ये कैसा सरकारी अस्तपाल? बच्चे के इलाज के नाम पर डॉक्टर ने परिजनों से मांगी मोटी रकम

punjabkesari.in Tuesday, Dec 07, 2021 - 06:11 PM (IST)

पलवल (दिनेश): सरकार ने गरीब व जरूरतमंदों को मुफ्त या फिर कम दरों पर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए हर जिले में सरकारी अस्पताल बनाए हुए हैं, जिनमें मोटी तनख्वाह वाले डॉक्टर भी तैनात किए गए हैं ताकि यहां आने वाले मरीजों को अच्छी चिकित्सा सेवा मिल सके। लेकिन पलवल के सरकारी अस्पताल में भ्रष्टाचार का बोलबाला देखने को मिला है। यहां तैनात डॉक्टर ने एक गरीब परिवार से बच्चे के इलाज के नाम पर 10 हजार रुपये की डिमांड की, जिसके बाद गरीब परिवार अपने बच्चे को बिना इलाज के ही वापस ले गए।

पलवल के निकटवर्ती ग्राम घुघेरा के निवासी गिरिराज सिंह ने बताया कि उनका पोता यश चौथी कक्षा का छात्र है। स्कूल में किसी दूसरे बच्चे के धक्का दिए जाने के बाद उसकी कोहनी में चोट आई थी, जिसके उपचार के लिए परिजन यश को जिला अस्पताल लेकर आए थे।  यहां 3-4 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद बच्चे के इलाज के लिए फाइल बनाई गई। आरोप है कि बच्चे के इलाज के लिए ऑपरेशन थिएटर में ले जाने की बात हुई तभी डॉक्टर ने 10 हजार रुपये की डिमांड रखी और कहा कि रुपये मिलने के बाद ही बच्चे का इलाज होगा। सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों द्वारा रुपयों की मांग की जाने पर परिजन सरकार और सरकारी डॉक्टरों को कोसते हुए हुए बच्चे को अस्पताल से बाहर ले आए। उनका कहना है कि जब मरीजों से रुपए मांगे जाते हैं तो यह किस बात का सरकारी अस्पताल है।

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बताया जा रहा है कि घटना शनिवार की है, शनिवार और रविवार छुट्टी होने के कारण स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी से बात नहीं हो पाई। सोमवार को भी एसएमओ डॉ. लोक वीर सिंह की छुट्टी होने के कारण से बात नहीं हो पाई। एसएमओ का चार्ज संभाल रहे डिप्टी सीएमओ डॉ. अजय माम से इस संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पताल में प्रदेश के किसी भी मरीज के लिए कोई चार्ज नहीं है और यदि कोई डॉक्टर पैसे की डिमांड करता है तो वह गलत है। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति इलाज के लिए पैसे ना दे। यदि कोई पैसे लेता है तो उसकी रसीद अवश्य ही लें।

डिप्टी सीएमओ ने बताया कि यदि उन्हें शिकायत मिलेगी तो वह इसके खिलाफ कड़ी कार्यवाही करेंगे। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यदि प्रदेश से बाहर का कोई नागरिक है तो उसके लिए फीस निर्धारित है तथा यदि कोई दवाई अथवा सामान्य अस्पताल में उपलब्ध नहीं है तो वह सामान भी मरीज के अटेंडेंट से मंगवाया जा सकता है लेकिन पैसे लेना और मांगना गलत है। यदि उनके पास में इस प्रकार की कोई शिकायत आती है तो वह उस पर अवश्य कार्रवाई करेंगे।
 

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Content Writer

Shivam

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