WhatsApp ग्रुप के जरिए RTO को चकमा देते थे हैवी वाहन चालक, पुलिस ने किया पर्दाफाश तो हुए कई खुलासे

punjabkesari.in Sunday, Dec 10, 2023 - 04:20 PM (IST)

 

अंबाला (अमन कपूर) : जिले में ओवरलोड चलने वाले डंपर टिप्पर वाहन चालक और मालिकों ने RTO द्वारा किये जाने वाले भारी भरकम चालान से बचने के लिए व्हाट्सअप पर कई ऐसे ग्रुप्स बनाये हुए थे जिनमें RTO के आने-जाने की पल पल खबर अपडेट की जा रही है। इसके बदले मंथली के हिसाब से एक रकम का लेनदेन होता था। इस बारे में अंबाला RTO ने पुलिस को शिकायत दी तो पुलिस ने मामले में अलग-अलग तीन पुलिस थानों में शिकायत दर्ज कर कई लोगों को हिरासत में लिया। इसके बाद पता चला कि इस मामले में 300 से अधिक लोग एक ग्रुप में जुड़े हुए हैं और अभी तक तीन ग्रुप के लोगों की जानकारी पुलिस को मिली है, जो ग्रुप चला रहे थे। ग़दर एक प्रेम कथा, एक नजर मेरे पीर की और 3 महादेव ड्राइवर ग्रुप के नाम से ये ग्रुप चल रहे थे। फ़िलहाल तीनों ग्रुप के एडमिन पुलिस की पकड़ में नहीं आए हैं। इनमें से एक एडमिन पर पहले भी इसी तरह का मामला दर्ज है।  

ओवरलोड डंपर टिप्पर वाहन चालक भारी चालान से बचने के लिए कई तरीके अपनाते हैं। ऐसा ही एक मामला अंबाला से सामने आया है। अंबाला पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो चालान से बचने के ली RTO की पल पल की जानकारी वाहन चालकों के साथ सांझा कर रहे थे। इसके लिए कई व्हाट्सएप ग्रुप भी बना रखे थे और ग्रुप के नाम भी अजीबोगरीब रखे गए। इन ग्रुपों में आरटीओ की गाड़ी कब कहां से गुजर रही है और कहां जा रही है यह सब बताया जाता था, ताकि ट्रक चालक सतर्क हो जाएं और समय से अपना रास्ता बदल लें। इन ग्रुप में लगभग 300 से ज्यादा लोग भी शामिल हैं। जिनमें कुछ ट्रक चालक और ट्रक मालिक हैं।

इस मामले पर ज्यादा जानकारी देते हुए अंबाला कैंट डीएसपी आशीष चौधरी ने बताया कि उन्हें आरटीओ की तरफ से एक शिकायत मिली थी कि आरटीओ विभाग की गाड़ियों की रेकी की जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने कई धाराओं के तहत अंबाला के अलग-अलग थानों में तीन एफआईआर दर्ज की और कई लोगों को हिरासत में लिया है। फिलहाल तीनों ग्रुप के एडमिन अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। ये लोग अलग-अलग नाम से (गदर एक प्रेम कथा, एक नज़र मेरे पीर की, महादेव ड्राइवर ग्रुप) ग्रुप चला रहे थे और इनमें से एक ग्रुप एडमिन तो पहले भी इसी तरह के मामले में पकड़ा जा चुका है।  इन ग्रुपों में आरटीओ कब दफ्तर से निकल रहे हैं, कब एक जगह से दूसरी जगह जा रहे हैं, इस बारे में पल-पल की रिपोर्ट दे रहे थे और इसके बदले ये पैसे लेते थे।

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Content Editor

Mohammad Kumail

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