महिलाओं से पीरियड्स के सबूत दिखाने का मामला, पुलिस ने कोर्ट को सौंपी क्लोजर रिपोर्ट, आरोपी को मिली बड़ी राहत
punjabkesari.in Sunday, Jan 11, 2026 - 12:49 PM (IST)
रोहतक: महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी में महिला कर्मचारियों से पीरियड्स के सबूत दिखाने के मामले में पुलिस ने अपनी जांच प्रक्रिया को पूरा करते हुए क्लोजर रिपोर्ट कोर्ट में जमा करवा दी है। जानकारी के मुताबिक पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में आरोपियों को क्लीनचिट दी है। इस मामले में पीड़ित महिलाओं ने धरने पर बैठने की चेतावनी दी है।
डी. एस. पी. रवि खुडिया ने बताया कि पुलिस की जांच में आरोपियों पर लगाए आरोप सही नहीं पाए गए। इस मामले में कोर्ट अपना फैसला देगी। बता दें कि एम.डी.यू. में 26 अक्तूबर को महिला सफाई कर्मचारियों के साथ सुपरवाइजर ने अभद्र व्यवहार करते हुए पीरियड्स की जांच करवाने के निर्देश दिए थे।
वहीं महिला कर्मचारियों को नौकरी से हटाने की धमकी भी दी गई। महिला कर्मचारियों ने मामले में सुपरवाइजर की शिकायत रजिस्ट्रार को दी। वहां से कार्रवाई न होने के बाद छात्र संगठनों को सूचना दी गई। महिला आयोग ने भी मामले में स्वयं संज्ञान लेते हुए एम.डी.यू. प्रशासन से रिपोर्ट मांगी। एम.डी. यू. की तरफ से जो रिपोर्ट महिला आयोग को दी उसमें 3 छात्र नेताओं पर ही मामला भड़काने का आरोप लगा दिया।
महिलाओं से पीरियड्स के सबूत मांगने के मामले में पी.जी.आई. थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एस.सी. एस.टी. एक्ट में केस दर्ज किया था, लेकिन पुलिस की तरफ से एक बार भी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया। न्याय के लिए हाईकोर्ट व सुप्रीम तक लड़ेंगे लड़ाई: छात्र नेता दिनेश कागड़ा ने बताया कि एम. डी. यू. प्रशासन पुलिस के साथ मिलकर आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रहा है। महिलाओं ने सभी सबूत दिए थे, लेकिन पुलिस की तरफ से भी मामले को रफा-दफा किया गया है। इस मामले में हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक न्याय की लड़ाई लड़ी जाएगी। साथ ही एम.डी.यू. में पीड़ित महिलाओं के साथ विरोध स्वरूप धरना दिया जाएगा।