बिजली संकट के बीच सुरजेवाला ने खट्टर सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

punjabkesari.in Sunday, May 01, 2022 - 03:11 PM (IST)

चंडीगढ़(धरणी) : हरियाणा में बिजली संकट के बीच विपक्ष, सरकार पर लगातार हमलावर है।  कांग्रेस महासचिव, रणदीप सिंह सुरजेवाला ने भी बिजली की कमी को लेकर प्रदेश और केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।  सुरजेवाला ने कहा कि जब प्रदेश में ‘गर्मी फुल’ और ‘बिजली गुल’, है तो फिर हरियाणा की बिजली गुजरात क्यों भेजी जा रही है ? रणदीप सिंह सुरजेवाला ने हरियाणा में ’भीषण बिजली संकट’ पैदा होने के पीछे की वजह  सरकार व प्राईवेट बिजली उत्पादकों में सांठगांठ होना बताया। 
 

प्राईवेट बिजली उत्पादकों से सांठगांठ कर हरियाणा की बिजली गुजरात भेज रही सरकार- सुरजेवाला 
 
  चंडीगढ़ में एक प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि पूरे हरियाणा में बिजली-पानी को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। उन्होंने कहा कि गांव हो या शहर हर जगह 12 से 20 घंटे तक का बिजली कट लग रहा है। सुरजेवाला ने कहा कि एक तरफ गर्मी ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं, तो वहीं दूसरी तरफ खट्टर सरकार ने प्राईवेट बिजली उत्पादकों से मिलीभगत कर लोगों के  अधिकारों पर डाका डाला है। उन्होंने कहा कि सरकार गुजरात के अडानी पॉवर मुंद्रा पावर प्लांट से मिलने वाली 1424 मेगावॉट बिजली का एक यूनिट बिजली भी नहीं ले रही बल्कि उल्टा सरकार मुंद्रा पावर प्लांट को प्रतिदिन लगभग 114 लाख यूनिट बिजली दे रही है। सुरजेवाला ने कहा कि गुजरात को बिजली देने के बदले खट्टर सरकार को एक फूटी कौड़ी भी नहीं मिलती होगी।  

हरियाणा के सरकारी खजाने को चूना लगाकर प्राईवेट कंपनियों से बिजली खरीद रही खट्टर सरकार 

 कांग्रेस महासचिव ने कहा कि हरियाणा के सरकारी खजाने को चूना लगाकर खट्टर सरकार दूसरी प्राईवेट कंपनियों से 5.75 रूपये प्रति यूनिट पर बिजली खरीद रही है। उन्होंने कहा कि 07 अगस्त 2008 को हुए एक समझौते के अनुसार,  हरियाणा की बिजली कंपनियों ने 2.94 रूपये प्रति किलोवॉट के हिसाब से अडानी पॉवर से 25 साल के लिए 1424 मेगावॉट बिजली लेने का करार किया था। इसके तहत अडानी पॉवर के गुजरात स्थित मुंद्रा बिजलीघर से हरियाणा के महेंद्रगढ़ तक बिजली की लाईन बिछाई गई। सुप्रीम कोर्ट में केस हारने के बावजूद भी  अडानी पॉवर ने इंडोनेशिया के कोयले की बढ़ी हुई कीमतों को कारण बताकर पिछले एक साल से हरियाणा को दी जाने वाली 1424 मेगावॉट की सप्लाई रोक रखी है। अडानी पॉवर को 1424 मेगावॉट बिजली देने के लिए बाध्य करने की बजाय प्रदेश की गठबंधन सरकार ने तीन साल के लिए मध्य प्रदेश के एमबी पॉवर और छत्तीसगढ़ स्थित आरकेएम पॉवर  से 5.70 रूपये व  5.75  रूपये प्रति यूनिट की दर से बिजली खरीदने का निर्णय लिया है।

 सुरजेवाला ने कहा कि ऑल इंडिया पॉवर इंजीनियर्स फेडरेशन ने भी देश के बिजली मंत्री, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और हरियाणा व गुजरात के मुख्यमंत्रियों को बाकायदा पत्र लिखकर अडानी पॉवर द्वारा हरियाणा को 25 साल के समझौते के मुताबिक 2.94 रूपये के हिसाब से 1424 मेगावॉट बिजली न देने तथा उल्टा हरियाणा के हिस्से की बिजली महेंद्रगढ़ से मुंद्रा ले जाने बारे साफ तौर से चेताया है। इसके बावजूद भी इसे लेकर कोई कार्रवाई नहीं की गई।    
      
सुरजेवाला ने खट्टर सरकार से पूछे पांच सवाल

प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए कांग्रेस महासचिव ने मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने 5 सवाल भी पूछे।   सुरजेवाला ने कहा कि हरियाणा के भयंकर बिजली संकट के बावजूद हरियाणा की 2356.30 लाख यूनिट बिजली महेंद्रगढ़ से गुजरात के मुंद्रा पावर प्लांट क्यों भेजी गई? सुरजेवाला ने   हरियाणा की बिजली गुजरात को सप्लाई करने को लेकर गुजरात के आगामी चुनावों से जोड़कर सवाल खड़े किए। इसी के साथ समझौते के बावजूद भी मुंद्रा पॉवरप्लांट द्वारा हरियाणा को 1424 मेगावॉट बिजली सप्लाई ना करने और 2.94 प्रति यूनिट की सस्ती बिजली की बजाय 5.75 की महंगी बिजली खरीदने को लेकर भी उन्होंने प्रदेश सरकार पर सवाल खड़े किए।      

 

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Content Writer

Vivek Rai

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