RC फर्जीवाड़े को लेकर SDM कार्यालय का सकारात्मक कदम, वाहनों की फिजिकल वैरीफिकेशन फिर शुरू

punjabkesari.in Thursday, Feb 25, 2021 - 09:00 AM (IST)

यमुनानगर: फिर से आर.सी. फर्जीवाड़ा न हो, इसके लिए एस.डी.एम. कार्यालय ने करीब 4 साल बाद वाहनों की फिजिकल वैरीफिकेशन शुरू कर दी है। यह कार्य बुधवार को भी जारी रहा। ई-दिशा जगाधरी के सामने वाहनों की वैरीफिकेशन के लिए कार्यवाहक एस.डी.एम. रादौर सुशील कुमार की देखरेख में डिप्टी सुपरिंटैंडैंट व मोटर रजिस्ट्रेशन क्लर्क उपस्थित रहे। हर रोज करीब 40 वाहनों की वैरीफिकेशन की जा रही है। 

एस.डी.एम. रादौर ने बताया कि ऐसा इसलिए किया जा रहा है, ताकि वाहन, सॉफ्टवेयर व फाइल का डाटा एक जैसा हो। इससे कार्य में पारदॢशता आएगी और फर्जीवाड़े की संभावना शून्य हो जाएगी। सोमवार से यह काम किया जा रहा है जोकि भविष्य में भी जारी रहेगा। इससे पहले 4 साल की अवधि में यह सारा कार्य ऑनलाइन हो रहा था। नामजद लोगों ने ऑनलाइन ही फर्जी आर.सी. बनाई। इसी को रोकने के लिए यह कवायद शुरू की गई है। इस मामले को ‘पंजाब केसरी’ ने प्रमुखता से उठाया था।यह है मामलाबीती 21 जनवरी को एस.डी.एम. जगाधरी ने आर.सी. में फर्जीवाड़ा होने पर हुडा थाने को शिकायत दी थी। इसके कुछ दिन बाद बिलासपुर एस.डी.एम. कार्यालय ने भी फर्जीवाड़ा का मामला दर्ज करवाया। सबसे पहले मामला सिरसा में उठा था। उसके बाद ही एस.डी.एम. जगाधरी व बिलासपुर ने शिकायत दी। दोनों मामलों की जांच एस.आई.टी. कर रही है। 

इन दिनों मामले में नामजद डाटा एंट्री ऑप्रेटर अमित, एम.आर.सी. जगाधरी राजिंद्र डांगी व सुनील चितकारा निवासी रोहतक रिमांड पर हैं। डांगी व अमित का रिमांड गुरुवार को पूरा हो रहा है। एस.आई.टी. गुरुवार को अमित को कोर्ट में पेश कर जगाधरी वाले मामले में पूछताछ के लिए रिमांड पर ले सकती है। सिरसा पुलिस का दावा है कि यह बड़ा फर्जीवाड़ा है। सैंकड़ों वाहनों का रजिस्ट्रेशन फर्जीवाड़ा कर किया गया है। इसको लेकर पुलिस की टीमें ई-दिशा और सरल केंद्र से रिकार्ड जुटा रही हैं। गौर रहे कि 14 जनवरी को सिरसा पुलिस ने जगाधरी में रजिस्टर्ड गाडिय़ां पकड़ी थीं, जिनके रजिस्ट्रेशन में गड़बड़ी थी। इस मामले में रोहतक के सुनील चिटकारा को गिरफ्तार किया गया। उसने 600 गाडिय़ों के कागजातों में फर्जीवाड़े की बात कबूली। उसने इसमें जगाधरी एस.डी.एम. आफिस के कर्मचारी राजेंद्र और अमित की संलिप्तता बताई। सिरसा सी.आई.ए. की टीम जगाधरी एस.डी.एम. आफिस में रिकार्ड लेने पहुंची तो एस.डी.एम. दर्शन कुमार ने जांच में पाया कि जिन 3 वाहनों को सिरसा पुलिस ने पकड़ा बै, उनकी फाइलें गुम हैं।

वहीं 16 फाइलों में गड़बड़ी मिली। इस पर उन्होंने भी एक एफ.आई.आर. हुडा जगाधरी थाने में दर्ज करवाई। इसमें कर्मचारी अमित, कुनाल, गगनदीप और शुभम को आरोपी बनाया गया। इसी तरह गांव सुढैल निवासी दीपक एक शिकायत लेकर एस.डी.एम. के पास पहुंचा। उसने कहा कि एच.आर.-02-ए.टी.-9747, एच.आर.-02-ए.टी.-2883, एच.आर.-02-ए.टी.-5106 गाड़ी का रजिस्ट्रेशन उसके पते पर किया गया है, जबकि उसने इन गाडिय़ों का रजिस्ट्रेशन करवाया ही नहीं है। सिरसा और हुडा थाना में दर्ज केस में अलग-अलग एस.आई.टी. बनी हुई है।
 

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Content Writer

Isha

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