यूनियन बजट 2026-27 भारत को वैश्विक स्वास्थ्य हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम

punjabkesari.in Sunday, Feb 01, 2026 - 08:04 PM (IST)

गुड़गांव ब्यूरो : केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट 2026-27 पेश किया, जिसमें देश के स्वास्थ्य, शिक्षा, बुनियादी ढांचे और उद्योग क्षेत्रों के लिए दूरगामी और नवोन्मेष आधारित योजनाओं को जगह दी गई है। बजट से स्पष्ट होता है कि सरकार लंबी अवधि की सोच के साथ स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार और निवेश कर रही है, जिसमें मरीजों की सुविधा, किफायती इलाज, बायोफार्मा उत्पादन और हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर का सशक्त विकास शामिल है। बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए स्वास्थ्य क्षेत्र के प्रमुख संस्थानों के प्रतिनिधियों, डॉ. देवलीना चक्रवर्ती, एमडी, आर्टेमिस हॉस्पिटल्स और डी. एस. नेगी, सीईओ, आरजीसीआईआरसी ने अपने विचार साझा किए।

 

डॉ. देवलीना चक्रवर्ती, एमडी, आर्टेमिस हॉस्पिटल्स ने कहा, "यह बजट मरीज को प्राथमिकता देने वाले और भारत के लिए इनोवेशन आधारित हेल्थकेयर फ्यूचर तैयार करने की दिशा में बड़े बदलाव का संकेत देता है। 17 महत्वपूर्ण दवाओं पर, विशेष रूप से कैंसर एवं दुर्लभ बीमारियों के मामले में कस्टम्स ड्यूटी (उत्पाद शुल्क) हटाना इलाज को सस्ता बनाएगा और परिवारों के लिए मददगार होगा। 10,000 करोड़ रुपये से बायोफार्मा शक्ति की शुरुआत भी गेम चेंजर है। बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर्स के बढ़ते उत्पादन, एनआईपीईआर संस्थानों के विस्तार और 1,000 से ज्यादा मान्यता प्राप्त क्लीनिकल ट्रायल साइट्स की स्थापना के साथ भारत वैश्विक स्तर पर बायोफार्मा हब बनकर सामने आ रहा है। मेडिकल के नजरिये से देखें तो ये कदम गैर-संक्रामक बीमारियों के मरीजों के लिए किफायती, उच्च गुणवत्ता वाले इलाज तक पहुंच, सख्त नियमों और बेहतर नतीजों का वादा करते हैं। इससे देशभर में जीवन प्रत्याशा भी बढ़ेगी और जीवन की गुणवत्ता भी बेहतर होगी।"

 

डी.एस. नेगी, सीईओ, आरजीसीआईआरसी (राजीव गांधी कैंसर इंस्टीट्यूट एंड रिसर्च सेंटर) ने कहा, "17 कैंसर दवाओं पर उत्पाद शुल्क में छूट देते हुए आम बजट 2026-27 ने कैंसर मरीजों को सही समय पर बड़ी राहत दी है। साथ ही बजट ने ऑन्कोलॉजी केयर के भविष्य को भी मजबूती दी है। बायोफार्मा शक्ति स्कीम के तहत अगले पांच साल में 10,000 करोड़ रुपये के फोकस्ड इन्वेस्टमेंट से बायोलॉजिक्स में इनोवेशन को गति मिलेगी। कैंसर एवं अन्य गैर-संक्रामक बीमारियों के बढ़ते दबाव को देखते हुए यह बहुत महत्वपूर्ण है। साथ मिलकर इन कदमों से किफायती, एडवांस्ड और रिसर्च आधारित कैंसर केयर की दिशा में भारत की प्रतिबद्धता को मजबूती मिलेगी।"

 

कुल मिलाकर, इस बजट से स्वास्थ्य क्षेत्र में दीर्घकालीन सुधार, मरीज-केंद्रित नीतियां और घरेलू बायोफार्मा उत्पादन के माध्यम से भारत को वैश्विक स्वास्थ्य हब के रूप में मजबूती मिलने की उम्मीद है। इससे मरीजों को किफायती और उच्च गुणवत्ता वाला इलाज मिलेगा, स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं की क्षमता बढ़ेगी और देश की जीवन प्रत्याशा तथा जीवन गुणवत्ता में भी सुधार होगा।


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Content Editor

Gaurav Tiwari

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