गरीब दूधिए की बेटी ने NEET की परीक्षा में लहराया परचम, सुबह 3 बजे उठकर करती थी पढ़ाई

10/20/2020 1:13:13 PM

भिवानी(अशोक) : मेहनत गरीबी-अमीरी की मोहताज नहीं होती। इस बात को साबित कर दिखाया है गांव मिताथल निवासी एक गरीब दूधिए की बेटी सुशीला ने। सुशीला ने नीट की परीक्षा पास करके एमबीबीएस के कोर्स में अपना दाखिला सुनिश्चित कर लिया है। सुशीला ने 720 में से 638 अंक प्राप्त किए हैं। सुशीला ने बताया कि उसके पिता  दूध का काम करते हैं, जिसके चलते उसे भी अपने पिता के साथ सुबह तीन बजे उठकर पढ़ाई करने की आदत हो गई और इसी आदत ने उसे आज इस मुकाम पर लाया है।

सुशीला ने बताया कि उसकी योजना एमबीबीएस के बाद सिविल सर्विस करने की है। उसकी सफलता सोमवार को ग्रामीणों द्वारा सुशीला का सम्मान समारोह आयोजित किया गया। मिताथल की पंचायत ने सुशीला को सम्मानित किया। इस मौके पर भिवानी सैक्टर-23 की प्रागेसिव वेलफेयर एसोसिएशन की तरफ से उन्हे 2100 रूपये देकर सम्मानित किया गया।

इस मौके पर मिताथल के सरपंच प्रतिनिधि भीष्म ने कहा कि उन्हे गांव की बेटी सुशीला पर गर्व है। ग्राम पंचायत उसकी हर स्तर पर मदद करेगी। साथ ही उन्होंने कहा कि गांव की जो भी बेटी गांव का नाम रोशन करेगी, उन्हे भी इसी तरह सम्मानित किया जाएगा। वही सुशीला के चाचा राजेश ने बताया कि आज पूरा सैक्टर सुशीला अपने परिवार का सदस्य मानते हुए उसकी उपलब्धि पर गर्व कर रहा है। उन्होंने कहा कि आज एमबीबीएस करने के लिए लोग करोड़ों रूपये खर्च कर देते है, जबकि सुशीला ने यह तोहफा फ्री में दिया हैं। इस दौरान जनवादी महिला संगठन की तरफ से कृष्णा सिवाच ने सुशीला को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग लडक़े व लड़कियों में भेदभाव करते है और लड़कियों को पढऩे का मौका नहीं देते। हमे सुशीला से शिक्षा लेनी चाहिए। बेटियां, बेटों से ज्यादा माता-पिता का नाम रोशन कर सकती है। 

 


Isha

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