न दिखते हैं लक्षण, अचानक छीन लेता है जिंदगी...हरियाणा में बढ़ रहा इस बीमारी का खतरा, रोहतक झज्जर बने हॉट-स्पॉट
punjabkesari.in Tuesday, Sep 08, 2026 - 12:36 PM (IST)
रोहतक (दीपक भारद्वाज) : देश में ओरल कैंसर यानी मुंह के कैंसर का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। पीजीआई के डॉक्टरों द्वारा उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक हर साल भारत में करीब 60 से 70 हजार नए ओरल कैंसर के मामले सामने आते हैं। इनमें से लगभग 40 हजार मरीजों की मौत हो जाती है। यानी हर साल सामने आने वाले मामलों में बड़ी संख्या में मरीज समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण जान गंवा देते हैं।
हरियाणा में रोहतक और झज्जर को भी ओरल कैंसर के बढ़ते मामलों के लिहाज से हॉट-स्पॉट माना जा रहा है। वही हरियाणा में संस्कृति और भाईचारे का प्रतीक बने हुक्के के कारण ओरल कैंसर के मामले बढ़ते जा रहे हैं तो वही तंबाकू गुटका भी कैंसर का कारण बना है। शुरुआती लक्षणों में ओरल कैंसर के लक्षण दिखाई नहीं देते लेकिन स्टेज 2 और स्टेज 3 के बाद कैंसर विकराल रूप धारण कर इंसान को मौत के आगोश में सुला देता है रोहतक पीजीआई ने ओरल कैंसर को लेकर जागरूकता अभियान चलाया है।
अगर ऐसा हो इंसान के लिए जानलेवा बीमारी कैंसर के लक्षणों का पता भी ना चले और इंसान की कैंसर के बाद मौत भी हो जाए,ज्यादातर ओरल कैंसर, यानी गले व मुह के कैंसर के लक्षण दिखाई नही देते ओर लोग ओरल केंसर की चपेट आ रहे है,हरियाणा में गुटका,तंबाखू बैन होने के बावजूद भी धड़ल्ले से बिक रहा है जो ओरल कैंसर का कारण बन रहा है,यही नही सबसे बड़ी वजह लोगों में जागरूकता की कमी और तंबाकू का बढ़ता इस्तेमाल है। गुटका, तंबाकू, बीड़ी और सिगरेट के सेवन से मुंह के कैंसर का खतरा बढ़ रहा है। हरियाणा में भाईचारे की पहचान माना जाने वाला हुक्का भी अब सेहत के लिए खतरा बन चुका है। प्रतिबंध के बावजूद कई जगहों पर गुटका और तंबाकू खुलेआम बिक रहा है, जबकि गांवों में चौक-चौराहों पर हर उम्र के लोग हुक्का पीते नजर आते हैं।रोहतक पीजीआईएमएस का डेंटल विभाग ग्रामीण इलाकों में लोगों को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चला रहा है। लोगों को कैंसर के शुरुआती लक्षणों की जानकारी देने के साथ-साथ जांच और इलाज की सुविधा भी दी जा रही है। वहीं बीड़ी, सिगरेट और तंबाकू की लत छुड़ाने के लिए अलग से सेंटर बनाया गया है।
पीजीआईएमएस के डेंटल विभाग के हेड ऑफ डिपार्टमेंट डॉ. मंजूनाथ के मुताबिक गुटके में करीब 3 हजार प्रकार के जहरीले रसायन पाए जाते हैं। डॉक्टर लोगों से अपील कर रहे हैं कि गुटका और तंबाकू का सेवन तुरंत बंद करें। उनका कहना है कि कैंसर की पहचान अगर पहली स्टेज में हो जाए तो इलाज की संभावना काफी बेहतर रहती है, लेकिन दूसरी और तीसरी स्टेज तक पहुंचने पर बीमारी गंभीर हो जाती है और जान का खतरा लगातार बढ़ता जाता है।डॉक्टरों के मुताबिक मुंह कैंसर होने से पहले कई संकेत देता है। मुंह में लंबे समय तक रहने वाले लाल या सफेद दाग-दाने, घाव, मुंह की बनावट में बदलाव और मुंह खोलने में परेशानी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कैंसर अचानक नहीं फैलता, बल्कि धीरे-धीरे शरीर में अपना असर बढ़ाता है। इसलिए मुंह में कोई भी असामान्य बदलाव दिखाई दे तो तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टर से जांच करवानी चाहिए। डेंटल विभाग के प्रोफेसर डॉ. हरनीत सिंह के मुताबिक ओरल कैंसर सिर्फ धूम्रपान करने वालों को ही नहीं, बल्कि बिना धुएं वाले तंबाकू, जैसे गुटका और अन्य तंबाकू उत्पादों का सेवन करने वालों को भी हो सकता है। मुंह में होने वाला कोई भी असामान्य बदलाव बीमारी का शुरुआती संकेत हो सकता है।
वही दूसरी ओर दांतो की जांच करवाने आई महिला में ओरल कैंसर के लक्षण पाए गए है,महिला ने बताया कि वो गुटका खाया करती थी लेकिन अब लक्षण कुछ और ही दिखाई दे रहे है जिसका इलाज शुरू किया गया है। गौरतलब है कि कैंसर सदियों से मौजूद है, लेकिन आज विज्ञान और चिकित्सा तकनीक ने इसकी जांच और इलाज को काफी आसान बनाया है। इसके बावजूद तंबाकू का सेवन, बदलती जीवनशैली, खानपान और प्रदूषण कैंसर के खतरे को बढ़ा रहे हैं। ऐसे में 60 से 70 हजार नए मामले और करीब 40 हजार मौतों का आंकड़ा बताता है कि ओरल कैंसर को लेकर जागरूकता और समय पर जांच कितनी जरूरी है।
गौरतलब है कि हरियाणा में कैंसर तेजी से फैल रहा है। पिछले पांच वर्षों में जहां रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ी है, वहीं मौतों के मामलों में भी उछाल आया है। पिछले साल कैंसर के 33 हजार 395 मरीज मिले, जबकि 18 हजार 387 मरीजों की मौत हो गई।स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा राज्यसभा में रखी गई रिपोर्ट के अनुसार हरियाणा में कैंसर के नए मामलों में वर्ष 2021 और 2025 के बीच लगभग 11.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई है जो राष्ट्रीय औसत 10.05 प्रतिशत से ज्यादा है। इसी अवधि में कैंसर से होने वाली मौतों में लगभग 11.1 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो राष्ट्रीय औसत 10.06 प्रतिशत से अधिक है। वर्ष 2025 में कैंसर के नए मामलों और कैंसर से होने वाली मौतों, दोनों ही मामलों में हरियाणा सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 17वें स्थान पर है।