मोदी को पूर्व सैनिक की पत्नी ने चिट्ठी के साथ भेजा कुछ ऐसा, सब रह गए हैरान

5/11/2017 1:37:59 PM

फतेहाबाद(रमेश भट्ट):भारतीय सैनिकों पर लगातार बढ़ रहे हमलों, सैनिकों की नृशंस हत्याओं के मुद्दे पर अब सैनिक परिवारों का गुस्सा सीधे प्रधानमंत्री पर निकलता दिखाई दे रहा है। यहां फतेहाबाद के गांव बीसला के पूर्व सैनिक धर्मबीर काजला की पत्नी सुमन काजला ने जिला सैनिक बोर्ड की मार्फत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके 56 इंच सीने के लिए 56 इंच का लेड़ीज अंतर्वस्‍त्र भेजा है। लेडीज अंतर्वस्‍त्र के साथ सुमन काजला ने एक पत्र भी प्रधानमंत्री के नाम लिखा है जिसमें पूर्व सैनिक की पत्नी ने मांग की है कि या तो सैनिकों को आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई की छूट दे दी जाए या फिर प्रधानमंत्री लेडीज अंतर्वस्‍त्र पहनकर बैठ जाए और अपने पद से इस्तीफा दे दें। 
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प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ इस तरह बेहद गुस्से की वजह बताते हुए सुमन काजला ने कहा है कि प्रधानमंत्री बनने से पहले चुनाव से पूर्व जब आतंकवादी सैनिक हेमराज का सर काटकर ले गए थे उस समय नरेंद्र मोदी ने कहा था कि सरकारों को ‘लव लेटर’ (पत्र-व्यवहार) नहीं भेजना चाहिए बल्कि सैनिक के सिर काटने वालों से बदला सिर काटकर ही लेना चाहिए। 
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सुमन काजला ने प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में पूछा है कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास ‘दुश्मनों’ ये लड़ने की हर ताकत है तो प्रधानमंत्री सख्त एक्शन क्यों नहीं ले रहे, क्यों हर रोज सैनिकों की कुर्बानियां देने वाले हालात बनाए जा रहे हैं? सेना को क्यों कार्रवाई की खुली छूट नहीं दी जा रही है?
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सुमन काजला के साथ जिला सैनिक बोर्ड पहुंचे उनके पति धर्मबीर काजला ने भी सरकार और प्रधानमंत्री पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि इस तरह सैनिकों की नृशंस हत्या होती रही और प्रधानमंत्री ने कुछ नहीं किया तो देश नौजवनों और उनके परिवारों के हौसले कमजोर होंगे जो सेना में जाकर अपने देश की सेवा करने का सपना संजोए हुए हैं। उन्होंने कहा कि देश का सैनिक उसका गौरव होता है और आज प्रधानमंत्री को जरूरत कि वे देश के गौरव की रक्षा के लिए उचित फैसले लें न कि कायर बनकर तमाशबीन बनें। 
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बता दें कि पूर्व सैनिक धर्मबीर काजला ने 15 वर्ष तक सेना में नौकरी की। जाट रेजीमेंट में तैनात रहे धर्मबीर काजला ने 15 में से करीब साढ़े 11 वर्ष तक कश्मीर में काउंटर इमरजेंसी में तैनात रहे और बहुत से ऑप्रेशन में भाग लेते हुए सफलतापूर्वक आतंकियों का सामना किया। इसी के चलते धर्मबीर काजला 2 बार राष्ट्रपति से सेना मेडल ग्लैंटरी अवॉर्ड से सम्मानित हुए। धर्मबीर काजला कहते हैं कि देश के सैनिक थप्पड़ खा रहे हैं, गर्दन कटवा रहे हैं इसका मतलब ये नहीं है कि सैनिक कमजोर है, सेना को मुकाबला करने का प्रधानमंत्री मौका दे तो दुश्मन की हिम्मम नहीं है कि वह भारत की जमीन पर पैर रख सके।