जेल गए भाई के नाम पर लिया 6.28 करोड़ का लोन
punjabkesari.in Thursday, Mar 05, 2026 - 08:15 PM (IST)
गुड़गांव, (ब्यूरो): सेक्टर-14 थाना एरिया में जेल गए युवक के नाम पर उसके भाई द्वारा 6,28,31,772 रुपए का लोन लेने का मामला सामने आया है। आरोपी ने फर्जी डाक्यूमेंट लगाकर बैंक अधिकारियों से मिलीभगत कर वारदात को अंजाम दिया था। पीडि़त को इसका पता तब चला जब उसका क्रेडिट स्कोर खराब हो गया और उसे लोन नहीं मिल सका। पीडि़त ने अपने भाई, भाभी और भतीजे के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई है।
पुलिस को दी शिकायत में सेक्टर-48 में रहने वाले सुशील कुमार ने कहा कि वह किसी मामले में जुलाई 2017 से जुलाई 2018 तक न्यायिक हिरासत में जेल में बंद था। इस दौरान वह किसी भी कारोबार, दस्तावेज पर हस्ताक्षर या बैंक जाने में असमर्थ था। लेकिन उसके भाई डीएलएफ फेज-3 निवासी सतीश कुमार यादव, भाभी लतेश और लोकेश ने उसके दस्तावेजों का दुरुपयोग कर अधिकारियों से मिलीभगत कर विभिन्न बैंकों से उसके नाम पर6,28,31,772 रुपए का संयुक्त लोन ले लिया। इसमें आईडीएफसी फर्स्ट बैंक से 74 लाखन 55 हजार 224 रुपए, 2 करोड़ 48 लाख 47 हजार 187 रुपए, 59 लाख 31 हजार 361 रुपए के लोन शामिल हैं। ये लोन 2017 में खुले और 2021 तक बंद हुए, जिसमें सेटलमेंट और राइट-ऑफ राशि दर्ज है। इसके अलावा पिरामल फाइनेंस से 1 करोड़ 30 लाख 98 हजार रुपए, जो 2017 में खुला, 2023 में बंद हो गया। जबकि एडी बिरला कैपिटल से 15 लाख रुपए का लोन 2018 में खुला, 2022 में बंद हुआ। वहीं कैपरी ग्लोबल से 1 करोड़ रुपए का लोन 2017 में खुला और बंद हुआ।
आरोप है कि लोन लेने के दौरान सुशील कुमार के जाली हस्ताक्षर किए गए। वहीं फर्जी दस्तावेज बनाए गए और बैंक अधिकारियों ने आवश्यक जांच-परख किए बिना लोन मंजूर कर दिए। हिरासत के दौरान ही इन लोन को अवैध रूप से सेटल किया गया। जिससे उसके नाम पर गलत क्रेडिट हिस्ट्री बन गई। सुशील कुमार की रिहाई के बाद भी सतीश कुमार के परिवार ने उन्हें धोखे में रखा। वहीं उनकी पत्नी की संपत्ति का गिफ्ट डीड उनके पक्ष में करवा लिया, जिसका मामला सिविल कोर्ट में लंबित है। सुशील का आरोप है कि हाल ही में उन्हें 400 करोड़ रुपए के वर्क ऑर्डर मिले। इन कामों को पूरा करने के लिए उन्होंने बैंक से लोन लेने का आवेदन किया तो के्रडिट रिपोर्ट में एडवर्स एंट्री के कारण उन्हें लोन देने से मना कर दिया गया। सुशील ने जब अपनी के्रडिट हिस्ट्री निकलवाई तो उन्हें इस जालसाजी का पता चला। उसकी शिकायत पर उच्च अधिकारियों के निर्देश के बाद सेक्टर-14 थाने में केस दर्ज किया गया है। फिलहाल इस केस की जांच ईओडब्ल्यू-2 पुलिस टीम कर रही है।