बाप और बेटे ने महिला के साथ धोखाधड़ी कर रजिस्ट्री करवाई बेटे के नाम

punjabkesari.in Thursday, Jun 30, 2022 - 09:07 AM (IST)

गुहला-चीका : बी.बी. राइस मिल चीका में 54 पैसे की हिस्सेदार सुषमा अग्रवाल की उस समय पैरों तले की जमीन खिसक गई जब उसने देखा की उसके राइस मिल की रजिस्ट्री कृष्ण लाल ने अपने बेटे गौरव गोयल के नाम करवा दी है। आश्चर्य तो इस बात का है कि सुषमा अग्रवाल को इस बात की ना तो भनक लगी और ना ही उन्हें ऐसा कुछ पूछा गया, जबकि बी.बी. राइस मिल की पार्टनशिप डीड तीनों पार्टनरों की सहमति से लिखी हुई है, जिसे नोटरी पब्लिक वकील से अटेस्ट करवाया गया है। जानकारी के अनुसार गुहला थाना में दर्ज एफ.आई.आर. नंबर-168 में कहा गया है कि सुषमा अग्रवाल द्वारा जिला पुलिस कप्तान को एक लिखित शिकायत दी गई थी जिसमें कहा गया है कि कृष्ण लाल व उनका बेटा गौरव गोयल हुड्डा आर-3 निवासी चीका ने धोखाधड़ी कर व 30 लाख रुपए हड़पने की मंशा से सुषमा अग्रवाल से चोरी छीपे बी.बी. राइस मिल की रजिस्ट्री अपने बेटे गौरव के नाम करवा दी है।

उक्त राइस मिल की जमीन 18 कनाल, 18 मरले जिसमें बिल्डिंग व मशीनरी लगी हुई है। शिकायत में कहा गया है कि अप्रैल 1999 से उपरोक्त चारों पार्टनरों ने मिलकर वर्ष-2017 तक उक्त राइस मिल को चलाया, जिसकी भूमि 18 कनाल, 18 मरले, मुरबा नंबर-41, किला नं-15,16 व 25 में पड़ती है। उक्त जमीन की बाजारी कीमत काफी ज्यादा बताई जाती है। उपरोक्त व्यक्तियों द्वारा यह राइस मिल 2017 में चलाया गया था और कृष्ण लाल का हिस्सा 30 पैसे था, लेकिन 28 नवंबर 2017 को कृष्ण लाल व ईश्वर चंद ने एक नई रिटायर्डमेंट डीड तहरीर करके पार्टनशिप डीड तैयार कर राइस मिल का मालिक कृष्ण लाल बन गया और राइस मिल की लेनदेन, आमदन, खर्च का मालिक कृष्ण लाल बन गया और यह फर्म 2020 तक अकेले ने चलाई। उसके बाद नई पार्टनशिप डीड 9 अक्तूबर 2020 को लिखी जिसमें कृष्ण लाल ने अपनी रिश्तेदार लीलावती चीका व सुषमा अग्रवाल को अपने साथ मिलाकर नई पार्टनशिप डीड लिखी और उन्हें राइस मिल में हिस्सेदार बना लिया। शिकायतकर्ता ने कहा है कि बी.बी. राइस मिल 54 पैसे की हिस्सेदारी बनने के बाद मैने अपने पति के खाता नंबर-055102187972एस.बी.आई. चंडीगढ़ में 30 लाख रुपए आर.टी.जी.एस. के माध्यम से कृष्ण लाल के खाते में ट्रांसफर कर दिए और मैं बी.बी. राइस मिल में 54 पैसे की हिस्सेदार बन गई। नई पार्टनशिप डीड नोटरी पब्लिक से अटेस्ट करवाकर दो लोगों की गवाही पवाई गई।

बाद में राइस मिल की तमाम देनदारी का जिम्मा लेते हुए कृष्ण लाल, लीलावती व सुषमा अग्रवाल ने एक हल्फीया बयान लिखकर लीज डीड तैयार कर उक्त राइस मिल को 9 अक्तूबर 2020 को ज्ञान गोयल राइस मिल के नाम से फर्म को ठेके पर दे दिया जिसका मालिक अजय गोयल है। शिकायत में यह भी दर्शाया गया है कि अजय गोयल को जो लीज डीड दी गई थी उसको सुषमा अग्रवाल द्वारा दोबारा से 30 सितम्बर 2022 तक लीज पर दे दी, क्योंकि सुषमा अग्रवाल का उक्त प्रोपर्टी में 54 पैसे हिस्सेदारी थी। अजय गोयल का उक्त राइस मिल पर आज भी कब्जा है। शिकायत में यह भी दर्शाया गया है कि रिकार्ड के अनुसार बी.बी. राइस मिल चीका की जायदाद के नाम दर्ज है जिसमें तीनों की हिस्सेदारी कृष्ण लाल 26 पैसे, लीलावती 20 पैसे और सुषमा अग्रवाल का 54 पैसे मलकीयत है। 

आरोप है कि कृष्ण लाल ने बेईमानी व बदनीयत से धोखाधड़ी करके सुषमा अग्रवाल को नाकाबिले पूर्ति नुकसान पहुंचाने के लिए व जमीन जायदाद व मशीनरी हड़पने की नीयत से अपने बेटे गौरव के साथ मिलकर षड्यंत्र रचा और दोनों ने सुषमा अग्रवाल का हिस्सा जायदाद तथा पैसा हड़पने की नीयत से धोखाधड़ी कर फर्जी दस्तावेज तैयार किए और कृष्ण लाल ने गलत तरीके से बी.बी. राइस मिल चीका की रजिस्ट्री 100 प्रति मालिक बनकर अपने बेटे के नाम वसीका नंबर-545, दिनांक-21 मई 2021 को चोरी छीपे तैयार करके व धोखाधड़ी करते हुए अपने पुत्र गौरव गोयल के नाम ट्रांसफर कर दी, जो एक सरासर धोखाधड़ी है। दोनों दोषियों ने आपस में मिलकर अपने फायदे के लिए सुषमा अग्रवाल को नुकसान पहुंचाने की नियत से फर्जी दस्तावेज तैयार करवाए और माल रिकार्ड में भी गलत तरीके से बी.बी. राइस मिल का नाम कटवाकर गौरव गोयल ने अपना नाम गैर कानूनी तरीके से दर्ज करवाया। 

सुषमा अग्रवाल का आरोप है कि उन्हें इस हेरा-फेरी का उस समय पता चला जब दोनों आरोपी कुछ लोगों को साथ लेकर बी.बी. राइस मिल का जबरदस्ती कब्जा लेने आए और जब सुषमा अग्रवाल ने ऐसा नहीं होने दिया तो उन्हें जब पुलिस को शिकायत करने बारे कहा तो उन्हें जान से मारने की भी धमकी दी गई, जिसके बाद हलका पटवारी से तमाम कागजात निकलवाए गए जिसमें पाया गया है कि उनके साथ एक बहुत बड़ा धोखा हुआ है। पुलिस ने एफ.आई.आर. नंबर-168 के तहत अपराध धारा- 420, 406,506 तथा 120बी. के तहत पिता-पुत्र के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इस बीच थाना प्रभारी गुहला ने बताया कि आरोपियों को पकडऩे के लिए पुलिस द्वारा एक टीम का गठन किया गया ताकि आरोपी शीघ्र पुलिस की गिरफ्त में हो।


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Content Writer

Isha

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