा सके। यह 10 किलोमीटर लंबा नया एलिवेटिड रोड निर्माणाधीन अंबाला-मोहाली हाईवे से शुरू होकर सीधा जीरकपुर बाईपास पर मिलेगा। इस पर लगभग 1464 करोड़ की लागत लगेगी। इस नई सड़क के बनने से वाहन चालकों के समय की बचत होगी। यह रोड डेराबस्सी के रज्जो माजरा से शुरू होकर जीरकपुर बाईपास पर जोड़ी जाएगी। ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने इस प्रोजेक्ट को लेकर केंद्रीय सड़क परिवहन, राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से सिफारिश की थी और अब इस पर काम होने पर उन्होंने मंत्री नितिन गडकरी का आभार जताया है।